NEET UG 2026 Paper leak: नीट यूजी 2026 का पेपर हुआ कैंसिल! धांधली की खबरों के बीच सरकार ने सीबीआई को सौंपी कमान
नीट यूजी 2026 की परीक्षा में धांधली और पेपर लीक के आरोपों ने एक बार फिर राजस्थान की 2021 वाली एसआई (SI) भर्ती परीक्षा की यादें ताज़ा कर दी हैं। जांच टीम (SOG) को ऐसे सबूत मिले हैं जिनसे अंदेशा है कि परीक्षा से पहले ही सवाल छात्रों के पास पहुँच चुके थे।
देशभर में हुई नीट परीक्षा अब विवादों के घेरे में है। राजस्थान में कई छात्रों के पास एक ऐसा 'क्वेश्चन बैंक' मिला है जिसके सवाल असली पेपर से काफी मिलते-जुलते हैं। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या हमारा सिस्टम इतना कमज़ोर है कि बार-बार युवाओं के सपनों के साथ खिलवाड़ हो रहा है? राजस्थान आखिर पेपर लीक का केंद्र क्यों बनता जा रहा है? इसी बीच सुप्रीम कोर्ट की वह बात याद आती है जिसमें कोर्ट ने कहा था "अगर पानी के गिलास में जहर की कुछ बूंदें गिर जाएं, तो पूरा गिलास ही फेंकना पड़ता है।"
नीट 2026 का पूरा मामला क्या है?
3 मई 2026 को नीट की परीक्षा हुई। कुछ दिन बाद सीकर में छात्रों के पास हाथ से लिखा एक पेपर मिला। जब जांच हुई तो पता चला कि 720 नंबर के पेपर में से लगभग 600 नंबर के सवाल पहले ही बाहर आ चुके थे। यह सारा खेल एक एमबीबीएस छात्र से शुरू हुआ जिसने अपने दोस्त को ये सवाल भेजे थे। अब एसआई (SOG) ने देहरादून, सीकर और झुंझुनू से 13 लोगों को पकड़ा है और उनके फोन और चैट खंगाले जा रहे हैं।
हाथ से लिखे सवालों ने सबको चौंकाया
हैरानी की बात यह है कि ये सवाल हाथ से लिखे गए थे और सबकी लिखाई एक जैसी थी। इसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायो के 300 से ज्यादा सवाल थे, जिनमें से 150 तो हूबहू असली पेपर में आ गए। इतनी बड़ी संख्या में सवाल लीक होना सिस्टम पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
SI भर्ती परीक्षा का भी यही हाल रहा
सिर्फ नीट ही नहीं, 2021 की सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा भी इसी तरह रद्द हुई थी। हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक ने माना कि इस भर्ती में बहुत बड़े लेवल पर धांधली हुई थी। यहाँ तक कि आरपीएससी (RPSC) के एक सदस्य को भी गिरफ्तार किया गया था। अब यह परीक्षा दोबारा होने जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट की वो सख्त टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट ने इस गड़बड़ी पर बहुत कड़ा रुख अपनाया था। कोर्ट ने कहा था कि जब भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार इस कदर घुल जाए कि सही और गलत उम्मीदवारों की पहचान करना नामुमकिन हो, तो पूरी परीक्षा रद्द करना ही एकमात्र रास्ता बचता है। ठीक वैसे ही जैसे जहर की एक बूंद पूरे गिलास के पानी को बेकार कर देती है।
राजस्थान में पेपर लीक का काला इतिहास
पिछले 15 सालों में कई बार युवाओं की मेहनत पर पानी फिरा है:
देशभर में हुई नीट परीक्षा अब विवादों के घेरे में है। राजस्थान में कई छात्रों के पास एक ऐसा 'क्वेश्चन बैंक' मिला है जिसके सवाल असली पेपर से काफी मिलते-जुलते हैं। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या हमारा सिस्टम इतना कमज़ोर है कि बार-बार युवाओं के सपनों के साथ खिलवाड़ हो रहा है? राजस्थान आखिर पेपर लीक का केंद्र क्यों बनता जा रहा है? इसी बीच सुप्रीम कोर्ट की वह बात याद आती है जिसमें कोर्ट ने कहा था "अगर पानी के गिलास में जहर की कुछ बूंदें गिर जाएं, तो पूरा गिलास ही फेंकना पड़ता है।"
नीट 2026 का पूरा मामला क्या है?
3 मई 2026 को नीट की परीक्षा हुई। कुछ दिन बाद सीकर में छात्रों के पास हाथ से लिखा एक पेपर मिला। जब जांच हुई तो पता चला कि 720 नंबर के पेपर में से लगभग 600 नंबर के सवाल पहले ही बाहर आ चुके थे। यह सारा खेल एक एमबीबीएस छात्र से शुरू हुआ जिसने अपने दोस्त को ये सवाल भेजे थे। अब एसआई (SOG) ने देहरादून, सीकर और झुंझुनू से 13 लोगों को पकड़ा है और उनके फोन और चैट खंगाले जा रहे हैं।You may also like
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हाथ से लिखे सवालों ने सबको चौंकाया
हैरानी की बात यह है कि ये सवाल हाथ से लिखे गए थे और सबकी लिखाई एक जैसी थी। इसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायो के 300 से ज्यादा सवाल थे, जिनमें से 150 तो हूबहू असली पेपर में आ गए। इतनी बड़ी संख्या में सवाल लीक होना सिस्टम पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। SI भर्ती परीक्षा का भी यही हाल रहा
सिर्फ नीट ही नहीं, 2021 की सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा भी इसी तरह रद्द हुई थी। हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक ने माना कि इस भर्ती में बहुत बड़े लेवल पर धांधली हुई थी। यहाँ तक कि आरपीएससी (RPSC) के एक सदस्य को भी गिरफ्तार किया गया था। अब यह परीक्षा दोबारा होने जा रही है। सुप्रीम कोर्ट की वो सख्त टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट ने इस गड़बड़ी पर बहुत कड़ा रुख अपनाया था। कोर्ट ने कहा था कि जब भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार इस कदर घुल जाए कि सही और गलत उम्मीदवारों की पहचान करना नामुमकिन हो, तो पूरी परीक्षा रद्द करना ही एकमात्र रास्ता बचता है। ठीक वैसे ही जैसे जहर की एक बूंद पूरे गिलास के पानी को बेकार कर देती है। राजस्थान में पेपर लीक का काला इतिहास
पिछले 15 सालों में कई बार युवाओं की मेहनत पर पानी फिरा है: - RAS भर्ती 2013: प्री-एग्जाम का पेपर पहले ही बाहर आ गया, परीक्षा रद्द करनी पड़ी।
- REET 2021: इतनी बड़ी धांधली हुई कि सरकार को लेवल-2 की परीक्षा रद्द करनी पड़ी।
- कांस्टेबल भर्ती (2018 और 2022): खुद पुलिस विभाग की अपनी परीक्षा का पेपर लीक हो गया।
- JEN सिविल भर्ती 2020: पेपर लीक के कारण बोर्ड अध्यक्ष को इस्तीफा देना पड़ा।
- लाइब्रेरियन भर्ती 2018: नकल गिरोह के पकड़े जाने पर परीक्षा निरस्त हुई।
- LDC भर्ती 2013: पेपर आउट होने से भर्ती प्रक्रिया 3 साल तक लटक गई।
- RPMT 2014: मेडिकल एंट्रेंस में भारी गड़बड़ी के बाद इसे रद्द किया गया।









