एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर 10 फल जो शरीर को रखते हैं स्वस्थ
हम अक्सर सुनते हैं कि फल खाना सेहत के लिए फायदेमंद होता है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि कुछ फल दूसरों की तुलना में कहीं ज्यादा शक्तिशाली क्यों माने जाते हैं? इसकी एक बड़ी वजह है उनमें मौजूद प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट। ये ऐसे यौगिक होते हैं जो शरीर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने वाले फ्री रेडिकल्स से बचाने में मदद करते हैं। आज की तेज रफ्तार जिंदगी, प्रदूषण, तनाव और अनियमित खानपान के बीच एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर फल पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गए हैं। आइए जानते हैं कि कौन से फलों में सबसे ज्यादा प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं और इन्हें अपनी डाइट में शामिल करना क्यों समझदारी भरा फैसला हो सकता है।
इसी वजह से डॉक्टर और पोषण विशेषज्ञ रोजाना रंग-बिरंगे फलों को खाने की सलाह देते हैं। अलग-अलग रंग के फल अलग प्रकार के एंटीऑक्सीडेंट प्रदान करते हैं, इसलिए भोजन में विविधता रखना फायदेमंद माना जाता है।
दिलचस्प बात यह है कि जंगली ब्लूबेरी में सामान्य ब्लूबेरी की तुलना में कई बार अधिक एंटीऑक्सीडेंट पाए गए हैं। यही कारण है कि इन्हें दुनिया भर में सुपरफूड के रूप में लोकप्रियता मिली है।
इसी तरह काले और लाल अंगूर में रेस्वेराट्रॉल नामक एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है। यह यौगिक अंगूर के छिलके में अधिक मात्रा में होता है। इसलिए अंगूर को छिलके सहित खाना अधिक लाभदायक माना जाता है।
इसके अलावा अमरूद, जामुन, काले अंगूर, चेरी, संतरा, कीवी और अनार भी रोजमर्रा की डाइट में आसानी से शामिल किए जा सकते हैं। खास बात यह है कि स्थानीय और मौसम के अनुसार मिलने वाले फल अक्सर अधिक ताजे और पोषक होते हैं।
यही वजह है कि पोषण विशेषज्ञ "इन्द्रधनुष जैसे रंगों वाली थाली" बनाने की सलाह देते हैं ताकि शरीर को अलग-अलग प्रकार के एंटीऑक्सीडेंट मिल सकें।
हालांकि केवल किसी एक फल पर निर्भर रहने के बजाय विविध प्रकार के फल खाना अधिक फायदेमंद माना जाता है। साथ ही, ताजे और साबुत फल खाने से अधिक पोषण मिलता है, जबकि अत्यधिक मीठे पैक्ड जूस से वही लाभ नहीं मिल पाता।
कौन होते हैं एंटीऑक्सीडेंट और शरीर के लिए क्यों जरूरी हैं?
एंटीऑक्सीडेंट ऐसे प्राकृतिक तत्व हैं जो शरीर में बनने वाले फ्री रेडिकल्स के प्रभाव को कम करने में मदद करते हैं। फ्री रेडिकल्स उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को तेज कर सकते हैं और लंबे समय में कई स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकते हैं। विटामिन सी, विटामिन ई, पॉलीफेनॉल, फ्लेवोनॉयड्स और एंथोसायनिन जैसे कई एंटीऑक्सीडेंट फलों में स्वाभाविक रूप से पाए जाते हैं।इसी वजह से डॉक्टर और पोषण विशेषज्ञ रोजाना रंग-बिरंगे फलों को खाने की सलाह देते हैं। अलग-अलग रंग के फल अलग प्रकार के एंटीऑक्सीडेंट प्रदान करते हैं, इसलिए भोजन में विविधता रखना फायदेमंद माना जाता है।
बेरी परिवार के फल माने जाते हैं सबसे समृद्ध स्रोत
ब्लूबेरी, ब्लैकबेरी, रास्पबेरी और स्ट्रॉबेरी दुनिया के सबसे अधिक एंटीऑक्सीडेंट वाले फलों में गिने जाते हैं। इनमें मौजूद एंथोसायनिन इन्हें गहरा नीला, बैंगनी और लाल रंग देते हैं। यही यौगिक इन फलों को खास बनाते हैं।दिलचस्प बात यह है कि जंगली ब्लूबेरी में सामान्य ब्लूबेरी की तुलना में कई बार अधिक एंटीऑक्सीडेंट पाए गए हैं। यही कारण है कि इन्हें दुनिया भर में सुपरफूड के रूप में लोकप्रियता मिली है।
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अनार और अंगूर भी किसी से कम नहीं
अनार को सदियों से स्वास्थ्यवर्धक फल माना जाता रहा है। इसमें पॉलीफेनॉल और प्यूनिकालाजिन जैसे शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। कई पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में भी अनार का विशेष महत्व रहा है।इसी तरह काले और लाल अंगूर में रेस्वेराट्रॉल नामक एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है। यह यौगिक अंगूर के छिलके में अधिक मात्रा में होता है। इसलिए अंगूर को छिलके सहित खाना अधिक लाभदायक माना जाता है।
भारत में आसानी से मिलने वाले एंटीऑक्सीडेंट वाले फल
महंगे विदेशी फलों के अलावा भारत में मिलने वाले कई फल भी एंटीऑक्सीडेंट का अच्छा स्रोत हैं। आंवला इनमें सबसे प्रमुख है। इसमें भरपूर विटामिन सी के साथ कई प्रकार के प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं।इसके अलावा अमरूद, जामुन, काले अंगूर, चेरी, संतरा, कीवी और अनार भी रोजमर्रा की डाइट में आसानी से शामिल किए जा सकते हैं। खास बात यह है कि स्थानीय और मौसम के अनुसार मिलने वाले फल अक्सर अधिक ताजे और पोषक होते हैं।
फल का रंग भी देता है पोषण का संकेत
क्या आपने ध्यान दिया है कि गहरे रंग वाले फल अक्सर ज्यादा पौष्टिक माने जाते हैं? इसके पीछे वैज्ञानिक कारण है। बैंगनी, लाल और गहरे नीले रंग वाले फलों में एंथोसायनिन और फ्लेवोनॉयड्स की मात्रा अधिक होती है। वहीं नारंगी और पीले रंग के फल कैरोटेनॉयड्स से भरपूर होते हैं।यही वजह है कि पोषण विशेषज्ञ "इन्द्रधनुष जैसे रंगों वाली थाली" बनाने की सलाह देते हैं ताकि शरीर को अलग-अलग प्रकार के एंटीऑक्सीडेंट मिल सकें।
रोजमर्रा की जिंदगी में क्यों बढ़ गई है इनकी अहमियत?
आज लोग पहले की तुलना में अधिक समय स्क्रीन के सामने बिताते हैं, प्रदूषण का सामना करते हैं और तनावपूर्ण जीवन जीते हैं। ऐसे माहौल में संतुलित भोजन और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर फल शरीर को जरूरी पोषक तत्व देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।हालांकि केवल किसी एक फल पर निर्भर रहने के बजाय विविध प्रकार के फल खाना अधिक फायदेमंद माना जाता है। साथ ही, ताजे और साबुत फल खाने से अधिक पोषण मिलता है, जबकि अत्यधिक मीठे पैक्ड जूस से वही लाभ नहीं मिल पाता।





