SIP Benefits for Beginners: कम रिस्क में चाहिए मोटा मुनाफा तो आज ही शुरू करें SIP, जानें एक्सपर्ट की राय
बीते कुछ सालों में म्यूचुअल फंड में निवेश काफी तेजी से बढ़ा है। जो लोग हर महीने एक तय रकम बचाकर भविष्य के लिए बड़ा फंड तैयार करना चाहते हैं, उनके लिए ये तरीका काफी पसंद किया जा रहा है। आजकल निवेश शुरू करने के लिए किसी के पास बहुत सारी रकम होना जरूरी नहीं है। अगर समझदारी और नियम से पैसा लगाया जाए, तो छोटी रकम भी आगे चलकर बड़ी मदद बन सकती है।
इसका मतलब है कि निवेशक को अपनी जमा राशि के अलावा करीब 2.25 लाख रुपये का एक्स्ट्रा मुनाफा हो सकता है। हालांकि, ये ध्यान रखना जरूरी है कि असली रिटर्न बाजार के उतार-चढ़ाव पर निर्भर करता है।
डेट फंड क्या होते हैं?
डेट म्यूचुअल फंड में निवेशकों का पैसा सरकारी बॉन्ड, कंपनियों के बॉन्ड और दूसरी फिक्स इनकम वाली जगहों पर लगाया जाता है। शेयर बाजार के मुकाबले इनमें उतार-चढ़ाव कम होता है। जब कोई निवेशक डेट फंड में पैसा लगाता है, तो ये एक तरह से सरकार या कंपनियों को दिया गया सीधा कर्ज होता है।
जब ये निवेश पूरा होता है, तो निवेशक को उसकी मूल रकम के साथ तय ब्याज मिलता है। इसलिए इसे निवेश का एक सुरक्षित तरीका माना जाता है।
किन लोगों के लिए सही है ये फंड?
डेट म्यूचुअल फंड उन लोगों के लिए अच्छे हो सकते हैं जो ज्यादा रिस्क नहीं लेना चाहते और एक बंधा हुआ रिटर्न चाहते हैं। जो लोग FD से थोड़ा बेहतर रिटर्न चाहते हैं लेकिन शेयर बाजार के भारी उतार-चढ़ाव से बचना चाहते हैं, उनके लिए भी ये एक अच्छा रास्ता है। सही निवेश का चुनाव हमेशा निवेशक की कमाई, उसके लक्ष्य और रिस्क लेने की क्षमता पर निर्भर करता है।
छोटी बचत से बड़ा फायदा
अगर कोई इंसान हर महीने सिर्फ 2,000 रुपये का निवेश SIP करता है और इसे लंबे समय तक जारी रखता है, तो ये रकम समय के साथ एक मजबूत आर्थिक सहारा बन सकती है। यही कारण है कि आज छोटे निवेशकों के बीच एसआईपी (SIP) पहली पसंद बनता जा रहा है। ये निवेश करने का एक बेहद आसान और सुलझा हुआ तरीका है। इसमें निवेशक को हर महीने एक फिक्स रकम जमा करनी होती है।रिटर्न का पूरा गणित
मान लीजिए कोई हर महीने 2,000 रुपये की SIP शुरू करता है। अगर वो इसे 10 साल तक लगातार चलाता है, तो उसकी जेब से कुल 2,40,000 रुपये जमा होंगे। अब अगर इस पर सालाना औसतन 12 फीसदी का रिटर्न मिलता है, तो 10 साल बाद ये रकम बढ़कर करीब 4.65 लाख रुपये हो सकती है।You may also like
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इसका मतलब है कि निवेशक को अपनी जमा राशि के अलावा करीब 2.25 लाख रुपये का एक्स्ट्रा मुनाफा हो सकता है। हालांकि, ये ध्यान रखना जरूरी है कि असली रिटर्न बाजार के उतार-चढ़ाव पर निर्भर करता है।
म्यूचुअल फंड के प्रकार
म्यूचुअल फंड को मुख्य रूप से तीन हिस्सों में बांटा जाता है - इक्विटी फंड, हाइब्रिड फंड और डेट फंड। हर फंड का अपना अलग रिस्क और रिटर्न होता है। इक्विटी फंड में रिस्क थोड़ा ज्यादा होता है, लेकिन लंबे समय में इसमें रिटर्न भी ज्यादा मिलने की उम्मीद रहती है। हाइब्रिड फंड में इक्विटी और डेट दोनों का मिला-जुला रूप देखने को मिलता है। वहीं, डेट फंड को काफी हद तक स्थिर माना जाता है।डेट फंड क्या होते हैं?
डेट म्यूचुअल फंड में निवेशकों का पैसा सरकारी बॉन्ड, कंपनियों के बॉन्ड और दूसरी फिक्स इनकम वाली जगहों पर लगाया जाता है। शेयर बाजार के मुकाबले इनमें उतार-चढ़ाव कम होता है। जब कोई निवेशक डेट फंड में पैसा लगाता है, तो ये एक तरह से सरकार या कंपनियों को दिया गया सीधा कर्ज होता है। जब ये निवेश पूरा होता है, तो निवेशक को उसकी मूल रकम के साथ तय ब्याज मिलता है। इसलिए इसे निवेश का एक सुरक्षित तरीका माना जाता है।





