PMKVY 4.0: सरकारी सर्टिफिकेट के साथ पाएँ फ्री स्किल ट्रेनिंग, जानें आवेदन का तरीका
केंद्र सरकार लोगों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उन्हें अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए एक खास योजना चला रही है। इस योजना का नाम है प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY)। इसके जरिए आप ऐसे हुनर सीख सकते हैं, जिनसे आपको नौकरी मिलने में आसानी हो या फिर आप अपना खुद का कोई काम शुरू कर सकें। युवाओं को ध्यान में रखकर बनाई गई यह योजना उनके लिए काफी काम की साबित हो सकती है, क्योंकि इसका मुख्य मकसद ही यही है कि युवाओं को काम-धंधे से जुड़ी ट्रेनिंग दी जाए और उनके लिए कमाई के नए रास्ते खोले जाएं।
इस योजना के तहत कई तरह के कोर्स सिखाए जाते हैं। जो लोग ट्रेनिंग पूरी करके परीक्षा पास कर लेते हैं, उन्हें सरकार की तरफ से एक प्रमाण पत्र यानी सर्टिफिकेट भी दिया जाता है। इस समय योजना का नया चरण PMKVY 4.0 चल रहा है, जिसके लिए नए दिशा-निर्देश और व्यवस्थाएं लागू की गई हैं।
आखिर क्या है PMKVY?
यह केंद्र सरकार की एक प्रमुख योजना है। इसका सीधा मकसद युवाओं को बाजार की मांग के हिसाब से काम सिखाना है, यानी ऐसे स्किल जो कंपनियों में या बिजनेस में काम आते हों। लोग अपनी पसंद और रुचि के हिसाब से कोर्स चुन सकते हैं। पढ़ाई या ट्रेनिंग खत्म होने के बाद एक छोटी सी परीक्षा या मूल्यांकन होता है और पास होने वाले युवाओं को सर्टिफिकेट दे दिया जाता है।
इस योजना में किस तरह की ट्रेनिंग मिलती है?
पीएम कौशल विकास योजना में अलग-अलग तरह के जॉब रोल के लिए ट्रेनिंग दी जाती है। जैसे कंप्यूटर और आईटी, बिजली का काम, प्लंबिंग, सिलाई-कढ़ाई, ऑटोमोबाइल, हेल्थकेयर, रिटेल, मैन्युफैक्चरिंग और ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीक से जुड़े काम। आप किस-किस तरह के कोर्स कर सकते हैं, इसकी पूरी जानकारी 'Skill India Digital' प्लेटफॉर्म या इसके आधिकारिक पोर्टल पर मिल जाएगी।
PMKVY 4.0 में क्या खास है?
योजना के इस नए चरण यानी PMKVY 4.0 में बदलती तकनीक और उद्योगों की जरूरतों का खास ख्याल रखा गया है। इसमें छोटे समय की ट्रेनिंग (शॉर्ट टर्म ट्रेनिंग) के साथ-साथ 'रेकग्निशन ऑफ प्रायर लर्निंग' (RPL) की सुविधा भी है। RPL का मतलब यह है कि अगर किसी के पास पहले से ही किसी काम का अनुभव है, तो उसके अनुभव को परखकर उसे मान्यता दी जाती है। नए नियमों के मुताबिक, शॉर्ट टर्म ट्रेनिंग 300 से 600 घंटे तक की होती है और जरूरत के हिसाब से इसे थोड़ा बदला भी जा सकता है।
कौन-कौन कर सकता है अप्लाई?
PMKVY 4.0 के नए नियमों के तहत, भारत का कोई भी नागरिक जिसके पास एक वैध आधार कार्ड है और जो चुने गए कोर्स की शर्तों को पूरा करता है, वह इस ट्रेनिंग के लिए आवेदन कर सकता है। शॉर्ट टर्म ट्रेनिंग के लिए उम्र 15 से 45 साल के बीच होनी चाहिए। हालांकि, कुछ खास कोर्स के लिए पढ़ाई-लिखाई से जुड़ी कुछ अलग शर्तें भी हो सकती हैं, इसलिए फॉर्म भरने से पहले अपने पसंदीदा कोर्स की पात्रता जरूर जांच लें।
क्या ट्रेनिंग के लिए कोई फीस लगती है?
इस योजना के तहत ट्रेनिंग लेने के लिए युवाओं से कोई भी फीस नहीं ली जाती, यह पूरी तरह मुफ्त है। वैसे तो सारी सुविधाएं फ्री हैं, फिर भी आप जिस सेंटर या कोर्स को चुन रहे हैं, उसकी शर्तें एक बार जरूर देख लें। PMKVY 4.0 के तहत ट्रेनिंग के बाद होने वाली परीक्षा और सर्टिफिकेट का खर्च भी योजना के जरिए ही उठाया जाता है।
ट्रेनिंग पूरी होने के बाद क्या होता है?
