देश के करोड़ों किसानों की मेहनत को मौसम की मार से बचाने के लिए केंद्र सरकार की सबसे बड़ी योजना प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खरीफ 2026 सीजन के लिए पूरी तरह सक्रिय हो चुकी है। बदलते मौसम, असमय बारिश, सूखा और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के कारण अक्सर किसानों की खड़ी फसलें बर्बाद हो जाती हैं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इसी जोखिम को कम करने और किसानों की आमदनी को सुरक्षित रखने के लिए सरकार बेहद कम प्रीमियम पर फसलों का इंश्योरेंस कराने की सुविधा दे रही है। यदि आप भी इस खरीफ सीजन में धान, मक्का, बाजरा, कपास, मूंगफली या सोयाबीन जैसी फसलें उगा रहे हैं, तो यह सरकारी योजना आपके लिए एक बेहतरीन सुरक्षा कवच साबित हो सकती है।
कृषि विभाग ने इस सीजन के लिए आवेदन करने की अंतिम समय सीमा निर्धारित कर दी है। सभी पात्र और इच्छुक किसान भाइयों को आगामी 31 जुलाई 2026 से पहले अपना पंजीकरण हर हाल में पूरा करना होगा। यदि आप इस तय तारीख से चूक जाते हैं, तो आपको इस पूरे खरीफ सीजन में किसी भी प्रकार के फसल नुकसान का मुआवजा नहीं मिल पाएगा। ऐसे किसान जिन्होंने बैंक से किसान क्रेडिट कार्ड यानी केसीसी के माध्यम से फसल लोन लिया हुआ है, उनका बीमा संबंधित बैंक द्वारा स्वतः (Automatically) कर दिया जाता है। लेकिन गैर-लोणी किसानों को इस योजना का लाभ उठाने के लिए खुद आगे आकर ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से आवेदन करना पड़ता है।
मात्र 2 फीसदी प्रीमियम पर पाएं लाखों रुपये का बीमा कवर
इस योजना की सबसे बड़ी खूबी इसका बेहद किफायती और रियायती प्रीमियम ढांचा है, ताकि गरीब से गरीब किसान भी अपनी फसलों का इंश्योरेंस आसानी से करा सके। खरीफ फसलों के लिए किसानों को कुल बीमित राशि का केवल 2% प्रीमियम ही देना होता है। वहीं, रबी फसलों के लिए यह दर 1.5% और व्यावसायिक या बागवानी फसलों (जैसे प्याज, आलू और कपास) के लिए 5% तय की गई है। बाकी की बची हुई भारी-भरकम प्रीमियम राशि का भुगतान केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा समान रूप से सब्सिडी के रूप में किया जाता है। उदाहरण के लिए, यदि आपकी धान की फसल का कुल बीमा मूल्य ₹50,000 है, तो आपको अपनी जेब से मात्र ₹1,000 का प्रीमियम देना होगा, जबकि आपकी फसल को पूरी वित्तीय सुरक्षा मिलेगी।
आवेदन करने के लिए इन जरूरी दस्तावेजों को रखें तैयार
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का ऑनलाइन या ऑफलाइन फॉर्म भरने से पहले आपको कुछ महत्वपूर्ण डिजिटल और राजस्व दस्तावेज अपने पास संभालकर रख लेने चाहिए ताकि क्लेम के समय कोई दिक्कत न आए। आवेदन के लिए आपके पास अपना आधार कार्ड, बैंक खाते की पासबुक की कॉपी (जिसमें आईएफएससी कोड साफ दर्ज हो) और मोबाइल नंबर होना अनिवार्य है। इसके साथ ही, भूमि के मालिकाना हक को साबित करने वाले रिकॉर्ड जैसे खसरा नंबर या 7/12 का दस्तावेज और हाल ही में की गई फसल बुवाई का स्व-घोषणा पत्र या बुवाई प्रमाण पत्र भी अपलोड करना होता है। बटाईदार या किराये पर खेती करने वाले किसान भी वैध रेंट एग्रीमेंट या जमींदार के सहमति पत्र के साथ इस योजना के लिए पूरी तरह पात्र हैं।
स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया: घर बैठे ऐसे करें ऑनलाइन अप्लाई
फसलों का बीमा कराने की प्रक्रिया को सरकार ने पूरी तरह से डिजिटल और पारदर्शी बना दिया है। आप खुद अपने मोबाइल या कंप्यूटर से पीएम फसल बीमा योजना के आधिकारिक पोर्टल (pmfby.gov.in) पर जाकर 'फार्मर कॉर्नर' के विकल्प को चुन सकते हैं। इसके बाद 'गेस्ट फार्मर' के रूप में अपनी आईडी बनाकर अपने आधार और बैंक खाते की जानकारी दर्ज करें। अगले चरण में आपको अपने राज्य, जिले और गांव का चयन करके जमीन का खसरा नंबर और फसल का नाम डालना होगा। जानकारी सबमिट करते ही आपका प्रीमियम अपने आप स्क्रीन पर आ जाएगा, जिसका भुगतान आप यूपीआई, डेबिट कार्ड या नेट बैंकिंग से कर सकते हैं। आप चाहें तो अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर भी यह काम आसानी से करा सकते हैं।
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