असली और नकली दालचीनी की पहचान कैसे करें? घर पर परखने के 5 आसान तरीके
दालचीनी भारतीय रसोई में इस्तेमाल होने वाले सबसे बेहतरीन मसालों में से एक है। मसाला चाय और पुलाव से लेकर बिरयानी और मिठाइयों तक, इसकी हल्की खुशबू और खास स्वाद किसी भी डिश का स्वाद बढ़ा सकता है। हालांकि, जो दालचीनी आप दुकानों से खरीदते हैं, वह अलग-अलग किस्मों की हो सकती है।
दुकानों पर मिलने वाली दालचीनी में मुख्य रूप से दो किस्में होती हैं, पहली सीलोन दालचीनी जिसे असली दालचीनी भी कहा जाता है, और दूसरी कैसिया दालचीनी। यहां यह जानना जरूरी है कि कैसिया कोई नकली दालचीनी नहीं है, बल्कि यह दालचीनी की ही एक अलग किस्म है। भ्रम तब पैदा होता है जब किसी दूसरी किस्म को सीलोन दालचीनी बताकर बाजार में बेच दिया जाता है।
अगर आप केवल असली सीलोन दालचीनी ही खरीदना चाहते हैं, तो इन 5 आसान तरीकों से आप दोनों के बीच का अंतर समझ सकते हैं।
हालांकि, सिर्फ रंग देखकर किस्म की पुष्टि नहीं की जा सकती। फसल के समय, सुखाने के तरीके और रखने की स्थिति से भी इसके रंग में थोड़ा बदलाव आ सकता है।
सीलोन दालचीनी की डंडियां छाल की कई पतली-पतली परतों को एक साथ रोल करके बनाई जाती हैं। जब आप इसे किनारे से देखेंगे, तो इसमें एक सिगार की तरह बारीक और कई परतें दिखाई देंगी।
कैसिया दालचीनी की डंडियां आमतौर पर ज्यादा मोटी, सख्त और कम परतों वाली होती हैं। जब आप दोनों तरह की साबुत डंडियों को आमने-सामने रखेंगे, तो यह अंतर आसानी से साफ दिख जाएगा।
कैसिया दालचीनी काफी मोटी, मजबूत और सख्त होती है, जिसे हाथ से तोड़ना बहुत मुश्किल होता है। इसलिए इसे छूकर और इसकी बनावट देखकर भी आप काफी हद तक इसकी किस्म का अंदाजा लगा सकते हैं।
फिर भी, नमी और रखने के तरीके से बनावट पर थोड़ा असर पड़ सकता है, इसलिए इसे पहचान की केवल एक कड़ी के रूप में ही देखें।
अगर आपके पास दोनों किस्में मौजूद हैं, तो दोनों को सूंघकर अंतर तुरंत समझ आ जाएगा। हालांकि, केवल खुशबू से यह तय नहीं किया जा सकता कि प्रोडक्ट पूरी तरह से शुद्ध और मिलावट रहित है या नहीं।
स्वाद से दोनों किस्मों को अलग करने में मदद तो मिलती है, लेकिन इसे शुद्धता का अंतिम पैमाना नहीं माना जाना चाहिए।
आपको बाजार में कैसिया, इंडोनेशियन या वियतनामी दालचीनी के नाम से भी पैकेट मिल सकते हैं। ये सभी कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त व्यावसायिक किस्म हैं और अपने आप में नकली नहीं हैं। अगर पैकेट पर सिर्फ "दालचीनी" लिखा है, तो इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि उसमें सीलोन दालचीनी ही होगी।
इसलिए, अगर आप सीलोन दालचीनी का इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो साबुत डंडियां खरीदना ही सबसे सही रहता है। खरीदते समय उसकी परतें, रंग और बनावट देखें, फिर प्रोडक्ट के लेबल और बेचने वाले की विश्वसनीयता की जांच करें।
याद रखें कि घर पर पहचान करने के ये तरीके सिर्फ आपकी समझ और अनुभव के लिए हैं। इनसे शत-प्रतिशत शुद्धता या मिलावट की जांच नहीं की जा सकती। पूरी तसल्ली के लिए हमेशा भरोसेमंद ब्रांड्स से ही स्पष्ट लेबल और सही वानस्पतिक नाम देखकर दालचीनी खरीदें।
दुकानों पर मिलने वाली दालचीनी में मुख्य रूप से दो किस्में होती हैं, पहली सीलोन दालचीनी जिसे असली दालचीनी भी कहा जाता है, और दूसरी कैसिया दालचीनी। यहां यह जानना जरूरी है कि कैसिया कोई नकली दालचीनी नहीं है, बल्कि यह दालचीनी की ही एक अलग किस्म है। भ्रम तब पैदा होता है जब किसी दूसरी किस्म को सीलोन दालचीनी बताकर बाजार में बेच दिया जाता है।
अगर आप केवल असली सीलोन दालचीनी ही खरीदना चाहते हैं, तो इन 5 आसान तरीकों से आप दोनों के बीच का अंतर समझ सकते हैं।
1. रंग देखें
