PF ट्रांसफर नहीं कराया तो अटक सकता है पैसा! जानिए EPFO का नया प्रोसेस
PF खाताधारकों के लिए बड़ी अपडेट सामने आई है। क्या आपने नौकरी बदलने के बाद अपने पुराने PF खाते को नए PF खाते में ट्रांसफर कराया है? अगर नहीं, तो यह छोटी-सी चूक भविष्य में टैक्स, PF निकासी और ब्याज से जुड़े नुकसान का कारण बन सकती है।
कई कर्मचारी नई नौकरी जॉइन करने के बाद अपने पुराने PF खाते को ऐसे ही छोड़ देते हैं, लेकिन उसे नए खाते में ट्रांसफर करना बेहद जरूरी होता है। ऐसा करने से न केवल आपकी निरंतर सेवा अवधि (Continuous Service Period) बनी रहती है, बल्कि भविष्य में PF निकासी के दौरान टैक्स-फ्री रकम का फायदा लेने में भी मदद मिल सकती है। इसके अलावा, PF पर मिलने वाले ब्याज और अन्य फायदों को बनाए रखने के लिए भी पुराने खाते का ट्रांसफर कराना जरूरी माना जाता है।
जब कोई कर्मचारी नई नौकरी जॉइन करता है, तो उसके लिए एक नया PF Member ID जारी किया जाता है। हालांकि, उसका Universal Account Number (UAN) वही रहता है। ऐसे में पुराने PF खाते में जमा रकम अपने-आप नए PF खाते में ट्रांसफर नहीं होती।
इसलिए कर्मचारी को खुद EPFO पोर्टल पर जाकर PF ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी करनी होती है। पुराने खाते को नए खाते से लिंक कर ट्रांसफर कराने से PF बैलेंस एक जगह आ जाता है और भविष्य में निकासी, ब्याज तथा अन्य PF लाभों का फायदा लेने में आसानी होती है।
PF ट्रांसफर क्यों जरूरी है?
PF ट्रांसफर का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे कर्मचारी की निरंतर सेवा अवधि (Continuous Service) बनी रहती है। इनकम टैक्स नियमों के अनुसार, अगर किसी कर्मचारी ने लगातार 5 साल की सेवा पूरी कर ली है, तो PF निकासी पर टैक्स नहीं लगता।
लेकिन अगर नौकरी बदलने के बाद पुराने PF खाते को नए खाते से लिंक या ट्रांसफर नहीं किया जाता, तो सेवा अवधि की गिनती पर असर पड़ सकता है. ऐसी स्थिति में भविष्य में PF निकालते समय आपकी सेवा अवधि 5 साल से कम मानी जा सकती है, जिसके कारण आपको PF निकासी पर टैक्स देना पड़ सकता है।
इसलिए नौकरी बदलने के बाद पुराने PF खाते को नए खाते में ट्रांसफर कराना न सिर्फ रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखने के लिए जरूरी है, बल्कि टैक्स से मिलने वाला फायदा बनाए रखने के लिए भी बेहद जरूरी माना जाता है।
इसके अलावा, EPFO के ज्यादातर नियमों के तहत PF निकासी (Withdrawal) या एडवांस क्लेम करने के लिए एक्टिव Member ID का होना जरूरी होता है। अगर आपकी जमा राशि पुराने और निष्क्रिय (Inactive) PF खातों में पड़ी रहती है, तो उसे ट्रैक करना और जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल करना मुश्किल हो सकता है।
एक्सपर्टस् का कहना है कि एक से अधिक PF खाते होने पर कुल बचत (Total Savings) का सही अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में पुराने PF खाते को नए खाते में ट्रांसफर कर देने से न केवल सभी फंड एक जगह आ जाते हैं, बल्कि बचत की निगरानी करना और भविष्य में PF से जुड़े फायदा लेना भी आसान हो जाता है।
EPFO ने पिछले कुछ सालों में PF ट्रांसफर की प्रक्रिया को काफी आसान बना दिया है। अब मेंबर अपने पुराने PF खाते को नए खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर कर सकते हैं।
PF अकाउंट मर्ज करने के लिए इन स्टेप्स को फॉलो करें:
ऑनलाइन आवेदन जमा करने के बाद आपके मौजूदा नियोक्ता (Current Employer) को इस अनुरोध को मंजूरी देनी होती है। नियोक्ता की मंजूरी मिलने के बाद EPFO प्रक्रिया को पूरा करता है और आपके पुराने PF खाते में जमा राशि को मौजूदा PF खाते में ट्रांसफर कर देता है।
वित्तीय एक्सपर्टस् के अनुसार, नौकरी बदलने के बाद PF की राशि निकालने के बजाय उसे नए खाते में ट्रांसफर कराना अधिक फायदेमंद माना जाता है। इससे आपकी निरंतर सेवा अवधि (Continuous Service) बनी रहती है, टैक्स लाभ सुरक्षित रहते हैं और रिटायरमेंट के लिए बड़ी बचत तैयार करने में भी मदद मिलती है।
कई कर्मचारी नई नौकरी जॉइन करने के बाद अपने पुराने PF खाते को ऐसे ही छोड़ देते हैं, लेकिन उसे नए खाते में ट्रांसफर करना बेहद जरूरी होता है। ऐसा करने से न केवल आपकी निरंतर सेवा अवधि (Continuous Service Period) बनी रहती है, बल्कि भविष्य में PF निकासी के दौरान टैक्स-फ्री रकम का फायदा लेने में भी मदद मिल सकती है। इसके अलावा, PF पर मिलने वाले ब्याज और अन्य फायदों को बनाए रखने के लिए भी पुराने खाते का ट्रांसफर कराना जरूरी माना जाता है।
जब कोई कर्मचारी नई नौकरी जॉइन करता है, तो उसके लिए एक नया PF Member ID जारी किया जाता है। हालांकि, उसका Universal Account Number (UAN) वही रहता है। ऐसे में पुराने PF खाते में जमा रकम अपने-आप नए PF खाते में ट्रांसफर नहीं होती।
इसलिए कर्मचारी को खुद EPFO पोर्टल पर जाकर PF ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी करनी होती है। पुराने खाते को नए खाते से लिंक कर ट्रांसफर कराने से PF बैलेंस एक जगह आ जाता है और भविष्य में निकासी, ब्याज तथा अन्य PF लाभों का फायदा लेने में आसानी होती है।
PF ट्रांसफर क्यों जरूरी है?
