Best Return on FD: बिना किसी रिस्क के होना है मालामाल? एचडीएफसी बैंक की इस एफडी में करें निवेश

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बैंकों में फिक्स्ड डिपॉजिट (Fixed Deposit) यानी एफडी करके कमाई करना हमेशा से एक सुरक्षित और बढ़िया तरीका माना गया है। नौकरीपेशा लोग बिना किसी दिमागी झंझट के इस तरीके को अपनाना पसंद करते हैं, जहाँ से बिना किसी रिस्क के तगड़ा ब्याज मिल जाता है। आपने देश के सबसे बड़े बैंकों में शामिल एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) का नाम तो सुना ही होगा।
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एचडीएफसी बैंक इस समय फिक्स्ड डिपॉजिट पर काफी आकर्षक ब्याज दरें ऑफर कर रहा है। अगर आप भी इस समय एफडी में निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो बैंक से मिलने वाली ब्याज दरों को आसानी से चेक कर सकते हैं। इसके साथ ही, अगर आप मध्यम से लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं, तो 3 साल की एफडी को चुन सकते हैं। तीन साल की एफडी करने पर आपको कितना ब्याज मिल रहा है, इसकी पूरी डिटेल नीचे दी गई है।

3 साल की एफडी पर मिल रहा कितना ब्याज?

एचडीएफसी बैंक अपने ग्राहकों को बढ़िया ब्याज दे रहा है। बैंक 3 साल की एफडी पर सामान्य नागरिकों और सीनियर सिटिजंस (वरिष्ठ नागरिकों) को अलग-अलग ब्याज दरों का फायदा दे रहा है। इसमें सामान्य नागरिकों के लिए 3 वर्ष की एफडी पर 6.45 फीसदी की दर से ब्याज ऑफर किया जा रहा है। वहीं सीनियर सिटीजन ग्राहकों को इसी अवधि के निवेश पर 6.95 फीसदी तक का ऊंचा ब्याज मिल रहा है। यानी सीनियर सिटीजंस को सामान्य ग्राहकों के मुकाबले हमेशा की तरह अधिक रिटर्न दिया जा रहा है।

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4 लाख के निवेश पर मिलेगा कितना ब्याज?

अगर कोई सामान्य नागरिक इस बैंक में 4 लाख रुपये की एफडी कराता है, तो उसे 3 साल बाद लगभग 84,647 रुपये का सिर्फ ब्याज मिल जाएगा। इस हिसाब से आपकी कुल मैच्योरिटी राशि बढ़कर 4,84,647 रुपये तक हो जाएगी।


दूसरी तरफ, अगर कोई सीनियर सिटीजन 4 लाख रुपये की एफडी कराता है, तो उसे 3 वर्ष बाद 91,850 रुपये ब्याज के रूप में आसानी से मिल जाएंगे। इसके बाद उनकी कुल मैच्योरिटी राशि 4,91,850 रुपये तक हो जाएगी। इस तरह सामान्य ग्राहकों के मुकाबले सीनियर सिटिजन्स ज्यादा कमाई का लाभ उठा सकते हैं।

एफडी किन लोगों के लिए बेहतर विकल्प है?

एफडी उन निवेशकों के लिए सबसे बढ़िया मानी जाती है जो बाजार के उतार-चढ़ाव और जोखिम से पूरी तरह बचना चाहते हैं। शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड की तुलना में एफडी में मिलने वाला रिटर्न पहले से ही तय रहता है। इसलिए निवेशक को मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम का सटीक अंदाजा होता है और कोई डर नहीं रहता। यही वजह है कि रिटायरमेंट प्लानिंग और इमरजेंसी फंड (आपातकालीन कोष) तैयार करने के लिए आज भी कई लोग FD को पहली प्राथमिकता देते हैं।

एफडी के ब्याज पर लगेगा टैक्स, इस बात का रखें ध्यान

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि निवेश करने से पहले ब्याज दर, समय सीमा और लिक्विडिटी (पैसे निकालने की सुविधा) जैसे पहलुओं को ध्यान में रखना बहुत जरूरी होता है। इसके साथ ही यह बात भी ध्यान रखें कि FD पर मिलने वाला ब्याज पूरी तरह से टैक्स-फ्री नहीं होता है। अगर एक वित्तीय वर्ष में एफडी से मिलने वाला आपका कुल ब्याज एक निर्धारित सीमा से ज्यादा हो जाता है, तो बैंक इस पर टीडीएस (TDS) काट सकता है। सामान्य नागरिकों के लिए यह टैक्स छूट की सीमा 40 हजार रुपये है और सीनियर सिटिज़न्स के लिए यह सीमा 50 हजार रुपये तक होती है।



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