होली मनाने के लिए भारत की 6 बेस्ट जगहें, जहां रंगों का मिलेगा असली मज़ा
होली का त्योहार आते ही हर तरफ रंग, गुलाल और खुशियों की बहार आ जाती है। लेकिन अगर आप इस बार होली को यादगार बनाना चाहते हैं, तो क्यों न किसी खास जगह पर जाकर इसे मनाया जाए? भारत में कई ऐसे स्थान हैं जहां होली को अनोखे और भव्य तरीके से मनाया जाता है। हर जगह होली मनाने का तरीका अलग होता है, जो इस त्योहार को और भी खास बना देता है। आइए जानते हैं उन खास जगहों के बारे में जहां होली का असली मज़ा लिया जा सकता है।
1. मथुरा - भगवान कृष्ण की नगरी में रंगों की धूम
मथुरा भगवान कृष्ण की जन्मस्थली है, इसलिए यहां होली बहुत खास तरीके से मनाई जाती है। यहां के द्वारकाधीश मंदिर में होली के दिन हजारों भक्त इकट्ठा होकर गुलाल उड़ाते हैं, भजन गाते हैं और नाचते-गाते हैं। इसके अलावा, विश्राम घाट से शुरू होकर होली गेट तक निकलने वाली शोभायात्रा भी देखने लायक होती है।
2. वृंदावन - फूलों और रंगों की अनोखी होली
मथुरा के पास स्थित वृंदावन में होली एक हफ्ते तक चलती है। यहां का बांके बिहारी मंदिर इस त्योहार का मुख्य केंद्र होता है। यहां होली की शुरुआत फूलों की होली से होती है, फिर विधवाओं की होली खेली जाती है और अंत में रंगों की होली से समापन होता है। होली के दौरान वृंदावन की गलियां गुलाल और अबीर से रंगीन हो जाती हैं, और चारों तरफ ढोल-नगाड़ों की धुन पर लोग नाचते-गाते नजर आते हैं।
3. शांतिनिकेतन - बसंत उत्सव की सांस्कृतिक होली
पश्चिम बंगाल के शांतिनिकेतन में होली को बसंत उत्सव के रूप में मनाया जाता है। इसकी शुरुआत नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर ने की थी। इस दौरान विश्व भारती विश्वविद्यालय के छात्र पारंपरिक बंगाली गीत गाते हैं, नृत्य करते हैं और पीले कपड़े पहनकर रंगों से खेलते हैं। यह होली मनाने का एक अनोखा और सांस्कृतिक तरीका है।
4. उदयपुर - राजशाही अंदाज में होली का मज़ा
अगर आप शाही अंदाज में होली का मजा लेना चाहते हैं, तो उदयपुर सबसे बेहतरीन जगह है। यहां होली का उत्सव होलिका दहन से शुरू होता है, जिसमें खुद मेवाड़ के महाराजा हिस्सा लेते हैं। इसके बाद शाही जुलूस निकाला जाता है, जिसमें ऊंट, हाथी और घोड़ों के साथ लोग पारंपरिक नृत्य करते हैं।
5. हम्पी - दक्षिण भारत की अद्भुत होली
अगर आपको लगता है कि होली सिर्फ उत्तर भारत में ही धूमधाम से मनाई जाती है, तो ऐसा नहीं है। कर्नाटक के हम्पी में भी होली का जबरदस्त क्रेज़ है। यहां लोग ढोल बजाते हुए, गाते-नाचते हुए और रंगों से खेलते हुए पूरे शहर में घूमते हैं। होली मनाने के बाद सभी लोग तुंगभद्रा नदी में डुबकी लगाकर खुद को रंगों से साफ करते हैं।
6. बरसाना - लट्ठमार होली का खास अनुभव
बरसाना की लट्ठमार होली दुनियाभर में मशहूर है और इसे देखने के लिए देश-विदेश से हजारों लोग आते हैं।
बरसाना में खेली जाने वाली इस अनोखी होली में महिलाएं पुरुषों को लाठियों (लट्ठ) से मारती हैं, और पुरुष खुद को ढाल (रक्षा करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली वस्तु) से बचाने की कोशिश करते हैं। यह होली देखने और खेलने का अपना ही मजा है। होली के दौरान बरसाना में चारों ओर रंग-बिरंगे गुलाल उड़ते हैं और ढोल-नगाड़ों की गूंज माहौल को और भी रोमांचक बना देती है।
