Budget 2026: सीनियर सिटीजन को मिलेगा बजट का बड़ा तोहफा! फिर बहाल होगी रेल टिकट में छूट
देश के वरिष्ठ नागरिकों के लिए आने वाला वक्त खुशियों की सौगात लेकर आ सकता है। 1 फरवरी 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का दूसरा पूर्ण बजट पेश करने वाली हैं। इस बार के बजट को 'उम्मीदों का बजट' कहा जा रहा है क्योंकि इसमें समाज के हर वर्ग के लिए कुछ न कुछ खास होने की संभावना है। विशेष रूप से बुजुर्गों के लिए एक ऐसी खबर सामने आ रही है जिसका इंतजार उन्हें पिछले कई सालों से था। सूत्रों के अनुसार बजट 2026 में रेलवे टिकट बुकिंग पर मिलने वाली सीनियर सिटीजन छूट को दोबारा बहाल किया जा सकता है।
क्यों खास है बुजुर्गों के लिए यह बजट?
कोरोना महामारी से पहले भारतीय रेलवे बुजुर्गों को रेल यात्रा में बड़ी रियायत देता था। इस योजना के तहत 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के पुरुष यात्रियों को किराए में 40 प्रतिशत की छूट मिलती थी। वहीं 58 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिला यात्रियों को 50 प्रतिशत का सीधा डिस्काउंट दिया जाता था। यह सुविधा स्लीपर से लेकर थर्ड एसी, सेकंड एसी और फर्स्ट एसी जैसे सभी कोच में उपलब्ध थी। लेकिन मार्च 2020 में लॉकडाउन के दौरान रेलवे को हुए भारी वित्तीय घाटे के कारण इस रियायत को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था। तब से अब तक बुजुर्गों को पूरा किराया देना पड़ रहा है जिससे उनकी जेब पर अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है।
रेल मंत्रालय का नया प्रस्ताव
ताजा जानकारी के मुताबिक रेल मंत्रालय ने बुजुर्गों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए छूट बहाल करने का एक प्रस्ताव तैयार किया है। हालांकि बजट पूर्व बैठकों में अभी इस पर अंतिम मुहर नहीं लगी है फिर भी जानकारों का मानना है कि चुनाव और सामाजिक सरोकारों को देखते हुए सरकार इस बार बजट में इसकी घोषणा कर सकती है। रेलवे को इस रियायत के कारण सालाना लगभग 1600 से 2000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ता है लेकिन बुजुर्गों की लगातार बढ़ती मांग को देखते हुए इसे फिर से लागू करना सरकार के लिए एक मास्टरस्ट्रोक साबित हो सकता है।
आसान होगी यात्रा और टिकट बुकिंग
अगर यह छूट बहाल होती है तो वरिष्ठ नागरिकों को टिकट बुक करने के लिए किसी अलग प्रक्रिया से नहीं गुजरना होगा। पहले की तरह ही आईआरसीटीसी (IRCTC) पोर्टल या रेलवे काउंटर पर टिकट लेते समय केवल अपनी आयु दर्ज करनी होगी और डिस्काउंट अपने आप लागू हो जाएगा। रिटायरमेंट के बाद सीमित आय और बढ़ती महंगाई के बीच रेल किराए में यह राहत बुजुर्गों को मानसिक और आर्थिक शांति देगी। अब सबकी निगाहें 1 फरवरी को पेश होने वाले बजट पर टिकी हैं कि क्या वित्त मंत्री बुजुर्गों की इस पुरानी मांग को पूरा कर उन्हें एक नया उपहार देंगी।
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