Weekend Trip: लंबी छुट्टी की टेंशन छोड़ें, सिर्फ 2 दिन में घूम आएं उत्तराखंड की ये खूबसूरत जगह
अगर आप पहाड़ों के बीच सुकून के कुछ पल बिताना चाहते हैं, लेकिन ऑफिस से लंबी छुट्टी लेना संभव नहीं है, तो Nag Tibba Trek आपके लिए शानदार विकल्प हो सकता है। उत्तराखंड की खूबसूरत पहाड़ियों में मौजूद यह ट्रेक सिर्फ दो दिनों में पूरा किया जा सकता है। यहां आपको घने जंगलों, खूबसूरत पहाड़ी रास्तों, कैंपिंग और ऊंची चोटी से शानदार नजारों का अनुभव मिलता है। देहरादून से शुरू होने वाला यह सफर वीकेंड पर एडवेंचर और प्रकृति के करीब समय बिताने का अच्छा मौका देता है।
समुद्र तल से करीब 1,450 मीटर (4,700 फीट) की ऊंचाई पर बसे पंतवाड़ी गांव से असली ट्रेकिंग शुरू होती है। यहां से लगभग 4 किलोमीटर की पैदल चढ़ाई करके कैंप 1 तक पहुंचना होता है। इस दूरी को तय करने में करीब 3 घंटे लग सकते हैं।
कैंप 1 समुद्र तल से लगभग 2,300 मीटर (7,700 फीट) की ऊंचाई पर स्थित है। यहां पहुंचने के बाद ट्रेकर्स आराम कर सकते हैं और अगले दिन की चढ़ाई के लिए खुद को तैयार कर सकते हैं। बेसकैंप पंतवाड़ी में सामान रखने के लिए क्लोकरूम की सुविधा भी उपलब्ध बताई गई है। अगर आप इस ट्रिप के दौरान परिवहन की सुविधा भी चाहते हैं, तो ट्रेक बुक करते समय TTH के ऐड-ऑन विकल्प में इसे चुन सकते हैं।
नाग टिब्बा की चोटी समुद्र तल से करीब 3,000 मीटर (9,900 फीट) की ऊंचाई पर स्थित है। कैंप से चोटी तक पहुंचने और फिर पंतवाड़ी लौटने के लिए लगभग 12 किलोमीटर की पैदल दूरी तय करनी पड़ती है। इस पूरे सफर में करीब 10 से 11 घंटे का समय लग सकता है।
चोटी पर पहुंचने के बाद आसपास फैले पहाड़ों और प्राकृतिक खूबसूरती का शानदार नजारा देखने को मिलता है। यही इस ट्रेक का सबसे यादगार अनुभव होता है। हालांकि, लंबी चढ़ाई और वापसी का सफर आसान नहीं है। इसलिए अच्छी फिटनेस, पर्याप्त ऊर्जा और ट्रेकिंग के लिए सही तैयारी बेहद जरूरी है।
सफर को आरामदायक और सुरक्षित बनाने के लिए इन बातों का ध्यान रखें:
हालांकि, दूसरे दिन करीब 12 किलोमीटर की लंबी ट्रेकिंग करनी होती है, जिसमें चढ़ाई और वापसी दोनों शामिल हैं। इसलिए बिना तैयारी के इस ट्रेक पर जाना सही नहीं होगा। सही फिटनेस, जरूरी सामान और मौसम की जानकारी के साथ आप इस छोटे से वीकेंड को एक यादगार पहाड़ी एडवेंचर में बदल सकते हैं।

2 दिन में पूरा होगा नाग टिब्बा ट्रेक
नाग टिब्बा ट्रेक की शुरुआत देहरादून से होती है। पहले दिन आपको देहरादून से करीब 90 किलोमीटर दूर स्थित पंतवाड़ी गांव पहुंचना होता है। सड़क मार्ग से यह दूरी तय करने में लगभग 4 से 5 घंटे लग सकते हैं।समुद्र तल से करीब 1,450 मीटर (4,700 फीट) की ऊंचाई पर बसे पंतवाड़ी गांव से असली ट्रेकिंग शुरू होती है। यहां से लगभग 4 किलोमीटर की पैदल चढ़ाई करके कैंप 1 तक पहुंचना होता है। इस दूरी को तय करने में करीब 3 घंटे लग सकते हैं।
कैंप 1 समुद्र तल से लगभग 2,300 मीटर (7,700 फीट) की ऊंचाई पर स्थित है। यहां पहुंचने के बाद ट्रेकर्स आराम कर सकते हैं और अगले दिन की चढ़ाई के लिए खुद को तैयार कर सकते हैं। बेसकैंप पंतवाड़ी में सामान रखने के लिए क्लोकरूम की सुविधा भी उपलब्ध बताई गई है। अगर आप इस ट्रिप के दौरान परिवहन की सुविधा भी चाहते हैं, तो ट्रेक बुक करते समय TTH के ऐड-ऑन विकल्प में इसे चुन सकते हैं।
नाग टिब्बा की चोटी तक पहुंचने का रोमांच
