हर महीने 10,000 रुपये की SIP ने 22 साल में बना दिए 1.78 करोड़ रुपये, जानिए कैसे
Mutual Fund में SIP लंबे समय में पैसा बनाने का एक अच्छा तरीका माना जाता है। अगर नियमित निवेश किया जाए और उसे लंबा समय दिया जाए, तो Compounding की ताकत बड़ा फंड तैयार कर सकती है। इसका एक उदाहरण Tata Value Fund है, जिसने लंबे समय के निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है। अगर किसी निवेशक ने Tata Value Fund में हर महीने 10,000 रुपये की SIP शुरू की होती और उसे लगातार 22 साल तक जारी रखा होता, तो कुल निवेश 26.40 लाख रुपये होता।
फंड के पिछले कैलकुलेशन के आधार पर यह रकम बढ़कर करीब 1.78 करोड़ रुपये हो सकती थी। यानी लंबे समय तक नियमित निवेश और Compounding की वजह से निवेश कई गुना बढ़ गया। हालांकि, यह आंकड़ा पिछले रिटर्न पर आधारित है। भविष्य में रिटर्न इसी तरह मिलेगा, इसकी गारंटी नहीं होती।
आंकड़ों के मुताबिक, इस समयसीमा में फंड ने करीब 17.16% का सालाना (CAGR) रिटर्न दिया। इसी वजह से लंबे समय तक निवेश करने वाले निवेशकों का फंड तेजी से बढ़ा।
हालांकि, Mutual Fund का रिटर्न बाजार के उतार-चढ़ाव पर निर्भर करता है। इसलिए इसमें उतार-चढ़ाव बना रहता है और भविष्य में रिटर्न अलग हो सकता है।
SIP की सबसे बड़ी ताकत Compounding है। इसमें आपको सिर्फ अपने निवेश पर ही नहीं, बल्कि उस पर मिलने वाले रिटर्न पर भी रिटर्न मिलता है। जितना लंबा समय निवेश को मिलता है, उतना ही बड़ा फंड बनने की संभावना बढ़ जाती है।
इसी वजह से वित्तीय सलाहकार रिटायरमेंट, बच्चों की पढ़ाई, घर खरीदने जैसे लंबे समय के लक्ष्यों के लिए SIP की सलाह देते हैं।
किसी भी Mutual Fund में निवेश करने से पहले सिर्फ पिछले रिटर्न देखकर फैसला नहीं करना चाहिए। अपने वित्तीय लक्ष्य, जोखिम उठाने की क्षमता और निवेश की अवधि को भी ध्यान में रखना जरूरी है।
अगर आप पहली बार निवेश कर रहे हैं, तो किसी वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर हो सकता है। साथ ही यह भी याद रखें कि Mutual Fund में निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन होता है और पिछले रिटर्न भविष्य की गारंटी नहीं होते।
फंड के पिछले कैलकुलेशन के आधार पर यह रकम बढ़कर करीब 1.78 करोड़ रुपये हो सकती थी। यानी लंबे समय तक नियमित निवेश और Compounding की वजह से निवेश कई गुना बढ़ गया। हालांकि, यह आंकड़ा पिछले रिटर्न पर आधारित है। भविष्य में रिटर्न इसी तरह मिलेगा, इसकी गारंटी नहीं होती।
कितना रहा सालाना रिटर्न?
आंकड़ों के मुताबिक, इस समयसीमा में फंड ने करीब 17.16% का सालाना (CAGR) रिटर्न दिया। इसी वजह से लंबे समय तक निवेश करने वाले निवेशकों का फंड तेजी से बढ़ा।
हालांकि, Mutual Fund का रिटर्न बाजार के उतार-चढ़ाव पर निर्भर करता है। इसलिए इसमें उतार-चढ़ाव बना रहता है और भविष्य में रिटर्न अलग हो सकता है।
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SIP में लंबे समय तक निवेश क्यों है जरूरी?
SIP की सबसे बड़ी ताकत Compounding है। इसमें आपको सिर्फ अपने निवेश पर ही नहीं, बल्कि उस पर मिलने वाले रिटर्न पर भी रिटर्न मिलता है। जितना लंबा समय निवेश को मिलता है, उतना ही बड़ा फंड बनने की संभावना बढ़ जाती है।
इसी वजह से वित्तीय सलाहकार रिटायरमेंट, बच्चों की पढ़ाई, घर खरीदने जैसे लंबे समय के लक्ष्यों के लिए SIP की सलाह देते हैं।
निवेश से पहले इन बातों का रखें ध्यान
किसी भी Mutual Fund में निवेश करने से पहले सिर्फ पिछले रिटर्न देखकर फैसला नहीं करना चाहिए। अपने वित्तीय लक्ष्य, जोखिम उठाने की क्षमता और निवेश की अवधि को भी ध्यान में रखना जरूरी है।
अगर आप पहली बार निवेश कर रहे हैं, तो किसी वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर हो सकता है। साथ ही यह भी याद रखें कि Mutual Fund में निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन होता है और पिछले रिटर्न भविष्य की गारंटी नहीं होते।









