राशन कार्ड अपडेट: किसे मिलेगा 7 किलो और किसे 35 किलो राशन? जानें नए नियम
राशन कार्ड अपडेट : राशन कार्ड धारकों के लिए अनाज वितरण से जुड़ा एक अहम प्रस्ताव सामने आया है। इसके तहत अंत्योदय अन्न योजना (AAY) में परिवार के आकार के आधार पर राशन देने के मौजूदा नियम में बदलाव किया जा सकता है। प्रस्तावित व्यवस्था में प्रति व्यक्ति 7 किलो राशन देने की बात कही गई है, हालांकि एक परिवार को अधिकतम 35 किलो अनाज ही मिलेगा। फिलहाल यह प्रस्ताव लागू नहीं हुआ है और मौजूदा व्यवस्था के तहत 35 किलो राशन प्रति परिवार मिल रहा है।
यही व्यवस्था छोटे और बड़े परिवारों के बीच राशन वितरण में अंतर पैदा करती है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने राशन वितरण के तरीके में बदलाव का प्रस्ताव रखा है।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर परिवार को सिर्फ 7 किलो राशन मिलेगा। प्रस्ताव में 35 किलो प्रति परिवार की अधिकतम सीमा बनाए रखने की बात है।
उदाहरण के तौर पर:
इसी तरह तीन सदस्यों वाले परिवार को मौजूदा 35 किलो के बजाय 21 किलो राशन मिलने की संभावना होगी। इससे छोटे परिवारों के हिस्से में आने वाले खाद्यान्न की मात्रा कम हो सकती है।
छह, सात या आठ सदस्यों वाले परिवारों में प्रति व्यक्ति गणना के हिसाब से मात्रा 35 किलो से अधिक बन सकती है, लेकिन प्रस्तावित अधिकतम सीमा के कारण उन्हें भी 35 किलो राशन तक ही मिलेगा।
इसी वजह से प्रस्ताव को लागू करने से पहले इसके सामाजिक और व्यावहारिक प्रभावों पर विचार करना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राशन कार्ड के लिए पात्रता और आय से जुड़े मानदंड राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अपनी-अपनी व्यवस्था के अनुसार तय करते हैं। इसलिए केवल राशन की मात्रा में प्रस्तावित बदलाव को राशन कार्ड की पात्रता में बदलाव नहीं माना जाना चाहिए।
इसलिए अभी राशन की दुकानों पर मौजूदा व्यवस्था ही लागू है और पात्र अंत्योदय परिवारों को 35 किलो राशन प्रति परिवार मिल रहा है।
प्रस्तावित बदलाव का उद्देश्य राशन वितरण को परिवार के आकार के अनुरूप बनाने की दिशा में कदम उठाना है। हालांकि, छोटे परिवारों के लिए इससे राशन की मात्रा घट सकती है। फिलहाल 35 किलो प्रति परिवार की मौजूदा व्यवस्था जारी है, इसलिए राशन कार्ड धारकों को नए नियम के लागू होने की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना चाहिए।
अभी राशन कार्ड पर कितना राशन मिलता है?
वर्तमान व्यवस्था में अंत्योदय अन्न योजना के तहत पात्र परिवार को परिवार के सदस्यों की संख्या की परवाह किए बिना 35 किलो खाद्यान्न प्रति परिवार दिया जाता है। यानी परिवार में दो सदस्य हों या सात, पात्र परिवार के लिए राशन की मात्रा 35 किलो ही रहती है।यही व्यवस्था छोटे और बड़े परिवारों के बीच राशन वितरण में अंतर पैदा करती है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने राशन वितरण के तरीके में बदलाव का प्रस्ताव रखा है।
क्या है 7 किलो प्रति व्यक्ति का प्रस्ताव?
प्रस्तावित व्यवस्था में अंत्योदय अन्न योजना के तहत राशन की गणना परिवार के बजाय उसके सदस्यों की संख्या के आधार पर करने की बात कही गई है। इसके अनुसार प्रत्येक पात्र सदस्य के लिए 7 किलो अनाज तय किया जा सकता है।हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर परिवार को सिर्फ 7 किलो राशन मिलेगा। प्रस्ताव में 35 किलो प्रति परिवार की अधिकतम सीमा बनाए रखने की बात है।
उदाहरण के तौर पर:
- 1 सदस्य वाले परिवार को 7 किलो राशन
- 2 सदस्यों वाले परिवार को 14 किलो राशन
- 3 सदस्यों वाले परिवार को 21 किलो राशन
- 4 सदस्यों वाले परिवार को 28 किलो राशन
- 5 या उससे अधिक सदस्यों वाले परिवार को अधिकतम 35 किलो राशन
छोटे परिवारों पर क्या होगा असर?
अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो सबसे बड़ा बदलाव छोटे परिवारों के राशन को लेकर हो सकता है। उदाहरण के लिए, वर्तमान व्यवस्था में दो सदस्यों वाले अंत्योदय परिवार को 35 किलो राशन मिलता है। नई गणना लागू होने पर उसे 14 किलो राशन मिल सकता है।इसी तरह तीन सदस्यों वाले परिवार को मौजूदा 35 किलो के बजाय 21 किलो राशन मिलने की संभावना होगी। इससे छोटे परिवारों के हिस्से में आने वाले खाद्यान्न की मात्रा कम हो सकती है।
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बड़े परिवारों को कितना मिलेगा राशन?
पांच या उससे अधिक सदस्यों वाले परिवारों के लिए प्रस्तावित व्यवस्था का प्रभाव अपेक्षाकृत कम हो सकता है। पांच सदस्यों वाले परिवार को 7 किलो प्रति व्यक्ति के हिसाब से 35 किलो राशन मिलेगा।छह, सात या आठ सदस्यों वाले परिवारों में प्रति व्यक्ति गणना के हिसाब से मात्रा 35 किलो से अधिक बन सकती है, लेकिन प्रस्तावित अधिकतम सीमा के कारण उन्हें भी 35 किलो राशन तक ही मिलेगा।
बुजुर्ग और विधवा जैसे परिवारों को लेकर चिंता
प्रस्तावित बदलाव को लेकर यह चिंता भी जताई जा रही है कि छोटे परिवारों में रहने वाले कमजोर वर्गों पर इसका असर पड़ सकता है। अकेले रहने वाले बुजुर्ग, विधवा या कम सदस्यों वाले परिवार वर्तमान में मिलने वाले 35 किलो राशन की तुलना में कम खाद्यान्न के हकदार हो सकते हैं।इसी वजह से प्रस्ताव को लागू करने से पहले इसके सामाजिक और व्यावहारिक प्रभावों पर विचार करना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
क्या राशन कार्ड की आय सीमा बदलेगी?
नहीं। प्रस्तावित 7 किलो प्रति व्यक्ति राशन व्यवस्था का संबंध राशन कार्ड की आय सीमा या पात्रता तय करने के नियमों से नहीं है।राशन कार्ड के लिए पात्रता और आय से जुड़े मानदंड राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अपनी-अपनी व्यवस्था के अनुसार तय करते हैं। इसलिए केवल राशन की मात्रा में प्रस्तावित बदलाव को राशन कार्ड की पात्रता में बदलाव नहीं माना जाना चाहिए।
क्या 7 किलो राशन का नया नियम लागू हो गया है?
नहीं। फिलहाल 7 किलो प्रति व्यक्ति वाला फॉर्मूला लागू नहीं हुआ है। सरकार ने प्रस्ताव पर लोगों से सुझाव मांगे थे और इसके लिए 13 जुलाई तक प्रतिक्रिया देने का समय दिया गया था। इसके बाद आवश्यक कानूनी बदलाव और अंतिम निर्णय की प्रक्रिया पूरी होना बाकी है।इसलिए अभी राशन की दुकानों पर मौजूदा व्यवस्था ही लागू है और पात्र अंत्योदय परिवारों को 35 किलो राशन प्रति परिवार मिल रहा है।
राशन कार्ड धारक अभी क्या ध्यान रखें?
राशन कार्ड धारकों को सोशल मीडिया पर चल रही ऐसी खबरों से सावधान रहना चाहिए जिनमें 7 किलो राशन का नियम तत्काल लागू होने का दावा किया जा रहा हो। जब तक सरकार की ओर से अंतिम फैसला और संबंधित कानूनी संशोधन लागू नहीं होता, तब तक मौजूदा नियमों के अनुसार ही राशन वितरण जारी रहेगा।प्रस्तावित बदलाव का उद्देश्य राशन वितरण को परिवार के आकार के अनुरूप बनाने की दिशा में कदम उठाना है। हालांकि, छोटे परिवारों के लिए इससे राशन की मात्रा घट सकती है। फिलहाल 35 किलो प्रति परिवार की मौजूदा व्यवस्था जारी है, इसलिए राशन कार्ड धारकों को नए नियम के लागू होने की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना चाहिए।





