बाजार में बादाम खरीदते समय न खाएं धोखा! जानें असली और नकली बादाम पहचानने के आसान तरीके
बादाम को सेहत का खजाना माना जाता है और यह हमारी दैनिक खुराक का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। सुबह-सुबह भीगे हुए बादाम खाना हो या फिर याददाश्त और शारीरिक ताकत बढ़ानी हो, हर घर में बादाम का इस्तेमाल खूब किया जाता है। लेकिन आजकल बाजार में असली और शुद्ध बादाम पाना थोड़ा मुश्किल हो गया है। ज्यादा मुनाफा कमाने की होड़ में कुछ व्यापारी पुराने और घटिया किस्म के बादाम पर रासायनिक रंग चढ़ाकर या उनका असली तेल निकालकर उन्हें चमका देते हैं। ऐसे मिलावटी या खराब बादाम खाने से सेहत को फायदा मिलने के बजाय पेट की समस्याएं और अन्य नुकसान हो सकते हैं। इसीलिए खरीदारी करते समय और घर लाने के बाद बादाम की शुद्धता परखना बहुत जरूरी हो जाता है।
खरीदारी करते समय हमेशा भरोसेमंद दुकानों से ही बादाम खरीदें और बहुत ज्यादा सस्ते दामों के लालच में न आएं। थोड़ा सा ध्यान देकर और इन आसान तरीकों को अपनाकर आप अपने परिवार के लिए हमेशा शुद्ध और सेहतमंद मेवे चुन सकते हैं। सेहत के साथ कोई समझौता न करें और सही जानकारी के साथ हमेशा उत्तम गुणवत्ता वाले बादाम का ही सेवन करें।
बादाम का रंग और दिखावट देखकर पहचान करना
बादाम की गुणवत्ता जांचने का सबसे पहला तरीका उसकी बाहरी दिखावट को ध्यान से देखना है। असली और प्राकृतिक बादाम का रंग हल्का भूरा होता है और उसकी सतह पर बहुत ज्यादा चमक नहीं होती। यदि कोई बादाम जरूरत से ज्यादा गहरा, चमकीला या लाल रंग का दिखाई दे रहा है, तो समझ जाएं कि उस पर कृत्रिम रंग या पॉलिश का इस्तेमाल किया गया है। बादाम को अपनी हथेलियों के बीच रखकर थोड़ी देर रगड़ें। यदि आपकी हथेली पर हल्का भूरा या लाल रंग छूटने लगे, तो उसमें मिलावट की पूरी संभावना है। प्राकृतिक बादाम को रगड़ने पर कभी भी कोई रंग नहीं छूटता।पानी की मदद से शुद्धता और तेल की जांच
पानी का परीक्षण बादाम की असलियत जानने का एक बहुत ही असरदार तरीका है। इसके लिए एक कटोरी पानी में थोड़े से बादाम डालकर रात भर या कुछ घंटों के लिए छोड़ दें। अगर पानी का रंग बदलने लगे और उसमें से केमिकल की महक आने लगे, तो बादाम पर कृत्रिम रंग चढ़ाया गया है। इसके अलावा, जब आप भीगे हुए बादाम का छिलका उतारते हैं, तो असली बादाम का छिलका बहुत आसानी से बिना टूटे निकल जाता है और अंदर की गिरी बिल्कुल सफेद और साफ होती है। यदि छिलका उतारने में दिक्कत हो या गिरी का रंग पीला दिखाई दे, तो वह पुराना या खराब गुणवत्ता का हो सकता है।You may also like
- सावन में 10 रुपये का एक धतूरा खरीदने की नहीं जरूरत, गमले में आसानी से उग जाएगा पौधा, कविता की बगिया से मिला सही तरीका
- 'मैं 7 रातों से सोई नहीं हूं, बिना बात रोना आता है' नई मां की शिकायत सुन डॉक्टर ने बताया क्यों होता है ऐसा
- बचे हुए चावल से कुरकुरे पकौड़े बनाने की आसान विधि
- गोवा की यात्रा का मज़ा लें: IRCTC का नया एयर टूर पैकेज
- सरकारी नौकरी को लेकर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला! ज्यादा पढ़े-लिखे युवाओं को लगा तगड़ा झटका
छिलके की रंगत और हाथ के स्पर्श से परखना
हाथों के स्पर्श और बादाम की बनावट से भी उसकी सही पहचान की जा सकती है। जब बादाम में से उसका प्राकृतिक तेल निकाल लिया जाता है, तो वह बहुत सूखा, बेजान और हल्का महसूस होने लगता है। असली बादाम को अंगूठे और उंगली से दबाने पर वह खोखला नहीं लगता। यदि आप बादाम के छिलके को खुरचते हैं और छिलका पाउडर की तरह झड़ने लगता है, तो वह पुराना हो चुका है। इसके अलावा, अगर बादाम को छूने पर हाथों में ज्यादा तेल या चिपचिपापन लगे, तो उसमें कृत्रिम तेल मिलाया गया हो सकता है। शुद्ध बादाम छूने में साफ और ठोस महसूस होता है।स्वाद और गंध से असली और नकली का अंतर
बादाम को खाकर और सूंघकर उसकी ताजगी का एकदम सटीक अंदाजा लगाया जा सकता है। एक बादाम को मुंह में रखकर धीरे-धीरे चबाएं। असली और ताजा बादाम खाने में हल्का मीठा, कुरकुरा और सौंधा लगता है। इसके विपरीत, यदि बादाम चबाने पर कड़वा लगे या उसमें से पुराने तेल और कवक जैसी अजीब गंध आए, तो वह खराब हो चुका है। ऐसे कड़वे बादाम में हानिकारक तत्व मौजूद हो सकते हैं जो सेहत के लिए ठीक नहीं होते। अगर बादाम चबाने पर बिल्कुल बेस्वाद लगे, तो इसका मतलब है कि उसमें से सारा जरूरी पोषण और प्राकृतिक तेल पहले ही निकाला जा चुका है।खरीदारी करते समय हमेशा भरोसेमंद दुकानों से ही बादाम खरीदें और बहुत ज्यादा सस्ते दामों के लालच में न आएं। थोड़ा सा ध्यान देकर और इन आसान तरीकों को अपनाकर आप अपने परिवार के लिए हमेशा शुद्ध और सेहतमंद मेवे चुन सकते हैं। सेहत के साथ कोई समझौता न करें और सही जानकारी के साथ हमेशा उत्तम गुणवत्ता वाले बादाम का ही सेवन करें।





