सावधान! बाज़ार में बिक रही है नकली किशमिश, इस तरह करें असली-नकली का फ़र्क
सूखे मेवों का सेवन हमारी दिनचर्या में सेहत को दुरुस्त रखने का एक बेहतरीन जरिया माना जाता है। इनमें किशमिश अपनी मिठास और ढेरों पौष्टिक गुणों की वजह से हर घर में खूब पसंद की जाती है। यह शरीर को तुरंत ऊर्जा देने के साथ-साथ पाचन तंत्र और खून की कमी को दूर करने में भी बहुत मददगार साबित होती है। लेकिन आजकल बाजार में ज्यादा मुनाफा कमाने के चक्कर में किशमिश में हानिकारक रसायनों, सल्फर डाइऑक्साइड और कृत्रिम रंगों की मिलावट का चलन बहुत बढ़ गया है। मिलावटी किशमिश को आकर्षक और चमकदार बनाने के लिए इन चीजों का इस्तेमाल किया जाता है, जो हमारी सेहत को फायदा पहुंचाने के बजाय नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसलिए यह बेहद जरूरी हो जाता है कि हम जो खा रहे हैं, उसकी शुद्धता की जांच खुद कर सकें ताकि हमारा परिवार सुरक्षित रहे।
खाने-पीने की चीजों में शुद्धता का ध्यान रखना हमारी अच्छी सेहत की पहली सीढ़ी है। किशमिश जैसे पौष्टिक आहार का पूरा फायदा तभी मिल सकता है जब वह पूरी तरह से प्राकृतिक और मिलावट से मुक्त हो। घर पर की जाने वाली ये छोटी-छोटी जांचें बहुत ही सरल हैं और इनके लिए किसी खास साधन की जरूरत नहीं पड़ती। जागरूक रहकर और सही जानकारी का उपयोग करके आप हमेशा उत्तम गुणवत्ता वाले मेवों का चुनाव कर सकते हैं और अपनी सेहत को सुरक्षित रख सकते हैं।
पानी की मदद से शुद्धता की आसान जांच
किशमिश असली है या उसमें किसी तरह के कृत्रिम रंग की मिलावट की गई है, इसका पता आप पानी की मदद से मिनटों में लगा सकते हैं। इसके लिए एक पारदर्शी कांच के गिलास में साफ पानी लें और उसमें थोड़ी सी किशमिश डाल दें। थोड़ी देर के बाद पानी के रंग पर ध्यान दें। यदि किशमिश में मिलावट होगी या उस पर रासायनिक रंग चढ़ा होगा, तो पानी का रंग धीरे-धीरे बदलने लगेगा और उसमें हल्का पीला या भूरापन आ जाएगा। असली और प्राकृतिक किशमिश का रंग पानी में डालने पर तुरंत नहीं छूटता। इसके अलावा, जो किशमिश पूरी तरह से शुद्ध होती है, वह पानी में भीगने के बाद सही तरीके से फूल जाती है, जबकि अत्यधिक रसायनों के प्रभाव वाली किशमिश का ऊपरी छिलका बहुत अजीब सा दिखाई देने लगता है।गंध और रंग से असली और नकली का फर्क पहचानना
किशमिश खरीदते समय या घर लाकर उसकी गंध और प्राकृतिक बनावट से भी उसकी गुणवत्ता का अंदाजा लगाया जा सकता है। प्राकृतिक तरीके से सुखाई गई किशमिश का रंग कभी भी एक समान चमकदार पीला नहीं होता। उसमें थोड़ा बहुत प्राकृतिक भूरापन या असमानता होना बिल्कुल सामान्य बात है। यदि कोई किशमिश जरूरत से ज्यादा सुनहरी, चमकदार और एक ही रंग की दिख रही है, तो संभावना है कि उस पर गंधक या सल्फर की भाप दी गई है। इसके अलावा, किशमिश को नाक के पास लाकर सूंघें। अगर उसमें से किसी तरह की कड़वी रासायनिक गंध या माचिस के मसाले जैसी तीखी महक आती है, तो समझ जाएं कि उसे सुखाने के लिए रसायनों का सहारा लिया गया है। शुद्ध किशमिश में हमेशा मीठी और प्राकृतिक फल जैसी सौंधी महक होती है।You may also like
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छूकर और दबाकर देखें किशमिश की बनावट
हाथों के स्पर्श से भी आप मिलावटी और शुद्ध किशमिश के अंतर को बहुत आसानी से समझ सकते हैं। अपनी उंगलियों के बीच में एक किशमिश को लेकर हल्का सा दबाएं। असली किशमिश बाहर से बहुत ज्यादा चिपचिपी नहीं होती और दबाने पर मुलायम तथा लचीली महसूस होती है। कई बार व्यापारी किशमिश को चमकदार और भारी बनाने के लिए उस पर घटिया किस्म का तेल या मोम लगा देते हैं। यदि किशमिश को छूने पर हाथों में तेल जैसा अहसास हो या उंगलियां आपस में चिपकने लगें, तो ऐसी किशमिश में मिलावट होने का पूरा अंदेशा रहता है। शुद्ध किशमिश छूने में साफ-सुथरी और प्राकृतिक महसूस होती है।सेहत की सुरक्षा के लिए समझदारी से करें खरीदारी
बाजार से सूखे मेवे खरीदते समय थोड़ी सी सतर्कता आपको और आपके परिवार को रसायनों के दुष्प्रभाव से बचा सकती है। सिर्फ बाहरी चमक देखकर सामान खरीदने की आदत से बचें, क्योंकि अक्सर ज्यादा चमकदार दिखने वाली चीजें सेहत के लिए सही नहीं होतीं। हमेशा भरोसेमंद और जाने-पहचाने विक्रेताओं से ही खरीदारी करें। यदि संभव हो तो प्राकृतिक और बिना रसायनों के तैयार की गई किशमिश को ही प्राथमिकता दें। घर लाकर ऊपर बताए गए आसान तरीकों से उसकी जांच करें और यदि आपको किसी तरह की मिलावट की आशंका महसूस हो, तो ऐसी चीजों का सेवन करने से बचें।खाने-पीने की चीजों में शुद्धता का ध्यान रखना हमारी अच्छी सेहत की पहली सीढ़ी है। किशमिश जैसे पौष्टिक आहार का पूरा फायदा तभी मिल सकता है जब वह पूरी तरह से प्राकृतिक और मिलावट से मुक्त हो। घर पर की जाने वाली ये छोटी-छोटी जांचें बहुत ही सरल हैं और इनके लिए किसी खास साधन की जरूरत नहीं पड़ती। जागरूक रहकर और सही जानकारी का उपयोग करके आप हमेशा उत्तम गुणवत्ता वाले मेवों का चुनाव कर सकते हैं और अपनी सेहत को सुरक्षित रख सकते हैं।





