जीवन में बीमारी या मेडिकल इमरजेंसी कभी भी बताकर नहीं आती है। ऐसे मुश्किल समय में जब अचानक बड़े मेडिकल खर्चों का सामना करना पड़ता है, तो वित्तीय रूप से काफी परेशानी हो सकती है। नौकरीपेशा लोगों के लिए इस संकट की घड़ी में उनका कर्मचारी भविष्य निधि खाता एक बहुत बड़ा मददगार साबित हो सकता है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन अपने खाताधारकों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए अपने पीएफ फंड से एडवांस पैसे निकालने की विशेष अनुमति देता है। यदि आप या आपके परिवार का कोई सदस्य अस्वस्थ है, तो आप बिना नौकरी छोड़े और बिना किसी वित्तीय तनाव के अपनी संचित राशि का एक हिस्सा इलाज के लिए आसानी से इस्तेमाल कर सकते हैं।
गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए ईपीएफओ के विशेष नियम
ईपीएफओ ने चिकित्सा उपचार के लिए पीएफ एडवांस निकालने के नियमों को बेहद लचीला और सुगम बनाया है। ईपीएफओ मेडिकल रूल्स (EPFO Medical Rules) के अंतर्गत यदि कोई कर्मचारी या उसके आश्रित परिवार के सदस्य (जैसे माता-पिता, पति-पत्नी या बच्चे) कैंसर, दिल की बीमारी, टीबी, पैरालिसिस, कुष्ठ रोग या किसी बड़ी मानसिक बीमारी से पीड़ित हैं, तो वे इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। इसके अलावा, यदि किसी बड़ी सर्जरी के लिए अस्पताल में एक महीने या उससे अधिक समय तक भर्ती रहने की आवश्यकता है, या फिर कर्मचारी को बीमारी के कारण कार्यालय से लंबी वैधानिक छुट्टी लेनी पड़ी है, तो भी इस विशेष प्रावधान के तहत क्लेम किया जा सकता है।
बिना किसी रुकावट के कितनी राशि तक निकाला जा सकता है एडवांस पीएफ
इस योजना के तहत बीमारी के इलाज के लिए पैसे निकालने की कोई सख्त सीमा नहीं है, बल्कि यह आपकी सैलरी और आवश्यकता पर निर्भर करती है। नियमों के अनुसार, पीएफ एडवांस फॉर क्रिटिकल इलनेस (PF Advance For Critical Illness) के तहत आप अपने 6 महीने के बेसिक वेतन और महंगाई भत्ते (DA) के बराबर की रकम या फिर आपके पीएफ खाते में जमा कर्मचारी के कुल हिस्से का ब्याज सहित पूरा पैसा, इन दोनों में से जो भी कम हो, उसे एडवांस के रूप में निकाल सकते हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि इस एडवांस पैसे को आपको भविष्य में वापस कंपनी या ईपीएफओ को लौटाने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं होती है।
ई-नॉमिनेशन और जरूरी दस्तावेजों की ऑनलाइन आवश्यकता
इस ऑनलाइन क्लेम प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए आपके पास कुछ महत्वपूर्ण डिजिटल दस्तावेज होने बेहद जरूरी हैं। आवेदन करते समय आपको संबंधित डॉक्टर या अस्पताल द्वारा जारी किया गया एक प्रामाणिक मेडिकल सर्टिफिकेट अपलोड करना होता है, जिसमें बीमारी की गंभीरता और अनुमानित खर्च का पूरा विवरण दर्ज हो। इसके साथ ही, ईपीएफओ गाइडलाइन के अनुसार आपके पीएफ अकाउंट का केवाईसी पूरा होना चाहिए और बैंक खाते की जानकारी बिल्कुल सही होनी चाहिए। यदि आपने अपने खाते में डिजिटल ई-नॉमिनेशन (EPF e-Nomination) पूरा कर लिया है, तो आपका क्लेम और भी तेजी से प्रोसेस किया जाता है।
घर बैठे उमंग ऐप या ईपीएफओ पोर्टल से ऐसे करें ऑनलाइन अप्लाई
अस्पताल के खर्चों के लिए पैसे निकालने की पूरी प्रक्रिया को ईपीएफओ ने पूरी तरह से डिजिटल और पेपरलेस बना दिया है। इसके लिए आपको किसी दफ्तर के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है, आप सीधे ईपीएफओ मेंबर यूनिफाइड पोर्टल (EPFO Member Portal) पर जाकर अपने यूएएन और पासवर्ड की मदद से लॉगिन कर सकते हैं। लॉगिन करने के बाद 'ऑनलाइन सर्विसेज' टैब में जाएं और 'क्लेम फॉर्म 31, 19, 10सी और 10डी' का विकल्प चुनें। इसके बाद ड्रॉप-डाउन मेनू से एडवांस निकालने का कारण 'इलनेस' या चिकित्सा उपचार सिलेक्ट करें और मांगी गई रकम व अस्पताल के दस्तावेज अपलोड कर दें। आपके आधार लिंक्ड मोबाइल नंबर पर आने वाले ओटीपी के जरिए इसे सबमिट करते ही आपका आवेदन दर्ज हो जाएगा और कुछ ही कार्यदिवसों में पैसा सीधे आपके बैंक खाते में क्रेडिट हो जाएगा।
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