भारत के किस शहर को 'संगीत का शहर' कहा जाता है?

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संगीत को अक्सर एक वैश्विक भाषा के रूप में जाना जाता है। भारत में संगीत हमेशा से संस्कृति और परंपरा का एक अटूट हिस्सा रहा है। हमारे देश के कुछ शहर विशेष रूप से शास्त्रीय संगीत को सहेजने, संगीतकारों को तराशने और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मेजबानी के लिए पहचाने जाते हैं। इन शहरों को उनके सांस्कृतिक योगदान के आधार पर विशेष उपाधियाँ दी गई हैं। भारत का एक ऐतिहासिक शहर अपनी शास्त्रीय और भक्ति संगीत परंपराओं के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। इस शहर ने सदियों से शिक्षण, प्रदर्शन और उत्सवों के माध्यम से अपनी संगीत विरासत को जीवित रखा है।
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भारत का संगीत शहर: वाराणसी

उत्तर प्रदेश में स्थित वाराणसी को भारत में 'संगीत का शहर' (City of Music) के रूप में जाना जाता है। यह देश के सबसे पुराने शहरों में से एक है और यहाँ शास्त्रीय संगीत सीखने की बहुत लंबी परंपरा रही है। कई दिग्गज संगीतकार इस शहर से जुड़े रहे हैं, जिससे यह हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है। मंदिरों और गंगा नदी के घाटों पर भक्ति संगीत की गूँज यहाँ के वातावरण का हिस्सा है। यहाँ संगीत के कई पारंपरिक विद्यालय हैं जहाँ आज भी छात्र गायन और वादन की शिक्षा लेते हैं।

वाराणसी को संगीत का शहर क्यों कहा जाता है?

वाराणसी को यह खिताब इसकी सदियों पुरानी शिक्षण शैली और शास्त्रीय संगीत के प्रदर्शन के कारण मिला है। यहाँ कई प्रसिद्ध गायकों और वादकों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। धार्मिक अनुष्ठानों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में संगीत की अहम भूमिका होती है। त्योहारों के दौरान होने वाले नियमित आयोजन पारंपरिक संगीत शैलियों को सुरक्षित रखने में मदद करते हैं। अनुभवी गुरुओं और समर्पित शिष्यों की उपस्थिति इस परंपरा को आज भी सक्रिय बनाए हुए है।

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यूनेस्को (UNESCO) की विशेष पहचान

पारंपरिक संगीत को संरक्षित करने में वाराणसी के योगदान को देखते हुए यूनेस्को ने इसे 'क्रिएटिव सिटी ऑफ म्यूजिक' के रूप में मान्यता दी है। यह अंतरराष्ट्रीय सम्मान शास्त्रीय संगीत परंपराओं को बनाए रखने में शहर की भूमिका को दर्शाता है। इससे न केवल स्थानीय कला रूपों को बढ़ावा मिला है बल्कि शहर की संगीत विरासत के प्रति दुनिया भर में जागरूकता भी बढ़ी है।


संगीत के शहर के बारे में कुछ रोचक तथ्य

  • प्राचीन सांस्कृतिक केंद्र: वाराणसी दुनिया के सबसे पुराने बसे हुए शहरों में से एक है, जिससे यहाँ की संगीत और कला की प्राचीन शैलियाँ आज भी सुरक्षित हैं।
  • दिग्गज संगीतकारों का घर: भारत के कई मशहूर शास्त्रीय संगीतकारों ने वाराणसी में ही अपनी शिक्षा पूरी की या यहाँ अपनी कला का प्रदर्शन किया।
  • दैनिक जीवन का हिस्सा: यहाँ संगीत केवल मंच तक सीमित नहीं है, बल्कि मंदिरों में होने वाली आरती और दैनिक अनुष्ठानों में भी भक्ति संगीत रचा-बसा है।
  • सांस्कृतिक उत्सव: वाराणसी हर साल कई संगीत समारोहों की मेजबानी करता है जो नए कलाकारों को मंच प्रदान करते हैं।


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