वजन घटाने के लिए रोज कितनी पुश-अप्स करनी चाहिए? जानें फायदे और जरूरी सावधानियां

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वजन घटाने की कोशिश में लोग अक्सर कार्डियो, डाइटिंग और जिम पर निर्भर हो जाते हैं, लेकिन कुछ आसान घरेलू एक्सरसाइज़ भी बेहद असरदार हो सकती हैं। उन्हीं में से एक है पुश-अप्स। यह एक ऐसी बॉडी वेट एक्सरसाइज़ है जिसे बिना किसी उपकरण के घर पर भी आसानी से किया जा सकता है। पुश-अप्स न केवल मांसपेशियों को मजबूत बनाते हैं, बल्कि शरीर में फैट बर्निंग प्रक्रिया को भी तेज करते हैं।


इस लेख में हम जानेंगे कि वजन घटाने के लिए रोज कितनी पुश-अप्स करना सही होता है, इससे शरीर को क्या-क्या फायदे होते हैं और शुरुआत करने वालों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

पुश-अप्स कैसे करते हैं वजन कम?

पुश-अप्स करने से शरीर की कई बड़ी मांसपेशियां जैसे चेस्ट, कंधे, बाजू, पेट और पीठ सक्रिय होती हैं। जब ये मांसपेशियां एक साथ काम करती हैं तो शरीर ज्यादा कैलोरी बर्न करता है। इसके अलावा, पुश-अप्स मेटाबॉलिज्म को भी तेज करते हैं जिससे शरीर लगातार फैट बर्न करता है। नियमित अभ्यास से शरीर का फैट धीरे-धीरे मसल्स में बदलने लगता है।


शुरुआती लोगों को कितनी पुश-अप्स करनी चाहिए?

अगर आप पुश-अप्स की शुरुआत कर रहे हैं, तो शुरुआत में 10 से 15 पुश-अप्स प्रतिदिन करना पर्याप्त है। जैसे-जैसे स्टैमिना बढ़े, धीरे-धीरे इसे 20, 30 और फिर 50 तक ले जाया जा सकता है।

  • पहले हफ्ते: 10–12 पुश-अप्स, 2 सेट


  • दूसरे हफ्ते: 15–20 पुश-अप्स, 2 सेट

  • तीसरे हफ्ते से आगे: 25–30 पुश-अप्स, 3 सेट या जितना आप कर सकें

  • ध्यान रखें कि गुणवत्ता (फॉर्म) हमेशा संख्या से ज्यादा महत्वपूर्ण होती है।

    वजन घटाने के लिए क्या रोजाना पुश-अप्स करना जरूरी है?

    हर दिन पुश-अप्स करना ज़रूरी नहीं है। आप हफ्ते में 4 से 5 दिन पुश-अप्स कर सकते हैं और बाकी दिन शरीर को आराम देने चाहिए। इससे मांसपेशियों को रिकवरी का समय मिलता है और वे ज्यादा मजबूत बनती हैं। अगर पुश-अप्स को स्क्वैट्स, प्लैंक और रनिंग जैसी अन्य एक्सरसाइज़ के साथ मिलाकर किया जाए तो वजन तेजी से घटाया जा सकता है।


    पुश-अप्स के फायदे

    1. फैट बर्न करता है: पुश-अप्स से ज्यादा कैलोरी बर्न होती है, जिससे पेट, कमर और छाती की चर्बी कम होती है।

    2. मसल्स टोन करता है: यह चेस्ट, शोल्डर, ट्राइसेप्स और कोर मसल्स को टोन करने में मदद करता है।

    3. कोर मजबूत करता है: पुश-अप्स करते समय पेट की मांसपेशियां भी सक्रिय होती हैं, जिससे कोर स्ट्रेंथ बेहतर होती है।

    4. हृदय स्वास्थ्य बेहतर करता है: यह एक कंपाउंड मूवमेंट है जो दिल की गति को बढ़ाता है और कार्डियोवस्कुलर हेल्थ में सुधार करता है।

    5. बॉडी बैलेंस सुधरता है: पुश-अप्स से शरीर का संतुलन बेहतर होता है और रीढ़ की हड्डी को भी मजबूती मिलती है।

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    पुश-अप्स करते समय रखें ये सावधानियां

    • शुरुआत हमेशा वॉर्मअप के साथ करें।

    • पुश-अप्स करते समय कमर सीधी रखें, शरीर को नीचे गिराते समय सांस अंदर लें और ऊपर उठते समय सांस छोड़ें।

    • बहुत अधिक पुश-अप्स करने से कंधों या पीठ में खिंचाव हो सकता है, इसलिए शरीर की सीमा का ध्यान रखें।

    • यदि किसी प्रकार की चोट हो या पीठ/हड्डी से जुड़ी कोई समस्या हो तो डॉक्टर या फिटनेस ट्रेनर की सलाह जरूर लें।

    वजन घटाने के लिए पुश-अप्स के साथ और क्या करें?

    • संतुलित आहार लें जिसमें प्रोटीन, फाइबर और कम फैट हो।


  • पर्याप्त नींद लें ताकि शरीर रिकवर कर सके।

  • पानी खूब पिएं ताकि मेटाबॉलिज्म सही बना रहे।

  • अन्य एक्सरसाइज जैसे स्क्वैट्स, प्लैंक, बर्पीज़ को शामिल करें ताकि पूरे शरीर की चर्बी कम हो।

  • निष्कर्ष

    पुश-अप्स एक साधारण लेकिन बेहद प्रभावशाली व्यायाम है जिसे वजन घटाने के लिए अपनाया जा सकता है। नियमित रूप से और सही फॉर्म में पुश-अप्स करने से शरीर की चर्बी कम होती है, मसल्स टोन होती हैं और आत्मविश्वास भी बढ़ता है। अगर आप किसी महंगे जिम या उपकरण के बिना वजन घटाना चाहते हैं, तो पुश-अप्स आपके फिटनेस सफर की मजबूत शुरुआत हो सकते हैं।


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