अगर आप इस होली को खास बनाना चाहते हैं, तो इनमें से किसी भी जगह का प्लान बना सकते हैं। हर जगह का होली मनाने का तरीका अनोखा और अद्भुत है, जो आपको एक नया अनुभव देगा। तो इस बार गुलाल उड़ाइए, संगीत का मजा लीजिए और अपनी होली को यादगार बनाइए।
1. मथुरा - भगवान कृष्ण की नगरी में रंगों की धूम
मथुरा भगवान कृष्ण की जन्मस्थली है, इसलिए यहां होली बहुत खास तरीके से मनाई जाती है। यहां के द्वारकाधीश मंदिर में होली के दिन हजारों भक्त इकट्ठा होकर गुलाल उड़ाते हैं, भजन गाते हैं और नाचते-गाते हैं। इसके अलावा, विश्राम घाट से शुरू होकर होली गेट तक निकलने वाली शोभायात्रा भी देखने लायक होती है।
2. वृंदावन - फूलों और रंगों की अनोखी होली
मथुरा के पास स्थित वृंदावन में होली एक हफ्ते तक चलती है। यहां का बांके बिहारी मंदिर इस त्योहार का मुख्य केंद्र होता है। यहां होली की शुरुआत फूलों की होली से होती है, फिर विधवाओं की होली खेली जाती है और अंत में रंगों की होली से समापन होता है। होली के दौरान वृंदावन की गलियां गुलाल और अबीर से रंगीन हो जाती हैं, और चारों तरफ ढोल-नगाड़ों की धुन पर लोग नाचते-गाते नजर आते हैं।
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3. शांतिनिकेतन - बसंत उत्सव की सांस्कृतिक होली
पश्चिम बंगाल के शांतिनिकेतन में होली को बसंत उत्सव के रूप में मनाया जाता है। इसकी शुरुआत नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर ने की थी। इस दौरान विश्व भारती विश्वविद्यालय के छात्र पारंपरिक बंगाली गीत गाते हैं, नृत्य करते हैं और पीले कपड़े पहनकर रंगों से खेलते हैं। यह होली मनाने का एक अनोखा और सांस्कृतिक तरीका है।
4. उदयपुर - राजशाही अंदाज में होली का मज़ा
अगर आप शाही अंदाज में होली का मजा लेना चाहते हैं, तो उदयपुर सबसे बेहतरीन जगह है। यहां होली का उत्सव होलिका दहन से शुरू होता है, जिसमें खुद मेवाड़ के महाराजा हिस्सा लेते हैं। इसके बाद शाही जुलूस निकाला जाता है, जिसमें ऊंट, हाथी और घोड़ों के साथ लोग पारंपरिक नृत्य करते हैं।
5. हम्पी - दक्षिण भारत की अद्भुत होली
अगर आपको लगता है कि होली सिर्फ उत्तर भारत में ही धूमधाम से मनाई जाती है, तो ऐसा नहीं है। कर्नाटक के हम्पी में भी होली का जबरदस्त क्रेज़ है। यहां लोग ढोल बजाते हुए, गाते-नाचते हुए और रंगों से खेलते हुए पूरे शहर में घूमते हैं। होली मनाने के बाद सभी लोग तुंगभद्रा नदी में डुबकी लगाकर खुद को रंगों से साफ करते हैं।
6. बरसाना - लट्ठमार होली का खास अनुभव
बरसाना की लट्ठमार होली दुनियाभर में मशहूर है और इसे देखने के लिए देश-विदेश से हजारों लोग आते हैं।
बरसाना में खेली जाने वाली इस अनोखी होली में महिलाएं पुरुषों को लाठियों (लट्ठ) से मारती हैं, और पुरुष खुद को ढाल (रक्षा करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली वस्तु) से बचाने की कोशिश करते हैं। यह होली देखने और खेलने का अपना ही मजा है। होली के दौरान बरसाना में चारों ओर रंग-बिरंगे गुलाल उड़ते हैं और ढोल-नगाड़ों की गूंज माहौल को और भी रोमांचक बना देती है।
अगर आप इस होली को खास बनाना चाहते हैं, तो इनमें से किसी भी जगह का प्लान बना सकते हैं। हर जगह का होली मनाने का तरीका अनोखा और अद्भुत है, जो आपको एक नया अनुभव देगा। तो इस बार गुलाल उड़ाइए, संगीत का मजा लीजिए और अपनी होली को यादगार बनाइए।