ट्रेक का दूसरा दिन सबसे रोमांचक होने के साथ-साथ थोड़ा चुनौतीपूर्ण भी होता है। इस दिन कैंप 1 से नाग टिब्बा की चोटी तक पहुंचकर वापस पंतवाड़ी गांव लौटना होता है।You may also like
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नाग टिब्बा की चोटी समुद्र तल से करीब 3,000 मीटर (9,900 फीट) की ऊंचाई पर स्थित है। कैंप से चोटी तक पहुंचने और फिर पंतवाड़ी लौटने के लिए लगभग 12 किलोमीटर की पैदल दूरी तय करनी पड़ती है। इस पूरे सफर में करीब 10 से 11 घंटे का समय लग सकता है।
चोटी पर पहुंचने के बाद आसपास फैले पहाड़ों और प्राकृतिक खूबसूरती का शानदार नजारा देखने को मिलता है। यही इस ट्रेक का सबसे यादगार अनुभव होता है। हालांकि, लंबी चढ़ाई और वापसी का सफर आसान नहीं है। इसलिए अच्छी फिटनेस, पर्याप्त ऊर्जा और ट्रेकिंग के लिए सही तैयारी बेहद जरूरी है।
नाग टिब्बा ट्रेक पर जाने से पहले करें तैयारी
वीकेंड में पूरा होने वाला यह ट्रेक भले ही छोटा लगे, लेकिन इसे आसान समझने की गलती न करें। खासकर दूसरे दिन लंबी दूरी तय करनी होती है। ऐसे में ट्रेक पर निकलने से पहले अपनी शारीरिक क्षमता का आकलन जरूर करें।सफर को आरामदायक और सुरक्षित बनाने के लिए इन बातों का ध्यान रखें:
- अच्छी ग्रिप वाले आरामदायक ट्रेकिंग शूज पहनें।
- मौसम के अनुसार गर्म और वाटरप्रूफ कपड़े साथ रखें।
- पर्याप्त पानी और एनर्जी देने वाले स्नैक्स रखें।
- जरूरी दवाइयों और पर्सनल मेडिकल किट को बैग में जरूर रखें।
- चढ़ाई के दौरान अपनी गति बनाए रखें और थकान होने पर ब्रेक लें।
- बारिश या बर्फबारी की संभावना को देखते हुए पहले से तैयारी करें।
- ट्रेक शुरू करने से पहले मौसम और रास्ते की मौजूदा स्थिति की जानकारी लें।
नाग टिब्बा ट्रेक के लिए बैग में क्या-क्या रखें?
पहाड़ों में मौसम तेजी से बदल सकता है। इसलिए नाग टिब्बा ट्रेक पर जाते समय सही कपड़े, जूते और जरूरी सामान पैक करना बेहद महत्वपूर्ण है। अपनी पैकिंग के लिए इस चेकलिस्ट की मदद ले सकते हैं।1. बैग और जरूरी सामान
- रेन कवर वाला बैकपैक और डे-पैक
- वॉकिंग स्टिक
- पानी की बोतल या हाइड्रेशन पैक
- छोटा टिफिन और स्नैक्स
- हेड टॉर्च
2. ट्रेकिंग के लिए कपड़े
- सिंथेटिक क्विक-ड्राई टी-शर्ट
- फ्लीस टी-शर्ट और फ्लीस जैकेट
- विंडप्रूफ और डाउन जैकेट
- थर्मल इनर
- ट्रेक पैंट और फ्लीस पैंट
- वाटरप्रूफ ग्लव्स
3. सिर और पैरों की सुरक्षा
- ऊनी टोपी और सन कैप
- बालाक्लावा और नेक गेटर
- अच्छी ग्रिप वाले ट्रेकिंग शूज
- फ्लोटर्स
- कॉटन और ऊनी मोजे
- गेटर्स
- सनग्लासेस
4. पर्सनल केयर का सामान
- सनस्क्रीन और मॉइश्चराइजर
- लिप बाम
- टूथब्रश और टूथपेस्ट
- टॉयलेट पेपर और वाइप्स
- साबुन और हैंड सैनिटाइजर
- तौलिया
- पर्सनल मेडिकल किट
5. बारिश और बर्फबारी से बचाव
- पोंचो या वाटरप्रूफ जैकेट और पैंट
- जरूरत के मुताबिक माइक्रोस्पाइक्स
क्या नाग टिब्बा ट्रेक वीकेंड के लिए अच्छा विकल्प है?
अगर आप कम समय में पहाड़ों पर एडवेंचर, कैंपिंग और ट्रेकिंग का अनुभव लेना चाहते हैं, तो नाग टिब्बा एक अच्छा विकल्प हो सकता है। देहरादून से इसकी आसान सड़क कनेक्टिविटी और दो दिनों में ट्रेक पूरा करने की संभावना इसे वीकेंड ट्रिप के लिए आकर्षक बनाती है।हालांकि, दूसरे दिन करीब 12 किलोमीटर की लंबी ट्रेकिंग करनी होती है, जिसमें चढ़ाई और वापसी दोनों शामिल हैं। इसलिए बिना तैयारी के इस ट्रेक पर जाना सही नहीं होगा। सही फिटनेस, जरूरी सामान और मौसम की जानकारी के साथ आप इस छोटे से वीकेंड को एक यादगार पहाड़ी एडवेंचर में बदल सकते हैं।