दालचीनी की डंडी का रंग इसका पहला सुराग दे सकता है। सीलोन दालचीनी का रंग आमतौर पर हल्का होता है, जो हल्के भूरे से लेकर हल्के लाल-भूरे रंग का दिखता है। वहीं दूसरी ओर, कैसिया दालचीनी का रंग काफी गहरा और लाल-भूरा होता है।हालांकि, सिर्फ रंग देखकर किस्म की पुष्टि नहीं की जा सकती। फसल के समय, सुखाने के तरीके और रखने की स्थिति से भी इसके रंग में थोड़ा बदलाव आ सकता है।
2. परतें (Layers) ध्यान से देखें
सीलोन और कैसिया दालचीनी के बीच अंतर पहचानने का सबसे आसान तरीका डंडी के अंदर की परतों को देखना है।सीलोन दालचीनी की डंडियां छाल की कई पतली-पतली परतों को एक साथ रोल करके बनाई जाती हैं। जब आप इसे किनारे से देखेंगे, तो इसमें एक सिगार की तरह बारीक और कई परतें दिखाई देंगी।
कैसिया दालचीनी की डंडियां आमतौर पर ज्यादा मोटी, सख्त और कम परतों वाली होती हैं। जब आप दोनों तरह की साबुत डंडियों को आमने-सामने रखेंगे, तो यह अंतर आसानी से साफ दिख जाएगा।
3. बनावट और ढीलेपन की जांच करें
सीलोन दालचीनी छाल की कई पतली परतों से बनती है, इसलिए यह काफी नाजुक और हल्की होती है। इसे आप हाथ से आसानी से तोड़ या मसल सकते हैं।कैसिया दालचीनी काफी मोटी, मजबूत और सख्त होती है, जिसे हाथ से तोड़ना बहुत मुश्किल होता है। इसलिए इसे छूकर और इसकी बनावट देखकर भी आप काफी हद तक इसकी किस्म का अंदाजा लगा सकते हैं।
फिर भी, नमी और रखने के तरीके से बनावट पर थोड़ा असर पड़ सकता है, इसलिए इसे पहचान की केवल एक कड़ी के रूप में ही देखें।
4. खुशबू की तुलना करें
दालचीनी की खुशबू से भी इसकी सही पहचान की जा सकती है। सीलोन दालचीनी की खुशबू बहुत ही हल्की, मीठी और सौम्य होती है। वहीं कैसिया दालचीनी की खुशबू काफी तेज, तीखी और बहुत मजबूत होती है।अगर आपके पास दोनों किस्में मौजूद हैं, तो दोनों को सूंघकर अंतर तुरंत समझ आ जाएगा। हालांकि, केवल खुशबू से यह तय नहीं किया जा सकता कि प्रोडक्ट पूरी तरह से शुद्ध और मिलावट रहित है या नहीं।
5. स्वाद पर ध्यान दें
दोनों किस्मों के स्वाद में भी फर्क होता है। सीलोन दालचीनी का स्वाद हल्का, सौम्य और थोड़ा मीठा होता है। इसके उलट कैसिया दालचीनी का स्वाद काफी तेज, कड़वा और तीखा होता है।You may also like
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स्वाद से दोनों किस्मों को अलग करने में मदद तो मिलती है, लेकिन इसे शुद्धता का अंतिम पैमाना नहीं माना जाना चाहिए।
पैकेट पर लिखा लेबल हमेशा पढ़ें
अगर आप सीलोन दालचीनी ही खरीदना चाहते हैं, तो पैकेट पर " Ceylon cinnamon " या इसका वानस्पतिक नाम Cinnamomum verum जरूर चेक करें।आपको बाजार में कैसिया, इंडोनेशियन या वियतनामी दालचीनी के नाम से भी पैकेट मिल सकते हैं। ये सभी कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त व्यावसायिक किस्म हैं और अपने आप में नकली नहीं हैं। अगर पैकेट पर सिर्फ "दालचीनी" लिखा है, तो इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि उसमें सीलोन दालचीनी ही होगी।
साबुत दालचीनी की पहचान करना क्यों आसान है?
एक बार जब दालचीनी को पीसकर पाउडर बना दिया जाता है, तो असली और नकली की पहचान करना बहुत कठिन हो जाता है। पिस जाने के बाद छाल की परतें, मोटाई और बनावट कुछ भी नजर नहीं आती।इसलिए, अगर आप सीलोन दालचीनी का इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो साबुत डंडियां खरीदना ही सबसे सही रहता है। खरीदते समय उसकी परतें, रंग और बनावट देखें, फिर प्रोडक्ट के लेबल और बेचने वाले की विश्वसनीयता की जांच करें।
याद रखें कि घर पर पहचान करने के ये तरीके सिर्फ आपकी समझ और अनुभव के लिए हैं। इनसे शत-प्रतिशत शुद्धता या मिलावट की जांच नहीं की जा सकती। पूरी तसल्ली के लिए हमेशा भरोसेमंद ब्रांड्स से ही स्पष्ट लेबल और सही वानस्पतिक नाम देखकर दालचीनी खरीदें।





