सैलरी न मिलने पर न हों परेशान, इस सरकारी पोर्टल पर दर्ज कराएं ऑनलाइन शिकायत
प्राइवेट कंपनियों में कर्मचारियों को बिना किसी ठोस वजह के अचानक नौकरी से निकाल देना, महीनों तक सैलरी अटका कर रखना या काम से जुड़ी अन्य परेशानियां आना बहुत आम बात हो गई है। पहले ऐसी शिकायतों के लिए कर्मचारियों को लेबर डिपार्टमेंट (श्रम विभाग) के दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे, जिसमें काफी समय और पैसा बर्बाद होता था। लेकिन अब यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन हो चुकी है।
केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के 'समाधान' (SAMADHAN) पोर्टल की मदद से कर्मचारी घर बैठे अपने मोबाइल या कंप्यूटर से शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इस पोर्टल का पूरा नाम 'सिस्टम फॉर एमिकेबल सेटलमेंट ऑफ इंडस्ट्रियल डिस्प्यूट्स' है। इसका मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों और कंपनियों के बीच के विवादों को डिजिटल तरीके से और जल्द से जल्द सुलझाना है।
किन कर्मचारियों के लिए फायदेमंद है यह पोर्टल?
यह पोर्टल संगठित और असंगठित दोनों क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए बहुत मददगार है। प्राइवेट कंपनियों के कर्मचारी, कॉन्ट्रैक्ट वर्कर और अन्य संस्थानों में काम करने वाले लोग इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। मुख्य रूप से यह उन संस्थानों को कवर करता है जो चीफ लेबर कमिश्नर के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। जैसे कि रेलवे, बैंक, खदान, एयरपोर्ट, प्रमुख बंदरगाह और केंद्र सरकार के उपक्रम (PSUs)।
शिकायत दर्ज कराने के बाद क्या होता है?
पहले कर्मचारियों को शिकायत दर्ज कराने, सुनवाई की तारीखें जानने और फाइल का स्टेटस पता करने के लिए बार-बार दफ्तर जाना पड़ता था। अब ऑनलाइन डैशबोर्ड के जरिए आवेदन जमा करने से लेकर सुनवाई की तारीख और केस की प्रगति तक हर जानकारी एक क्लिक पर मिल जाती है। डिजिटल ट्रैकिंग की वजह से अधिकारियों पर भी मामलों को जल्द से जल्द निपटाने का दबाव रहता है।
मोबाइल से ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने का आसान तरीका
अपनी शिकायत को मजबूत बनाने के लिए आप कुछ जरूरी दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड कर सकते हैं:
केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के 'समाधान' (SAMADHAN) पोर्टल की मदद से कर्मचारी घर बैठे अपने मोबाइल या कंप्यूटर से शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इस पोर्टल का पूरा नाम 'सिस्टम फॉर एमिकेबल सेटलमेंट ऑफ इंडस्ट्रियल डिस्प्यूट्स' है। इसका मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों और कंपनियों के बीच के विवादों को डिजिटल तरीके से और जल्द से जल्द सुलझाना है।
किन कर्मचारियों के लिए फायदेमंद है यह पोर्टल?
यह पोर्टल संगठित और असंगठित दोनों क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए बहुत मददगार है। प्राइवेट कंपनियों के कर्मचारी, कॉन्ट्रैक्ट वर्कर और अन्य संस्थानों में काम करने वाले लोग इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। मुख्य रूप से यह उन संस्थानों को कवर करता है जो चीफ लेबर कमिश्नर के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। जैसे कि रेलवे, बैंक, खदान, एयरपोर्ट, प्रमुख बंदरगाह और केंद्र सरकार के उपक्रम (PSUs)।
शिकायत दर्ज कराने के बाद क्या होता है?
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- ऑनलाइन शिकायत दर्ज होते ही मामला संबंधित असिस्टेंट लेबर कमिश्नर (ALC) को भेज दिया जाता है।
- इसके बाद श्रम विभाग कर्मचारी और कंपनी दोनों को नोटिस जारी करता है और आपस में बातचीत कराकर मामला सुलझाने की कोशिश करता है।
- अगर दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बनती है, तो सुलह अधिकारी (Conciliation Officer) एक 'फेलियर रिपोर्ट' तैयार करता है।
- इसके बाद मामला इंडस्ट्रियल ट्रिब्यूनल या लेबर कोर्ट में भेजा जा सकता है। इस पूरी प्रक्रिया की हर अपडेट कर्मचारी को ऑनलाइन मिलती रहती है।
पहले कर्मचारियों को शिकायत दर्ज कराने, सुनवाई की तारीखें जानने और फाइल का स्टेटस पता करने के लिए बार-बार दफ्तर जाना पड़ता था। अब ऑनलाइन डैशबोर्ड के जरिए आवेदन जमा करने से लेकर सुनवाई की तारीख और केस की प्रगति तक हर जानकारी एक क्लिक पर मिल जाती है। डिजिटल ट्रैकिंग की वजह से अधिकारियों पर भी मामलों को जल्द से जल्द निपटाने का दबाव रहता है।
मोबाइल से ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने का आसान तरीका
- सबसे पहले आधिकारिक 'समाधान' (SAMADHAN) पोर्टल पर जाएं और नया रजिस्ट्रेशन (User Registration) करें।
- अपना नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और पहचान पत्र की जानकारी भरें और ओटीपी (OTP) के जरिए अकाउंट वेरिफाई करें।
- लॉगिन करने के बाद 'न्यू कंप्लेंट' (File New Complaint) के ऑप्शन को चुनें और अपनी समस्या का प्रकार (जैसे- सैलरी न मिलना या नौकरी से निकाला जाना) सिलेक्ट करें।
- इसके बाद अपनी पदवी (Designation), काम के घंटे, सैलरी और कंपनी की पूरी जानकारी (जैसे कंपनी का नाम व पता) ध्यान से भरें।
अपनी शिकायत को मजबूत बनाने के लिए आप कुछ जरूरी दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड कर सकते हैं:
- अपॉइंटमेंट लेटर (Appointment Letter)
- कंपनी का आईडी कार्ड (Employee ID Card)
- बैंक स्टेटमेंट (जिसमें सैलरी क्रेडिट होती हो)
- सैलरी स्लिप या सैलरी से जुड़ा रिकॉर्ड
- रेजिग्नेशन या कंपनी का टर्मिनेशन लेटर





