NPS से OPS में माइग्रेशन: सरकार ने पेंशन मामलों के लिए बदला SOP, तुरंत जानें पूरी बात

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Pension Scheme: भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के अंतर्गत व्यय विभाग के केंद्रीय पेंशन लेखा कार्यालय (CPAO), नई दिल्ली ने 19 अक्टूबर 2026 को एक महत्वपूर्ण कार्यालय ज्ञापन (Office Memorandum) जारी किया है। यह ज्ञापन सरकारी कर्मचारियों की मृत्यु या विकलांगता से जुड़े मामलों में नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के पेंशनभोगियों को ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) में स्थानांतरित (Migrate) करने के लिए नए और संशोधित स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) से संबंधित है।
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ज्ञापन (संदर्भ संख्या CPAO/IT&Tech/NPS to OPS/22 Vol-V/2026-27/12612/124) का मुख्य उद्देश्य पात्र पुराने NPS-AR पेंशन मामलों को ओल्ड पेंशन स्कीम में बदलने की प्रक्रिया को आसान और तेज बनाना है। महालेखा नियंत्रक (CGA) कार्यालय ने इस संशोधित प्रक्रिया को मंजूरी दी है, जिससे माइग्रेशन के दौरान आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों को खत्म किया जा सके और पेंशनभोगियों तथा संबंधित अधिकारियों दोनों के लिए यह काम आसान हो जाए।

सरकार ने क्यों बदला SOP?

जारी ज्ञापन के अनुसार, सरकारी कर्मचारियों की मृत्यु या दिव्यांगता की स्थिति में NPS पेंशनभोगियों को पुरानी पेंशन योजना में बदलने का पुराना तरीका 17 सितंबर 2025 के एक आदेश के तहत लागू किया गया था।


हालांकि, उस पुरानी प्रक्रिया को लागू करने के दौरान कुछ प्रशासनिक और तकनीकी चुनौतियां सामने आईं। इन समस्याओं को सुलझाने और पेंशन प्रोसेसिंग को सुचारू बनाने के लिए CGA ने संशोधित SOP को अपनी मंजूरी दे दी। इन नए दिशानिर्देशों का मकसद पूरी प्रक्रिया को एकदम स्पष्ट करना और इसमें शामिल अलग-अलग विभागों तथा हितधारकों की जवाबदेही तय करना है।

इस नई प्रक्रिया में क्या-क्या शामिल है?

यह नया SOP विशेष रूप से उन पात्र पुराने NPS-AR पेंशन मामलों पर लागू होता है जहाँ सरकारी कर्मचारी की मृत्यु हो गई है या वे विकलांगता के शिकार हुए हैं। इसमें संबंधित प्राधिकारियों द्वारा अपनाई जाने वाली चरणबद्ध प्रक्रिया बताई गई है और काम में शामिल सभी विभागों की जिम्मेदारियां तय की गई हैं।

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ज्ञापन में स्पष्ट कहा गया है कि संशोधित SOP और उससे जुड़े निर्देश सख्त पालन के लिए संलग्न कर दिए गए हैं। यह नया तरीका 17 सितंबर 2025 को जारी पुराने SOP की जगह लेगा।

प्रक्रिया में इस बदलाव का मुख्य लक्ष्य कागजी अड़चनों को कम करना और पेंशन मामलों का नए निर्देशों के अनुसार तेजी से निपटारा करना है। हालांकि, ध्यान देने वाली बात यह है कि इस ज्ञापन में सभी NPS अंशधारकों को ओल्ड पेंशन स्कीम में बदलने का कोई सामान्य आदेश नहीं दिया गया है। यह केवल मृत्यु या विकलांगता से जुड़े विशिष्ट पेंशन मामलों तक ही सीमित है।

किन अधिकारियों को नए नियम लागू करने का निर्देश मिला है?

केंद्रीय पेंशन लेखा कार्यालय ने सभी संबंधित अधिकारियों को इस नए SOP को तुरंत लागू करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही, उन्हें यह भी कहा गया है कि वे अपने प्रशासनिक नियंत्रण में काम कर रहे सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को इन नए नियमों की जानकारी दें।

यह ज्ञापन प्रधान मुख्य लेखा नियंत्रक, मुख्य लेखा नियंत्रक, लेखा नियंत्रक, महालेखाकार और अन्य संबंधित लेखा अधिकारियों को भेज दिया गया है। इसके अलावा, पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग के उप सचिव, सहायक महालेखा नियंत्रक, और अधिकृत बैंकों के सेंट्रल पेंशन प्रोसेसिंग सेंटर तथा जनरल बैंकिंग डिविजन के प्रमुखों को भी इसकी प्रतियां प्रेषित की गई हैं।


पेंशनभोगियों और दावेदारों को क्या ध्यान रखना चाहिए?

सरकारी कर्मचारी, फैमिली पेंशन के दावेदार और मृत्यु या विकलांगता वाले NPS-AR मामलों से जुड़े सभी व्यक्ति ध्यान दें कि CPAO ने पुरानी पेंशन योजना में जाने के नियमों को अपडेट कर दिया है।

यदि आप अपनी व्यक्तिगत पात्रता, जरूरी दस्तावेजों, प्रोसेसिंग के चरणों या मिलने वाले पेंशन लाभों को समझना चाहते हैं, तो आधिकारिक ज्ञापन के साथ जारी पूरे SOP को ध्यान से पढ़ें या अपने संबंधित पेंशन प्रोसेसिंग कार्यालय से संपर्क करें। 19 अक्टूबर 2026 का यह ज्ञापन केवल प्रक्रियात्मक बदलाव की घोषणा करता है, इसलिए किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले विस्तृत SOP को जरूर जांच लें।

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