गर्मियों में डिहाइड्रेशन से बचने के घरेलू और आयुर्वेदिक उपाय
Share this article:
गर्मियों का मौसम जहां प्रकृति की चमक लाता है, वहीं यह शरीर के लिए कई चुनौतियां भी लेकर आता है। इनमें सबसे सामान्य और गंभीर समस्या है – डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की कमी। यह न केवल कमजोरी बल्कि कई बार अस्पताल तक ले जा सकता है। लेकिन अच्छी बात यह है कि कुछ सरल घरेलू और आयुर्वेदिक उपाय अपनाकर हम इस परेशानी से खुद को सुरक्षित रख सकते हैं।
गर्मियों में डिहाइड्रेशन की समस्या आम है, लेकिन थोड़ी सी सतर्कता और आयुर्वेदिक जीवनशैली को अपनाकर इसे रोका जा सकता है। पानी, प्राकृतिक पेय और ठंडक देने वाले भोजन को अपनी दिनचर्या में शामिल करें और गर्मी का आनंद स्वस्थ तरीके से लें।
1. पानी का पर्याप्त सेवन
सबसे बुनियादी लेकिन ज़रूरी उपाय है – दिन में 8 से 10 गिलास पानी पीना। गर्मी में शरीर पसीने के ज़रिए बहुत सारा पानी खोता है, जिसे नियमित अंतराल पर पानी पीकर पूरा किया जा सकता है।2. नारियल पानी और छाछ का सेवन
नारियल पानी प्राकृतिक इलेक्ट्रोलाइट्स से भरपूर होता है जो शरीर को तुरंत ऊर्जा देता है। वहीं, छाछ न केवल शरीर को ठंडक देती है बल्कि पाचन तंत्र को भी मज़बूत बनाती है।3. बेल, आम पना और जलजीरा
बेल का शरबत आयुर्वेद में त्रिदोषनाशक माना गया है। यह शरीर को शीतलता प्रदान करता है और डिहाइड्रेशन से बचाता है। आम पना गर्मी से बचाने वाला पारंपरिक पेय है। जलजीरा पाचन भी ठीक करता है और लू से बचाता है।4. खाने में ठंडक देने वाले खाद्य पदार्थ शामिल करें
खीरा, ककड़ी, तरबूज, खरबूजा जैसे फल शरीर में पानी की मात्रा बढ़ाते हैं। इन्हें दोपहर के भोजन में या स्नैक्स के रूप में शामिल करें।You may also like
- 'Fuelling anti-semitism fire': Why are Israel and US angry at France? Macron to recognise Palestinian state at UNGA
- Warning as nationwide 'Emergency Alert' could put some people at risk - how to opt out
- 'I have not stepped into politics': B. Sudershan Reddy
- Shree Mata Vaishno Devi Yatra remains suspended for sixth consecutive day
- Jeremy Clarkson's brutal swipe at Keir Starmer and Angela Rayner for trying to be 'relatable'
5. धूप से बचाव
तेज़ धूप में बाहर निकलते समय छाता, टोपी या सूती कपड़े पहनें। बच्चों और बुज़ुर्गों को विशेष रूप से दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचाना चाहिए।6. मटके का पानी
आयुर्वेद के अनुसार मटके का पानी ठंडा और संतुलित होता है। यह शरीर को बिना नुकसान पहुंचाए ठंडक देता है और डिहाइड्रेशन से बचाता है।7. शरीर को नम रखें
तेज़ पसीने के कारण शरीर की त्वचा भी सूखने लगती है। ऐसे में स्नान के बाद हल्का मॉइस्चराइज़र या गुलाब जल मिलाकर शरीर पर लगाना लाभकारी होता है।8. कैफीन और शराब से दूरी
गर्मियों में कैफीन और एल्कोहल युक्त पेय शरीर से अधिक पानी बाहर निकालते हैं। इनसे परहेज़ करना चाहिए।गर्मियों में डिहाइड्रेशन की समस्या आम है, लेकिन थोड़ी सी सतर्कता और आयुर्वेदिक जीवनशैली को अपनाकर इसे रोका जा सकता है। पानी, प्राकृतिक पेय और ठंडक देने वाले भोजन को अपनी दिनचर्या में शामिल करें और गर्मी का आनंद स्वस्थ तरीके से लें।