जब आपकी ट्रेनिंग पूरी हो जाती है, तो एक छोटी सी परीक्षा या टेस्ट होता है। जो उम्मीदवार इस टेस्ट को पास कर लेते हैं, उन्हें सरकार की तरफ से एक मान्यता प्राप्त सर्टिफिकेट दिया जाता है। यह सर्टिफिकेट साबित करता है कि आपने वह काम सीखा है और यह आगे नौकरी पाने या अपना काम शुरू करने में बहुत मददगार साबित होता है।
आवेदन कैसे करें?
आवेदन करने के लिए सबसे पहले आपको ' Skill India Digital Hub ' पोर्टल पर जाना होगा। वहां आप अपनी पसंद का कोर्स चुन सकते हैं। इसके बाद पोर्टल पर बताए गए तरीकों को अपनाकर अपना रजिस्ट्रेशन और आवेदन फॉर्म भर सकते हैं। अगर आप चाहें तो अपने नजदीकी सरकारी ट्रेनिंग सेंटर या स्किल सेंटर पर जाकर भी कोर्स और एडमिशन की जानकारी ले सकते हैं। PMKVY 4.0 के तहत कई सरकारी संस्थानों, स्किल हब और मान्यता प्राप्त केंद्रों पर ट्रेनिंग दी जा रही है।
किन कागजातों की पड़ेगी जरूरत?
इस योजना में फॉर्म भरने के लिए कुछ जरूरी दस्तावेज चाहिए होते हैं। आपको अपनी पहचान और पात्रता साबित करने वाले कागज देने हो सकते हैं। सबसे जरूरी यह है कि आपके पास एक सही आधार कार्ड और चालू मोबाइल नंबर होना चाहिए। आवेदन करने से पहले संबंधित सेंटर या कोर्स के लिए मांगी गई सभी जानकारियों को अच्छे से पढ़ लें।
क्या इस योजना से नौकरी की गारंटी मिलती है?
ट्रेनिंग पूरी करने और सर्टिफिकेट मिलने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आपको सीधी नौकरी मिल ही जाएगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं को काम सिखाना और उन्हें प्रमाण पत्र देना है ताकि वे नौकरी पाने के काबिल बन सकें। आगे नौकरी मिलना या न मिलना आपके हुनर, अनुभव, आपके इलाके में काम के मौकों और आपकी मेहनत पर निर्भर करता है।
अगर आप कम समय में कोई काम सीखकर अपने पैरों पर खड़ा होना चाहते हैं, तो प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना आपके लिए एक बेहतरीन जरिया बन सकती है। PMKVY 4.0 में पुराने पारंपरिक कामों के साथ-साथ नए जमाने के कोर्स भी शामिल किए गए हैं। अगर आप भी इसका फायदा उठाना चाहते हैं, तो आज ही Skill India Digital Hub पर जाकर अपने लिए सही कोर्स खोजें और नजदीकी सेंटर से आवेदन की प्रक्रिया पूरी करें।
इस योजना के तहत कई तरह के कोर्स सिखाए जाते हैं। जो लोग ट्रेनिंग पूरी करके परीक्षा पास कर लेते हैं, उन्हें सरकार की तरफ से एक प्रमाण पत्र यानी सर्टिफिकेट भी दिया जाता है। इस समय योजना का नया चरण PMKVY 4.0 चल रहा है, जिसके लिए नए दिशा-निर्देश और व्यवस्थाएं लागू की गई हैं।
आखिर क्या है PMKVY?
यह केंद्र सरकार की एक प्रमुख योजना है। इसका सीधा मकसद युवाओं को बाजार की मांग के हिसाब से काम सिखाना है, यानी ऐसे स्किल जो कंपनियों में या बिजनेस में काम आते हों। लोग अपनी पसंद और रुचि के हिसाब से कोर्स चुन सकते हैं। पढ़ाई या ट्रेनिंग खत्म होने के बाद एक छोटी सी परीक्षा या मूल्यांकन होता है और पास होने वाले युवाओं को सर्टिफिकेट दे दिया जाता है।
इस योजना में किस तरह की ट्रेनिंग मिलती है?
पीएम कौशल विकास योजना में अलग-अलग तरह के जॉब रोल के लिए ट्रेनिंग दी जाती है। जैसे कंप्यूटर और आईटी, बिजली का काम, प्लंबिंग, सिलाई-कढ़ाई, ऑटोमोबाइल, हेल्थकेयर, रिटेल, मैन्युफैक्चरिंग और ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीक से जुड़े काम। आप किस-किस तरह के कोर्स कर सकते हैं, इसकी पूरी जानकारी 'Skill India Digital' प्लेटफॉर्म या इसके आधिकारिक पोर्टल पर मिल जाएगी।
PMKVY 4.0 में क्या खास है?
