UPI ट्रांजेक्शन फेल और पैसे कट गए? जानें ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने का स्टेप-बाय-स्टेप तरीका
आजकल हम छोटी से छोटी चीज खरीदने के लिए भी यूपीआई का इस्तेमाल करते हैं। कभी-कभी सर्वर की खराबी या तकनीकी कारणों से हमारा पेमेंट अटक जाता है। पैसे खाते से कट जाते हैं लेकिन दुकानदार को नहीं मिलते। ऐसी स्थिति में अक्सर लोग पैनिक हो जाते हैं और समझ नहीं पाते कि क्या करें। अच्छी बात यह है कि नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने एक ऐसा सिस्टम बनाया है जिसके जरिए आप अपनी शिकायत को सीधे ऑनलाइन ट्रैक और हल कर सकते हैं।
आइए जानते हैं कि अगर आपका पैसा फंस जाए, तो आपको क्या करना चाहिए।
सबसे पहले क्या करें?
जब भी कोई यूपीआई ट्रांजेक्शन फेल हो जाए और पैसे कट जाएं, तो सबसे पहले अपने पेमेंट ऐप (जैसे गूगल पे, फोनपे या पेटीएम) के 'हेल्प' या 'हिस्ट्री' सेक्शन में जाकर ट्रांजेक्शन को रिपोर्ट करें। अधिकतर मामलों में बैंक और ऐप 24 से 48 घंटों के भीतर पैसा अपने आप रिफंड कर देते हैं। लेकिन अगर ऐसा नहीं होता है, तो आपको आधिकारिक पोर्टल का सहारा लेना चाहिए।
NPCI पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने का तरीका
अगर ऐप से मदद नहीं मिल रही है, तो आप नीचे दिए गए स्टेप्स का पालन कर सकते हैं:
आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं: सबसे पहले एनपीसीआई की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
विवाद निवारण तंत्र (Dispute Redressal Mechanism): होमपेज पर आपको 'What we do' टैब में जाकर 'UPI' चुनना होगा और फिर 'Dispute Redressal Mechanism' पर क्लिक करना होगा।
शिकायत का प्रकार चुनें: यहाँ 'Complaint' सेक्शन के नीचे 'Transaction' का विकल्प दिखाई देगा। इस पर क्लिक करें।
जानकारी भरें: अब आपको एक फॉर्म भरना होगा जिसमें ट्रांजेक्शन का नेचर (जैसे पर्सन टू पर्सन या पर्सन टू मर्चेंट), समस्या का प्रकार (जैसे पैसा कट गया पर क्रेडिट नहीं हुआ), ट्रांजेक्शन आईडी, बैंक का नाम और रकम भरनी होगी।
सबमिट करें: सभी जानकारी भरने के बाद फॉर्म सबमिट कर दें। आपको एक शिकायत नंबर (Ticket ID) मिलेगा जिसे आप भविष्य के लिए सुरक्षित रख सकते हैं।
शिकायत दर्ज करते समय इन बातों का रखें ध्यान
ऑनलाइन शिकायत दर्ज करते समय आपके पास 'ट्रांजेक्शन आईडी' और 'यूटीआर नंबर' (UTR Number) होना बहुत जरूरी है। यह 12 अंकों का एक खास नंबर होता है जो आपके बैंक स्टेटमेंट या मैसेज में आता है। इसके बिना आपकी शिकायत पर कार्रवाई होना मुश्किल हो जाता है। साथ ही, ट्रांजेक्शन का स्क्रीनशॉट भी अपने पास जरूर रखें।
अगर फिर भी समाधान न मिले तो?
यदि पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने के 30 दिनों के भीतर भी आपकी समस्या हल नहीं होती है, तो आप आरबीआई (RBI) के बैंकिंग लोकपाल से संपर्क कर सकते हैं। यह डिजिटल पेमेंट की सुरक्षा के लिए बनाया गया सबसे बड़ा मंच है। इसके अलावा आप एनपीसीआई के टोल-फ्री नंबर 1800-120-1740 पर कॉल करके भी सहायता ले सकते हैं।
डिजिटल इंडिया के इस दौर में तकनीक जितनी आसान है, उतनी ही सुरक्षित भी है। बस जरूरत है सही जानकारी और थोड़ी सी सतर्कता की। अगली बार जब भी यूपीआई पेमेंट में कोई दिक्कत आए, तो परेशान होने के बजाय इन ऑनलाइन तरीकों का इस्तेमाल करें। आपका पैसा सुरक्षित है और नियम के अनुसार वह आपको वापस मिलना ही चाहिए।
आइए जानते हैं कि अगर आपका पैसा फंस जाए, तो आपको क्या करना चाहिए।
सबसे पहले क्या करें?
