NPS Swasthya Scheme: अब बीमारी के इलाज के लिए निकाल सकेंगे NPS से 25% पैसा, जानें पूरी डिटेल
अगर आप NPS यानी नेशनल पेंशन सिस्टम में पैसे लगाते हैं, तो यह खबर आपके बहुत काम की है। अब आपकी पेंशन की बचत सिर्फ रिटायरमेंट के बाद ही काम नहीं आएगी, बल्कि जरूरत पड़ने पर आप इससे अपने इलाज का खर्च भी उठा सकेंगे। PFRDA ने NPS Swasthya का दूसरा ट्रायल शुरू किया है। इसका मकसद यही है कि लोग अपनी पेंशन बचत का इस्तेमाल जरूरत के वक्त मेडिकल खर्चों के लिए भी कर सकें। फिलहाल इसे छोटे स्तर पर टेस्ट किया जा रहा है।
मार्च 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक, NPS और इससे जुड़ी योजनाओं से लगभग 9.64 करोड़ लोग जुड़े हुए हैं और इसकी कुल जमा संपत्ति करीब ₹16.55 लाख करोड़ तक पहुंच चुकी है। ऐसे में NPS Swasthya करोड़ों लोगों के लिए रिटायरमेंट और सेहत दोनों की सुरक्षा एक साथ पक्की कर रहा है।
क्या है NPS स्वास्थ्य योजना?
NPS स्वास्थ्य योजना आपकी रिटायरमेंट की बचत को हेल्थ केयर से जोड़ती है। आगे चलकर इसमें ऐसा इंतजाम होगा कि पेंशन के साथ-साथ फंड का एक हिस्सा मेडिकल खर्चों में भी इस्तेमाल हो सके। इसका नया वर्जन पहले से बहुत आसान और असरदार बनाया गया है, ताकि मेडिकल इमरजेंसी के समय आम इंसान को तुरंत आर्थिक मदद मिल सके।हेल्थ इंश्योरेंस होना है जरूरी
इस योजना का फायदा उठाने के लिए आपके पास हेल्थ इंश्योरेंस होना जरूरी है। यानी जो भी NPS Swasthya से जुड़ना चाहता है, उसके पास एक एक्टिव हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी होनी चाहिए। इस इंश्योरेंस का प्रीमियम आपकी पेंशन की बचत से ही कट जाएगा, जिससे बीमारी के समय आपको अलग से पैसों की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। इस योजना में शामिल होने के लिए कम से कम ₹25,000 का शुरुआती निवेश होना जरूरी है, तभी आप इसके फायदों का लाभ उठा पाएंगे।इलाज के लिए कितना पैसा निकाल सकते हैं?
इस सरकारी योजना के तहत NPS से जुड़े लोग अपने कुल जमा पैसे में से 25% तक पैसा मेडिकल जरूरतों के लिए निकाल सकते हैं। इस पैसे से आप डॉक्टर की फीस (OPD), दवाइयां, अस्पताल में भर्ती होने का खर्च और दूसरे मेडिकल काम निपटा सकते हैं। यह पूरी सुविधा डिजिटल तरीके से MAven ऐप पर भी मिलेगी, जो CRA सिस्टम से जुड़ी हुई है।गंभीर बीमारियों में बड़ी राहत
अगर कोई गंभीर बीमारी हो जाती है और अस्पताल का बिल बहुत ज्यादा आ जाता है, तो इस योजना के तहत आप अपने फंड का पूरा पैसा भी इलाज के लिए निकाल सकते हैं। यह सुविधा उन खातों पर भी लागू होती है जिनमें कम बैलेंस है, ताकि भारी-भरकम मेडिकल खर्च का बोझ कम हो सके।You may also like
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सीधे अस्पताल के खाते में जाएगा पैसा
इस योजना की सबसे खास बात यह है कि इलाज का पैसा सीधे अस्पताल के खाते में भेजा जाएगा। अगर अस्पताल का बिल जमा होने के बाद भी कुछ पैसा बच जाता है, तो वह वापस आपके NPS खाते में आ जाएगा। इसका मतलब है कि बचा हुआ पैसा आपकी रिटायरमेंट के लिए पूरी तरह सुरक्षित रहेगा।कौन-कौन से मेडिकल खर्च होंगे कवर?
NPS हेल्थ के इस नए ट्रायल में दायरा काफी बढ़ा दिया गया है। अब इसमें सिर्फ डॉक्टर से मिलने का खर्च ही शामिल नहीं है, बल्कि अस्पताल में भर्ती होना, दवाइयों का खर्च और कैशलेस इलाज जैसी सुविधाएं भी शामिल की गई हैं।कौन ले सकता है इस योजना का फायदा?
18 से 85 साल की उम्र का कोई भी भारतीय नागरिक इस NPS योजना का फायदा उठा सकता है। जुड़ते समय स्वास्थ्य से जुड़ी सही जानकारी देना अनिवार्य है। फिलहाल इसे एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में सीमित लोगों के लिए शुरू किया गया है और इसके सफल होने के बाद इसे बड़े पैमाने पर पूरे देश में लागू किया जाएगा।कौन-कौन सी संस्थाएं हैं शामिल?
NPS हेल्थ प्रोजेक्ट में कई बड़ी संस्थाएं मिलकर काम कर रही हैं। 'मेडी असिस्ट हेल्थकेयर' डिजिटल प्लेटफॉर्म और क्लेम प्रोसेस संभाल रही है, जबकि 'CAMS KRA' यूजर्स के वेरिफिकेशन का काम देख रही है। 'टाटा पेंशन फंड' और 'एक्सिस पेंशन फंड' पेंशन के पैसों को मैनेज कर रहे हैं। इसके अलावा 'आदित्य बिड़ला हेल्थ इंश्योरेंस' इसके लिए ग्रुप हेल्थ सुपर टॉप-अप कवरेज दे रही है। मेडी असिस्ट का नेटवर्क देश के 1,264 शहरों में 15,500 से भी ज्यादा अस्पतालों तक फैला है।बढ़ती महंगाई में सुरक्षा का कवच
आज के दौर में मेडिकल इलाज बहुत महंगा हो चुका है। जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में स्वास्थ्य सेवाओं का खर्च 11.5% से 14% तक बढ़ सकता है। ऐसे दौर में NPS स्वास्थ योजना का मकसद यही है कि आपकी रिटायरमेंट की बचत आपकी सेहत के लिए भी एक मजबूत ढाल का काम करे।मार्च 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक, NPS और इससे जुड़ी योजनाओं से लगभग 9.64 करोड़ लोग जुड़े हुए हैं और इसकी कुल जमा संपत्ति करीब ₹16.55 लाख करोड़ तक पहुंच चुकी है। ऐसे में NPS Swasthya करोड़ों लोगों के लिए रिटायरमेंट और सेहत दोनों की सुरक्षा एक साथ पक्की कर रहा है।





