Honey Benefits In Food: चीनी छोड़ें और इन 5 पारंपरिक भारतीय चीजों में मिलाएं शहद, मिलेगा लाजवाब स्वाद
भारतीय रसोई में शहद हमेशा से एक जाना-पहचाना नाम रहा है। अपनी प्राकृतिक मिठास और अनोखे गुणों के कारण इसे हर घर में पसंद किया जाता है। पीढ़ियों से इसका इस्तेमाल तरह-तरह के पकवानों और ड्रिंक्स में किया जा रहा है, जो पारंपरिक रेसिपीज के स्वाद को और भी ज्यादा बढ़ा देता है। सुबह के नाश्ते से लेकर घर में बनने वाले देसी काढ़े तक, शहद दूसरी चीजों के असली स्वाद को दबाए बिना उनमें एक हल्की और प्राकृतिक मिठास जोड़ देता है।
जैसे-जैसे लोग सेहत को लेकर जागरूक हो रहे हैं, रोजमर्रा के खान-पान में शहद की जगह और मजबूत होती जा रही है। यह दिखाता है कि हमारे पारंपरिक तरीके आज के आधुनिक लाइफस्टाइल में भी कितने काम के हैं। आइए जानते हैं भारत के ऐसे 5 पारंपरिक खान-पान के तरीकों के बारे में, जहां शहद मिलाने से स्वाद दोगुना हो जाता है:
बहुत से लोगों के सुबह की शुरुआत इसी सिंपल ड्रिंक से होती है। हल्के गर्म पानी में नींबू और शहद मिलाकर पीने से दिन की एक फ्रेश शुरुआत होती है। शहद नींबू के खट्टेपन को संतुलित करता है और पानी में एक हल्की, प्राकृतिक मिठास घोल देता है।
ये भी पढ़ें: दुनिया में सबसे ज्यादा आइसक्रीम किस देश के लोग खाते हैं?
गर्मियों के मौसम में भुने हुए चने के आटे यानी सत्तू का शरबत शरीर को ठंडक देने के लिए पिया जाता है। इस पारंपरिक देसी ड्रिंक में अगर एक चम्मच शहद मिला दिया जाए, तो इसका स्वाद और भी मजेदार हो जाता है। शहद सत्तू के सोंधे स्वाद के साथ एकदम घुल-मिल जाता है और आपको एनर्जी से भर देता है।
चाहे रागी हो, बाजरा हो या फिर ज्वार, इन मोटे अनाजों (मिलेट्स) से बना गर्म दलिया शहद के साथ बहुत टेस्टी लगता है। ध्यान रखने वाली बात यह है कि बहुत तेज आंच या उबलती हुई चीज में शहद डालने से उसका असली स्वाद और गुण बदल सकते हैं। इसलिए जब दलिया पक जाए और थोड़ा ठंडा हो जाए, तब इसमें शहद मिलाना सबसे अच्छा होता है। यह मिलेट्स के देसी स्वाद को बिना छुपाए उसे और बेहतर बनाता है।
फलों के ऊपर चीनी या नमक छिड़कने के बजाय, आप सिर्फ एक चम्मच शहद डालकर उन्हें और भी स्वादिष्ट बना सकते हैं। पपीता, सेब, केला या अनार जैसे मौसमी फलों के ऊपर थोड़ा सा शहद टपकाएं। यह फलों की अपनी कुदरती मिठास को तो उभारता ही है, साथ ही उन्हें एक बढ़िया सा स्वाद भी देता है।
चाहे तुलसी की चाय हो, अदरक वाली चाय हो या फिर हमारा पारंपरिक देसी काढ़ा, शहद इन जड़ी-बूटियों के कड़वे या तेज स्वाद को कम करने में मदद करता है। काढ़े में एक मीठा और सुखद स्वाद जोड़ने के लिए शहद को हमेशा तब मिलाना चाहिए जब ड्रिंक थोड़ा गुनगुना या ठंडा हो जाए।
