फैक्ट चेक: क्या UPI फीस लागू होने से पहले बैंकों को ATMs में नकदी भरने का आदेश मिला? जानिए सच
सोशल मीडिया और विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर अक्सर कई तरह की खबरें वायरल होती रहती हैं। इनमें से कुछ खबरें जहां सही होती हैं, वहीं कई खबरें भ्रामक या पूरी तरह से फर्जी (Fake) होती हैं। ये खबरें एक्स (पूर्व में ट्विटर), व्हाट्सएप और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म्स के जरिए तेजी से फैलती हैं।
हाल ही में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पोस्ट्स में यह दावा किया जा रहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और वित्त मंत्रालय ने बैंकों को आदेश दिए हैं कि वे UPI ट्रांसफर पर शुल्क लागू होने से पहले देशभर के ATMs में पर्याप्त नकदी (कैश) भर लें।
आइए जानते हैं कि इस वायरल दावे के पीछे की सच्चाई क्या है।
PIB ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर स्पष्ट किया है कि केंद्र सरकार, वित्त मंत्रालय या RBI द्वारा ऐसा कोई भी निर्देश जारी नहीं किया गया है। 'लाइवमिंट' (Livemint) के एक कथित समाचार क्लिपिंग के स्क्रीनशॉट को आधार बनाकर यह अफवाह फैलाई जा रही थी, जिस पर PIB ने फेक का ठप्पा लगाया है।
हाल ही में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पोस्ट्स में यह दावा किया जा रहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और वित्त मंत्रालय ने बैंकों को आदेश दिए हैं कि वे UPI ट्रांसफर पर शुल्क लागू होने से पहले देशभर के ATMs में पर्याप्त नकदी (कैश) भर लें।
आइए जानते हैं कि इस वायरल दावे के पीछे की सच्चाई क्या है।
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पीआईबी फैक्ट चेक में क्या आया सामने?
भारत सरकार की आधिकारिक फैक्ट-चेक एजेंसी PIB Fact Check ने इस वायरल दावे की जांच की और इसे पूरी तरह से फर्जी और भ्रामक करार दिया है।PIB ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर स्पष्ट किया है कि केंद्र सरकार, वित्त मंत्रालय या RBI द्वारा ऐसा कोई भी निर्देश जारी नहीं किया गया है। 'लाइवमिंट' (Livemint) के एक कथित समाचार क्लिपिंग के स्क्रीनशॉट को आधार बनाकर यह अफवाह फैलाई जा रही थी, जिस पर PIB ने फेक का ठप्पा लगाया है।
क्या है UPI नियमों से जुड़ी पूरी खबर?
नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) द्वारा डिजिटल भुगतानों को अधिक पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से 15 अक्टूबर 2026 से नए दिशा-निर्देश लागू किए जा रहे हैं:- आम जनता के लिए पूरी तरह मुफ्त: व्यक्ति-से-व्यक्ति (P2P) लेनदेन और ₹2,000 तक के व्यापारी भुगतानों (P2M) पर आम जनता या ग्राहकों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। यह पूरी तरह से मुफ्त रहेगा।
- मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR): केवल बड़े व्यावसायिक लेनदेन या ₹2,000 से अधिक के विशेष मर्चेंट पेमेंट्स पर 'मर्चेंट डिस्काउंट रेट' (MDR) लागू होगा। यह शुल्क केवल व्यापारियों द्वारा वहन किया जाएगा, ग्राहकों पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
फर्जी खबरों की पुष्टि कैसे करें?
यदि आपके पास भी सोशल मीडिया या मैसेजिंग ऐप के जरिए ऐसा कोई संदिग्ध संदेश, ऑडियो या वीडियो आता है, तो उस पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। आप सीधे PIB Fact Check के माध्यम से खबर की सत्यता जांच सकते हैं:- वेबसाइट: factcheck.pib.gov.in
- व्हाट्सएप नंबर: +91 8799711259
- ईमेल: pibfactcheck@gmail.com





