नई मजदूरी दर लागू: अब मजदूरों को 300 रुपये से लेकर 450 रुपये तक मिलेगी मजदूरी, जानिए पूरा अपडेट
ग्रामीण मजदूरों के लिए बड़ी खुशखबरी है। केंद्र सरकार ने विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 (VB-G RAM-G) के तहत नई मजदूरी दरों का ऐलान किया है। ये नई दरें 1 जुलाई से लागू हो गई हैं। नए नियम के बाद ग्रामीण रोजगार योजना के तहत मिलने वाली औसत दैनिक मजदूरी 298.8 रुपये से बढ़ाकर 327.4 रुपये कर दी गई है। यानी मजदूरों को अब औसतन 28.6 रुपये प्रतिदिन ज्यादा मजदूरी मिलेगी।
सरकार ने अलग-अलग कैटेगरी के कर्मचारियों के लिए नई न्यूनतम मजदूरी तय की है। इसमें अकुशल (Unskilled), अर्द्धकुशल (Semi-skilled), कुशल (Skilled) और उच्च कुशल (Highly Skilled) कर्मचारियों के लिए अलग-अलग दरें निर्धारित की गई हैं। नई दरें आज से लागू हो गई हैं और सभी काम देने वालों को इन्हीं के अनुसार भुगतान करना होगा।
नई दरों के अनुसार कर्मचारियों को उनकी योग्यता और काम की कैटेगरी के हिसाब से मजदूरी मिलेगी। अकुशल कर्मचारियों के लिए सबसे कम न्यूनतम मजदूरी तय की गई है, जबकि कुशल और उच्च कुशल कर्मचारियों को इससे अधिक मजदूरी मिलेगी। जिन कर्मचारियों ने 10वीं, 12वीं या उससे अधिक पढ़ाई की है, उनके लिए भी कुछ मामलों में अलग मजदूरी दरें लागू हो सकती हैं।
सरकार महंगाई और रोजमर्रा की बढ़ती लागत को देखते हुए समय-समय पर न्यूनतम मजदूरी में बदलाव करती है। इसका मकसद कर्मचारियों को उनकी मेहनत के अनुसार सही वेतन दिलाना और उनकी आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाना है।
नई मजदूरी दरें लागू होने के बाद सभी नियोक्ताओं को कर्मचारियों को तय न्यूनतम मजदूरी देना जरूरी होगा। अगर कोई कंपनी या व्यक्ति इससे कम भुगतान करता है, तो उसके खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।
कर्मचारियों के लिए भी यह जरूरी है कि वे अपनी कैटेगरी के अनुसार तय न्यूनतम मजदूरी की जानकारी रखें, ताकि उन्हें उनका पूरा अधिकार मिल सके।
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नई मजदूरी दरें लागू
सरकार ने अलग-अलग कैटेगरी के कर्मचारियों के लिए नई न्यूनतम मजदूरी तय की है। इसमें अकुशल (Unskilled), अर्द्धकुशल (Semi-skilled), कुशल (Skilled) और उच्च कुशल (Highly Skilled) कर्मचारियों के लिए अलग-अलग दरें निर्धारित की गई हैं। नई दरें आज से लागू हो गई हैं और सभी काम देने वालों को इन्हीं के अनुसार भुगतान करना होगा।
नई मजदूरी दरों की बड़ी बातें
- नए नियम के तहत न्यूनतम दैनिक मजदूरी 300 रुपये तय की गई है। यानी अब इस योजना के तहत किसी भी मजदूर को 300 रुपये प्रतिदिन से कम मजदूरी नहीं मिलेगी।
- नए नियम लागू होने के बाद देशभर में औसत दैनिक मजदूरी 10% से ज्यादा बढ़ गई है।
- इस कानून के तहत ग्रामीण परिवारों को अब 100 दिनों की जगह 125 दिनों के रोजगार की गारंटी मिलेगी।
- 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मजदूरी बढ़ाकर 300 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है। वहीं, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और असम जैसे राज्यों में मजदूरी में 15% से 25% तक की बढ़ोतरी की गई है।
- अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में मजदूरी में सबसे ज्यादा, करीब 24.5% की बढ़ोतरी की गई है।
- नई अधिसूचना के अनुसार हरियाणा में 409 रुपये, गोवा में 406 रुपये, केरल में 401 रुपये और सिक्किम के ऊंचाई वाले ग्राम पंचायत क्षेत्रों में 450 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी तय की गई है।
- नई व्यवस्था को सुचारु रूप से लागू करने के लिए केंद्र सरकार ने 95,692.31 करोड़ रुपये की अंतरिम राशि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आवंटित की है।
- सरकार ने यह भी साफ किया है कि e-KYC से सत्यापित मौजूदा जॉब कार्ड तब तक मान्य रहेंगे, जब तक नए ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी नहीं कर दिए जाते।
किसे कितनी मजदूरी मिलेगी?
नई दरों के अनुसार कर्मचारियों को उनकी योग्यता और काम की कैटेगरी के हिसाब से मजदूरी मिलेगी। अकुशल कर्मचारियों के लिए सबसे कम न्यूनतम मजदूरी तय की गई है, जबकि कुशल और उच्च कुशल कर्मचारियों को इससे अधिक मजदूरी मिलेगी। जिन कर्मचारियों ने 10वीं, 12वीं या उससे अधिक पढ़ाई की है, उनके लिए भी कुछ मामलों में अलग मजदूरी दरें लागू हो सकती हैं।
सरकार क्यों करती है बदलाव?
सरकार महंगाई और रोजमर्रा की बढ़ती लागत को देखते हुए समय-समय पर न्यूनतम मजदूरी में बदलाव करती है। इसका मकसद कर्मचारियों को उनकी मेहनत के अनुसार सही वेतन दिलाना और उनकी आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाना है।
कर्मचारियों और नियोक्ताओं के लिए जरूरी बात
नई मजदूरी दरें लागू होने के बाद सभी नियोक्ताओं को कर्मचारियों को तय न्यूनतम मजदूरी देना जरूरी होगा। अगर कोई कंपनी या व्यक्ति इससे कम भुगतान करता है, तो उसके खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।
कर्मचारियों के लिए भी यह जरूरी है कि वे अपनी कैटेगरी के अनुसार तय न्यूनतम मजदूरी की जानकारी रखें, ताकि उन्हें उनका पूरा अधिकार मिल सके।