जब भी कोई यूपीआई ट्रांजेक्शन फेल हो जाए और पैसे कट जाएं, तो सबसे पहले अपने पेमेंट ऐप (जैसे गूगल पे, फोनपे या पेटीएम) के 'हेल्प' या 'हिस्ट्री' सेक्शन में जाकर ट्रांजेक्शन को रिपोर्ट करें। अधिकतर मामलों में बैंक और ऐप 24 से 48 घंटों के भीतर पैसा अपने आप रिफंड कर देते हैं। लेकिन अगर ऐसा नहीं होता है, तो आपको आधिकारिक पोर्टल का सहारा लेना चाहिए।NPCI पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने का तरीका
अगर ऐप से मदद नहीं मिल रही है, तो आप नीचे दिए गए स्टेप्स का पालन कर सकते हैं: आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं: सबसे पहले एनपीसीआई की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
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विवाद निवारण तंत्र (Dispute Redressal Mechanism): होमपेज पर आपको 'What we do' टैब में जाकर 'UPI' चुनना होगा और फिर 'Dispute Redressal Mechanism' पर क्लिक करना होगा।
शिकायत का प्रकार चुनें: यहाँ 'Complaint' सेक्शन के नीचे 'Transaction' का विकल्प दिखाई देगा। इस पर क्लिक करें।
जानकारी भरें: अब आपको एक फॉर्म भरना होगा जिसमें ट्रांजेक्शन का नेचर (जैसे पर्सन टू पर्सन या पर्सन टू मर्चेंट), समस्या का प्रकार (जैसे पैसा कट गया पर क्रेडिट नहीं हुआ), ट्रांजेक्शन आईडी, बैंक का नाम और रकम भरनी होगी।
सबमिट करें: सभी जानकारी भरने के बाद फॉर्म सबमिट कर दें। आपको एक शिकायत नंबर (Ticket ID) मिलेगा जिसे आप भविष्य के लिए सुरक्षित रख सकते हैं।
शिकायत दर्ज करते समय इन बातों का रखें ध्यान
ऑनलाइन शिकायत दर्ज करते समय आपके पास 'ट्रांजेक्शन आईडी' और 'यूटीआर नंबर' (UTR Number) होना बहुत जरूरी है। यह 12 अंकों का एक खास नंबर होता है जो आपके बैंक स्टेटमेंट या मैसेज में आता है। इसके बिना आपकी शिकायत पर कार्रवाई होना मुश्किल हो जाता है। साथ ही, ट्रांजेक्शन का स्क्रीनशॉट भी अपने पास जरूर रखें। अगर फिर भी समाधान न मिले तो?
यदि पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने के 30 दिनों के भीतर भी आपकी समस्या हल नहीं होती है, तो आप आरबीआई (RBI) के बैंकिंग लोकपाल से संपर्क कर सकते हैं। यह डिजिटल पेमेंट की सुरक्षा के लिए बनाया गया सबसे बड़ा मंच है। इसके अलावा आप एनपीसीआई के टोल-फ्री नंबर 1800-120-1740 पर कॉल करके भी सहायता ले सकते हैं। डिजिटल इंडिया के इस दौर में तकनीक जितनी आसान है, उतनी ही सुरक्षित भी है। बस जरूरत है सही जानकारी और थोड़ी सी सतर्कता की। अगली बार जब भी यूपीआई पेमेंट में कोई दिक्कत आए, तो परेशान होने के बजाय इन ऑनलाइन तरीकों का इस्तेमाल करें। आपका पैसा सुरक्षित है और नियम के अनुसार वह आपको वापस मिलना ही चाहिए।





