फ्लाइट में टेक ऑफ और लैंडिंग से पहले क्यों बंद करनी पड़ती है टेबल ट्रे? जानिए असली वजह
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जब भी हम फ्लाइट से सफर करते हैं, तो कई नियमों और गाइडलाइंस का पालन करना पड़ता है। ये नियम सिर्फ औपचारिकता नहीं होते, बल्कि हर यात्री की सुरक्षा से जुड़े होते हैं। इन्हीं में से एक नियम है – टेक ऑफ और लैंडिंग से पहले अपनी सीट की टेबल ट्रे को बंद कर देना।
क्यों जरूरी है ट्रे बंद करना?
अक्सर लोग सोचते हैं कि फ्लाइट अटेंडेंट हर बार टेक ऑफ और लैंडिंग से पहले टेबल ट्रे बंद करने को क्यों कहते हैं। दरअसल, इसका सीधा संबंध सुरक्षा से है। यह छोटा सा नियम बड़ी परेशानियों से बचा सकता है।
इमरजेंसी में बाधा न बने
टेक ऑफ और लैंडिंग फ्लाइट यात्रा के सबसे संवेदनशील पल होते हैं। इस दौरान किसी भी वक्त इमरजेंसी आ सकती है, जैसे इमरजेंसी लैंडिंग या तुरंत विमान खाली करना। अगर टेबल ट्रे खुली हो, तो यह यात्रियों के रास्ते में रुकावट बन सकती है और बाहर निकलने में दिक्कत हो सकती है।
झटकों और टर्बुलेंस से बचाव
टेक ऑफ और लैंडिंग के समय विमान में अचानक झटके लगना आम बात है। अगर ट्रे खुली हो, तो यात्री उससे टकरा सकते हैं और चोट खा सकते हैं। वहीं, ट्रे पर रखी चीजें जैसे गिलास, बोतल या खाना गिरकर चोट या नुकसान पहुंचा सकते हैं।
क्रू मेंबर्स के काम में आसानी
कैबिन क्रू की जिम्मेदारी होती है कि वे हर यात्री की सुरक्षा सुनिश्चित करें। अगर ट्रे बंद हो, तो वे आइल में आसानी से चलकर यात्रियों की मदद कर सकते हैं। लेकिन ट्रे खुली रहने पर उनके लिए रुकावट खड़ी हो सकती है।
एविएशन सेफ्टी स्टैंडर्ड का हिस्सा
दुनियाभर की एयरलाइंस यह नियम लागू करती हैं कि टेक ऑफ और लैंडिंग के समय हर यात्री को सीधे बैठना चाहिए और सभी सामान सही जगह रखा होना चाहिए। टेबल ट्रे बंद करना भी इसी सेफ्टी प्रोटोकॉल का हिस्सा है।
टेबल ट्रे बंद करना देखने में एक साधारण नियम लगता है, लेकिन यह आपकी और बाकी यात्रियों की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है। अगली बार जब फ्लाइट क्रू आपसे ट्रे बंद करने को कहे, तो अब आप वजह समझकर मुस्कुराते हुए इसे फॉलो करेंगे।
क्यों जरूरी है ट्रे बंद करना?
अक्सर लोग सोचते हैं कि फ्लाइट अटेंडेंट हर बार टेक ऑफ और लैंडिंग से पहले टेबल ट्रे बंद करने को क्यों कहते हैं। दरअसल, इसका सीधा संबंध सुरक्षा से है। यह छोटा सा नियम बड़ी परेशानियों से बचा सकता है।
इमरजेंसी में बाधा न बने
टेक ऑफ और लैंडिंग फ्लाइट यात्रा के सबसे संवेदनशील पल होते हैं। इस दौरान किसी भी वक्त इमरजेंसी आ सकती है, जैसे इमरजेंसी लैंडिंग या तुरंत विमान खाली करना। अगर टेबल ट्रे खुली हो, तो यह यात्रियों के रास्ते में रुकावट बन सकती है और बाहर निकलने में दिक्कत हो सकती है।
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झटकों और टर्बुलेंस से बचाव
टेक ऑफ और लैंडिंग के समय विमान में अचानक झटके लगना आम बात है। अगर ट्रे खुली हो, तो यात्री उससे टकरा सकते हैं और चोट खा सकते हैं। वहीं, ट्रे पर रखी चीजें जैसे गिलास, बोतल या खाना गिरकर चोट या नुकसान पहुंचा सकते हैं।
क्रू मेंबर्स के काम में आसानी
कैबिन क्रू की जिम्मेदारी होती है कि वे हर यात्री की सुरक्षा सुनिश्चित करें। अगर ट्रे बंद हो, तो वे आइल में आसानी से चलकर यात्रियों की मदद कर सकते हैं। लेकिन ट्रे खुली रहने पर उनके लिए रुकावट खड़ी हो सकती है।
एविएशन सेफ्टी स्टैंडर्ड का हिस्सा
दुनियाभर की एयरलाइंस यह नियम लागू करती हैं कि टेक ऑफ और लैंडिंग के समय हर यात्री को सीधे बैठना चाहिए और सभी सामान सही जगह रखा होना चाहिए। टेबल ट्रे बंद करना भी इसी सेफ्टी प्रोटोकॉल का हिस्सा है।
टेबल ट्रे बंद करना देखने में एक साधारण नियम लगता है, लेकिन यह आपकी और बाकी यात्रियों की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है। अगली बार जब फ्लाइट क्रू आपसे ट्रे बंद करने को कहे, तो अब आप वजह समझकर मुस्कुराते हुए इसे फॉलो करेंगे।