ऊपर बताए गए सभी फूड्स और ड्रिंक्स शहद की प्राकृतिक मिठास के साथ बेहद स्वादिष्ट लगते हैं। हालांकि यह ध्यान रखना भी बहुत जरूरी है कि किसी भी चीज का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल सेहत के लिए ठीक नहीं होता, इसलिए शहद को भी सीमित मात्रा में ही लें। हमेशा मात्रा से ज्यादा प्रोडक्ट की क्वालिटी पर ध्यान दें।
जैसे-जैसे लोग सेहत को लेकर जागरूक हो रहे हैं, रोजमर्रा के खान-पान में शहद की जगह और मजबूत होती जा रही है। यह दिखाता है कि हमारे पारंपरिक तरीके आज के आधुनिक लाइफस्टाइल में भी कितने काम के हैं। आइए जानते हैं भारत के ऐसे 5 पारंपरिक खान-पान के तरीकों के बारे में, जहां शहद मिलाने से स्वाद दोगुना हो जाता है:
1. गुनगुना नींबू-शहद पानी
बहुत से लोगों के सुबह की शुरुआत इसी सिंपल ड्रिंक से होती है। हल्के गर्म पानी में नींबू और शहद मिलाकर पीने से दिन की एक फ्रेश शुरुआत होती है। शहद नींबू के खट्टेपन को संतुलित करता है और पानी में एक हल्की, प्राकृतिक मिठास घोल देता है।
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ये भी पढ़ें: दुनिया में सबसे ज्यादा आइसक्रीम किस देश के लोग खाते हैं?
2. सत्तू ड्रिंक
गर्मियों के मौसम में भुने हुए चने के आटे यानी सत्तू का शरबत शरीर को ठंडक देने के लिए पिया जाता है। इस पारंपरिक देसी ड्रिंक में अगर एक चम्मच शहद मिला दिया जाए, तो इसका स्वाद और भी मजेदार हो जाता है। शहद सत्तू के सोंधे स्वाद के साथ एकदम घुल-मिल जाता है और आपको एनर्जी से भर देता है।
3. मिलेट्स का दलिया
चाहे रागी हो, बाजरा हो या फिर ज्वार, इन मोटे अनाजों (मिलेट्स) से बना गर्म दलिया शहद के साथ बहुत टेस्टी लगता है। ध्यान रखने वाली बात यह है कि बहुत तेज आंच या उबलती हुई चीज में शहद डालने से उसका असली स्वाद और गुण बदल सकते हैं। इसलिए जब दलिया पक जाए और थोड़ा ठंडा हो जाए, तब इसमें शहद मिलाना सबसे अच्छा होता है। यह मिलेट्स के देसी स्वाद को बिना छुपाए उसे और बेहतर बनाता है।
4. ताजे फलों का कटोरा (फ्रूट बाउल)
फलों के ऊपर चीनी या नमक छिड़कने के बजाय, आप सिर्फ एक चम्मच शहद डालकर उन्हें और भी स्वादिष्ट बना सकते हैं। पपीता, सेब, केला या अनार जैसे मौसमी फलों के ऊपर थोड़ा सा शहद टपकाएं। यह फलों की अपनी कुदरती मिठास को तो उभारता ही है, साथ ही उन्हें एक बढ़िया सा स्वाद भी देता है।
5. हर्बल चाय और काढ़ा
चाहे तुलसी की चाय हो, अदरक वाली चाय हो या फिर हमारा पारंपरिक देसी काढ़ा, शहद इन जड़ी-बूटियों के कड़वे या तेज स्वाद को कम करने में मदद करता है। काढ़े में एक मीठा और सुखद स्वाद जोड़ने के लिए शहद को हमेशा तब मिलाना चाहिए जब ड्रिंक थोड़ा गुनगुना या ठंडा हो जाए।
ऊपर बताए गए सभी फूड्स और ड्रिंक्स शहद की प्राकृतिक मिठास के साथ बेहद स्वादिष्ट लगते हैं। हालांकि यह ध्यान रखना भी बहुत जरूरी है कि किसी भी चीज का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल सेहत के लिए ठीक नहीं होता, इसलिए शहद को भी सीमित मात्रा में ही लें। हमेशा मात्रा से ज्यादा प्रोडक्ट की क्वालिटी पर ध्यान दें।