योजना के इस नए चरण यानी PMKVY 4.0 में बदलती तकनीक और उद्योगों की जरूरतों का खास ख्याल रखा गया है। इसमें छोटे समय की ट्रेनिंग (शॉर्ट टर्म ट्रेनिंग) के साथ-साथ 'रेकग्निशन ऑफ प्रायर लर्निंग' (RPL) की सुविधा भी है। RPL का मतलब यह है कि अगर किसी के पास पहले से ही किसी काम का अनुभव है, तो उसके अनुभव को परखकर उसे मान्यता दी जाती है। नए नियमों के मुताबिक, शॉर्ट टर्म ट्रेनिंग 300 से 600 घंटे तक की होती है और जरूरत के हिसाब से इसे थोड़ा बदला भी जा सकता है।
कौन-कौन कर सकता है अप्लाई?
PMKVY 4.0 के नए नियमों के तहत, भारत का कोई भी नागरिक जिसके पास एक वैध आधार कार्ड है और जो चुने गए कोर्स की शर्तों को पूरा करता है, वह इस ट्रेनिंग के लिए आवेदन कर सकता है। शॉर्ट टर्म ट्रेनिंग के लिए उम्र 15 से 45 साल के बीच होनी चाहिए। हालांकि, कुछ खास कोर्स के लिए पढ़ाई-लिखाई से जुड़ी कुछ अलग शर्तें भी हो सकती हैं, इसलिए फॉर्म भरने से पहले अपने पसंदीदा कोर्स की पात्रता जरूर जांच लें।
क्या ट्रेनिंग के लिए कोई फीस लगती है?
इस योजना के तहत ट्रेनिंग लेने के लिए युवाओं से कोई भी फीस नहीं ली जाती, यह पूरी तरह मुफ्त है। वैसे तो सारी सुविधाएं फ्री हैं, फिर भी आप जिस सेंटर या कोर्स को चुन रहे हैं, उसकी शर्तें एक बार जरूर देख लें। PMKVY 4.0 के तहत ट्रेनिंग के बाद होने वाली परीक्षा और सर्टिफिकेट का खर्च भी योजना के जरिए ही उठाया जाता है।
ट्रेनिंग पूरी होने के बाद क्या होता है?
जब आपकी ट्रेनिंग पूरी हो जाती है, तो एक छोटी सी परीक्षा या टेस्ट होता है। जो उम्मीदवार इस टेस्ट को पास कर लेते हैं, उन्हें सरकार की तरफ से एक मान्यता प्राप्त सर्टिफिकेट दिया जाता है। यह सर्टिफिकेट साबित करता है कि आपने वह काम सीखा है और यह आगे नौकरी पाने या अपना काम शुरू करने में बहुत मददगार साबित होता है।
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आवेदन कैसे करें?
आवेदन करने के लिए सबसे पहले आपको ' Skill India Digital Hub ' पोर्टल पर जाना होगा। वहां आप अपनी पसंद का कोर्स चुन सकते हैं। इसके बाद पोर्टल पर बताए गए तरीकों को अपनाकर अपना रजिस्ट्रेशन और आवेदन फॉर्म भर सकते हैं। अगर आप चाहें तो अपने नजदीकी सरकारी ट्रेनिंग सेंटर या स्किल सेंटर पर जाकर भी कोर्स और एडमिशन की जानकारी ले सकते हैं। PMKVY 4.0 के तहत कई सरकारी संस्थानों, स्किल हब और मान्यता प्राप्त केंद्रों पर ट्रेनिंग दी जा रही है।
किन कागजातों की पड़ेगी जरूरत?
इस योजना में फॉर्म भरने के लिए कुछ जरूरी दस्तावेज चाहिए होते हैं। आपको अपनी पहचान और पात्रता साबित करने वाले कागज देने हो सकते हैं। सबसे जरूरी यह है कि आपके पास एक सही आधार कार्ड और चालू मोबाइल नंबर होना चाहिए। आवेदन करने से पहले संबंधित सेंटर या कोर्स के लिए मांगी गई सभी जानकारियों को अच्छे से पढ़ लें।
क्या इस योजना से नौकरी की गारंटी मिलती है?
ट्रेनिंग पूरी करने और सर्टिफिकेट मिलने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आपको सीधी नौकरी मिल ही जाएगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं को काम सिखाना और उन्हें प्रमाण पत्र देना है ताकि वे नौकरी पाने के काबिल बन सकें। आगे नौकरी मिलना या न मिलना आपके हुनर, अनुभव, आपके इलाके में काम के मौकों और आपकी मेहनत पर निर्भर करता है।
अगर आप कम समय में कोई काम सीखकर अपने पैरों पर खड़ा होना चाहते हैं, तो प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना आपके लिए एक बेहतरीन जरिया बन सकती है। PMKVY 4.0 में पुराने पारंपरिक कामों के साथ-साथ नए जमाने के कोर्स भी शामिल किए गए हैं। अगर आप भी इसका फायदा उठाना चाहते हैं, तो आज ही Skill India Digital Hub पर जाकर अपने लिए सही कोर्स खोजें और नजदीकी सेंटर से आवेदन की प्रक्रिया पूरी करें।





