प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना: किसान सिर्फ 2% प्रीमियम देकर कैसे करा सकते हैं फसल का बीमा?
किसान के लिए एक मौसम की बारिश, सूखा, बाढ़ या बीमारी केवल खेत की समस्या नहीं होती, बल्कि पूरे साल की आमदनी पर असर डाल सकती है। इसी जोखिम को कम करने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना यानी PMFBY शुरू की गई। इसका उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं और दूसरे अधिसूचित जोखिमों से फसल नुकसान की स्थिति में किसानों को बीमा सुरक्षा देना है। योजना की खासियत यह है कि किसान का हिस्सा सीमित रखा गया है। अधिसूचित खरीफ खाद्यान्न और तिलहन फसलों के लिए अधिकतम 2 प्रतिशत, रबी के लिए 1.5 प्रतिशत और वार्षिक वाणिज्यिक तथा बागवानी फसलों के लिए 5 प्रतिशत तक किसान प्रीमियम देता है।
सरल उदाहरण लें। अगर किसी किसान की अधिसूचित खरीफ फसल का बीमित मूल्य ₹1 लाख है, तो लागू अधिकतम किसान प्रीमियम दर 2 प्रतिशत होने पर किसान का हिस्सा ₹2,000 तक हो सकता है। वास्तविक देय प्रीमियम फसल, क्षेत्र और अधिसूचित प्रावधानों के अनुसार जांचना चाहिए।
बाकी प्रीमियम में सरकारी सहायता का प्रावधान होता है, जिससे किसान को पूरी actuarial premium rate वहन नहीं करनी पड़ती।
पंजीकरण में नाम, मोबाइल नम्बर, पता, किसान की श्रेणी, पहचान सम्बन्धी जानकारी और बैंक खाते की जानकारी मांगी जाती है। किसान के बैंक खाते की जानकारी सही होना बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि बीमा और दावे से जुड़े भुगतान में बैंक विवरण की भूमिका रहती है।
यह समझना जरूरी है कि केवल बीमा खरीद लेना पर्याप्त नहीं है। किसान को अपने जिले में अधिसूचित फसल, बीमा अवधि और स्थानीय नियमों की जानकारी भी रखनी चाहिए।
खेती में जोखिम पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता, लेकिन सही बीमा उस जोखिम को परिवार की आर्थिक तबाही में बदलने से रोक सकता है। PM Fasal Bima Yojana इसी सुरक्षा कवच की भूमिका निभाती है। किसानों के लिए सबसे समझदारी वाली बात यह है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार न करें, अधिसूचित फसल और प्रीमियम पहले जांचें और आवेदन की रसीद तथा पॉलिसी विवरण सुरक्षित रखें। आधिकारिक जानकारी के लिए PMFBY पोर्टल को ही प्राथमिकता देना बेहतर है।
PM Fasal Bima Yojana क्या है?
PMFBY किसानों की फसल विफल होने से होने वाले आर्थिक नुकसान को कम करने के लिए व्यापक बीमा सुरक्षा प्रदान करती है। योजना के तहत पात्र अधिसूचित फसलों और क्षेत्रों के लिए बीमा कवर उपलब्ध होता है।सरल उदाहरण लें। अगर किसी किसान की अधिसूचित खरीफ फसल का बीमित मूल्य ₹1 लाख है, तो लागू अधिकतम किसान प्रीमियम दर 2 प्रतिशत होने पर किसान का हिस्सा ₹2,000 तक हो सकता है। वास्तविक देय प्रीमियम फसल, क्षेत्र और अधिसूचित प्रावधानों के अनुसार जांचना चाहिए।
कम प्रीमियम का फायदा कैसे मिलता है?
PMFBY की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक किसान के प्रीमियम हिस्से की सीमा है। खरीफ खाद्यान्न और तिलहन फसलों के लिए 2 प्रतिशत, रबी खाद्यान्न और तिलहन के लिए 1.5 प्रतिशत तथा वार्षिक वाणिज्यिक और बागवानी फसलों के लिए 5 प्रतिशत तक की अधिकतम दर निर्धारित है।बाकी प्रीमियम में सरकारी सहायता का प्रावधान होता है, जिससे किसान को पूरी actuarial premium rate वहन नहीं करनी पड़ती।
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PMFBY के लिए आवेदन कैसे करें?
किसान आधिकारिक PMFBY पोर्टल के Farmer Corner से ऑनलाइन आवेदन कर सकता है। पोर्टल पर नया किसान पंजीकरण, बीमा प्रीमियम कैलकुलेटर और आवेदन की स्थिति देखने जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।पंजीकरण में नाम, मोबाइल नम्बर, पता, किसान की श्रेणी, पहचान सम्बन्धी जानकारी और बैंक खाते की जानकारी मांगी जाती है। किसान के बैंक खाते की जानकारी सही होना बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि बीमा और दावे से जुड़े भुगतान में बैंक विवरण की भूमिका रहती है।
फसल खराब होने पर क्या करें?
फसल नुकसान होने पर किसान को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार नुकसान की सूचना देनी चाहिए। PMFBY पोर्टल पर नुकसान रिपोर्ट करने और शिकायत दर्ज करने की सुविधा भी उपलब्ध है। वर्तमान आधिकारिक पोर्टल पर कृषि बीमा से संबंधित शिकायतों के लिए 14447 हेल्पलाइन भी दी गई है।यह समझना जरूरी है कि केवल बीमा खरीद लेना पर्याप्त नहीं है। किसान को अपने जिले में अधिसूचित फसल, बीमा अवधि और स्थानीय नियमों की जानकारी भी रखनी चाहिए।
आवेदन से पहले यह जानकारी जरूर जांचें
हर फसल और हर क्षेत्र अपने आप PMFBY के तहत कवर नहीं होता। इसलिए आवेदन से पहले यह देखना जरूरी है कि संबंधित मौसम में किसान की फसल और क्षेत्र योजना के तहत अधिसूचित हैं या नहीं। आधिकारिक पोर्टल का premium calculator इसी काम में उपयोगी है।खेती में जोखिम पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता, लेकिन सही बीमा उस जोखिम को परिवार की आर्थिक तबाही में बदलने से रोक सकता है। PM Fasal Bima Yojana इसी सुरक्षा कवच की भूमिका निभाती है। किसानों के लिए सबसे समझदारी वाली बात यह है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार न करें, अधिसूचित फसल और प्रीमियम पहले जांचें और आवेदन की रसीद तथा पॉलिसी विवरण सुरक्षित रखें। आधिकारिक जानकारी के लिए PMFBY पोर्टल को ही प्राथमिकता देना बेहतर है।





