Diwali Safety Tips 2026: दिवाली पर पटाखे जलाते समय भूलकर भी न करें ये गलतियां, जानें जरूरी सावधानियां
दीपावली पर घरों को दीयों, मोमबत्तियों और झालरों से सजाया जाता है। रोशनी का यह त्योहार खुशियां लेकर आता है, लेकिन छोटी सी लापरवाही आग, जलने या चोट लगने की वजह बन सकती है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पालतू जानवरों वाले घरों में अतिरिक्त सावधानी जरूरी है। पटाखे जलाने से लेकर पूजा के दीपक रखने तक कुछ आसान नियम अपनाकर हादसों का खतरा कम किया जा सकता है। सुरक्षित तरीके से त्योहार मनाने का मतलब खुशियों पर रोक लगाना नहीं, बल्कि परिवार और आसपास के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसलिए पहले से सुरक्षा की तैयारी करना भी जरूरी है।
पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन (PESO) के सुरक्षा दिशानिर्देशों के अनुसार, पटाखे जलाते समय इन बातों का ध्यान रखना चाहिए:
घर के अंदर दीपक जलाते समय हमेशा स्थिर सतह का चुनाव करें। बच्चों की पहुंच से दूर रखें और सोने से पहले सभी दीपक, मोमबत्तियां और अगरबत्तियां बुझा दें।
इलेक्ट्रिक झालर लगाते समय खराब तारों और ढीले कनेक्शन से बचें। एक ही सॉकेट में कई उपकरण लगाने से भी बचना चाहिए।
गंभीर जलने की स्थिति में तुरंत अस्पताल या डॉक्टर से संपर्क करें। आंखों में पटाखे की चिंगारी जाने पर साफ बहते पानी से आंख धोएं और तुरंत चिकित्सा सहायता लें।
पटाखों का तेज शोर पालतू जानवरों को डरा सकता है। इसलिए उनके लिए घर में शांत और सुरक्षित जगह तैयार करें। उन्हें पटाखों के पास न ले जाएं।
दिवाली तभी खुशहाल बन सकती है जब त्योहार के दौरान परिवार, पड़ोसियों और आसपास के लोगों की सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाए।

पटाखे जलाते समय किन बातों का रखें ध्यान?
पटाखों का इस्तेमाल करते समय सबसे पहले उनकी पैकिंग पर लिखे निर्देश पढ़ें। केवल अधिकृत और भरोसेमंद निर्माताओं के पटाखे खरीदें।पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन (PESO) के सुरक्षा दिशानिर्देशों के अनुसार, पटाखे जलाते समय इन बातों का ध्यान रखना चाहिए:
- पटाखे हमेशा खुले और सुरक्षित स्थान पर जलाएं।
- एक समय में केवल एक पटाखा जलाएं।
- पटाखे जलाने के लिए लंबी मोमबत्ती या फुलझड़ी का इस्तेमाल करें।
- बच्चों को अकेले पटाखे जलाने न दें।
- पास में पानी की बाल्टी और रेत रखें।
- सिंथेटिक और ढीले कपड़े पहनने से बचें।
- जल चुके पटाखों को पानी में डालकर सुरक्षित तरीके से नष्ट करें।
- फेल हो चुके पटाखों को दोबारा जलाने की कोशिश न करें।
दीये और मोमबत्ती जलाते समय बरतें ये सावधानियां
दिवाली पर घर के मुख्य दरवाजे, खिड़कियों और बालकनी में दीपक जलाने की परंपरा है। हालांकि, इन्हें पर्दों, कागज, कपड़ों और दूसरी ज्वलनशील वस्तुओं के पास नहीं रखना चाहिए।You may also like
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घर के अंदर दीपक जलाते समय हमेशा स्थिर सतह का चुनाव करें। बच्चों की पहुंच से दूर रखें और सोने से पहले सभी दीपक, मोमबत्तियां और अगरबत्तियां बुझा दें।
इलेक्ट्रिक झालर लगाते समय खराब तारों और ढीले कनेक्शन से बचें। एक ही सॉकेट में कई उपकरण लगाने से भी बचना चाहिए।
पटाखों से जलने पर तुरंत क्या करें?
अगर किसी व्यक्ति की त्वचा पटाखे से जल जाती है तो सबसे पहले प्रभावित हिस्से पर ठंडा बहता पानी डालें। जले हुए हिस्से पर बर्फ, तेल, घी या टूथपेस्ट न लगाएं।गंभीर जलने की स्थिति में तुरंत अस्पताल या डॉक्टर से संपर्क करें। आंखों में पटाखे की चिंगारी जाने पर साफ बहते पानी से आंख धोएं और तुरंत चिकित्सा सहायता लें।
बच्चों और पालतू जानवरों की सुरक्षा भी है जरूरी
छोटे बच्चों को पटाखों से दूर रखें। उनके आसपास हमेशा किसी बड़े व्यक्ति की मौजूदगी होनी चाहिए।पटाखों का तेज शोर पालतू जानवरों को डरा सकता है। इसलिए उनके लिए घर में शांत और सुरक्षित जगह तैयार करें। उन्हें पटाखों के पास न ले जाएं।
दिवाली तभी खुशहाल बन सकती है जब त्योहार के दौरान परिवार, पड़ोसियों और आसपास के लोगों की सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाए।