PF ट्रांसफर का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे कर्मचारी की निरंतर सेवा अवधि (Continuous Service) बनी रहती है। इनकम टैक्स नियमों के अनुसार, अगर किसी कर्मचारी ने लगातार 5 साल की सेवा पूरी कर ली है, तो PF निकासी पर टैक्स नहीं लगता।
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लेकिन अगर नौकरी बदलने के बाद पुराने PF खाते को नए खाते से लिंक या ट्रांसफर नहीं किया जाता, तो सेवा अवधि की गिनती पर असर पड़ सकता है. ऐसी स्थिति में भविष्य में PF निकालते समय आपकी सेवा अवधि 5 साल से कम मानी जा सकती है, जिसके कारण आपको PF निकासी पर टैक्स देना पड़ सकता है।
इसलिए नौकरी बदलने के बाद पुराने PF खाते को नए खाते में ट्रांसफर कराना न सिर्फ रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखने के लिए जरूरी है, बल्कि टैक्स से मिलने वाला फायदा बनाए रखने के लिए भी बेहद जरूरी माना जाता है।
इसके अलावा, EPFO के ज्यादातर नियमों के तहत PF निकासी (Withdrawal) या एडवांस क्लेम करने के लिए एक्टिव Member ID का होना जरूरी होता है। अगर आपकी जमा राशि पुराने और निष्क्रिय (Inactive) PF खातों में पड़ी रहती है, तो उसे ट्रैक करना और जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल करना मुश्किल हो सकता है।
एक्सपर्टस् का कहना है कि एक से अधिक PF खाते होने पर कुल बचत (Total Savings) का सही अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में पुराने PF खाते को नए खाते में ट्रांसफर कर देने से न केवल सभी फंड एक जगह आ जाते हैं, बल्कि बचत की निगरानी करना और भविष्य में PF से जुड़े फायदा लेना भी आसान हो जाता है।
PF अकाउंट्स को कैसे करें मर्ज?
EPFO ने पिछले कुछ सालों में PF ट्रांसफर की प्रक्रिया को काफी आसान बना दिया है। अब मेंबर अपने पुराने PF खाते को नए खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर कर सकते हैं।
PF अकाउंट मर्ज करने के लिए इन स्टेप्स को फॉलो करें:
- सबसे पहले EPFO की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं और अपने UAN तथा पासवर्ड की मदद से लॉगिन करें।
- इसके बाद Online Services सेक्शन में जाएं और 'One Member – One EPF Account' विकल्प चुनें।
- यहां आपको अपनी व्यक्तिगत जानकारी और मौजूदा EPF खाते का विवरण दिखाई देगा।
- आवश्यक जानकारी भरें और अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर दर्ज करें।
- अब Generate OTP पर क्लिक करें और मोबाइल पर प्राप्त OTP को दर्ज करें।
- इसके बाद उन पुराने EPF खातों की जानकारी भरें, जिन्हें आप मौजूदा खाते में मर्ज करना चाहते हैं।
- अंत में Declaration बॉक्स पर टिक करें और आवेदन (Application) सबमिट कर दें।
आवेदन सबमिट करने के बाद क्या होगा?
ऑनलाइन आवेदन जमा करने के बाद आपके मौजूदा नियोक्ता (Current Employer) को इस अनुरोध को मंजूरी देनी होती है। नियोक्ता की मंजूरी मिलने के बाद EPFO प्रक्रिया को पूरा करता है और आपके पुराने PF खाते में जमा राशि को मौजूदा PF खाते में ट्रांसफर कर देता है।
वित्तीय एक्सपर्टस् के अनुसार, नौकरी बदलने के बाद PF की राशि निकालने के बजाय उसे नए खाते में ट्रांसफर कराना अधिक फायदेमंद माना जाता है। इससे आपकी निरंतर सेवा अवधि (Continuous Service) बनी रहती है, टैक्स लाभ सुरक्षित रहते हैं और रिटायरमेंट के लिए बड़ी बचत तैयार करने में भी मदद मिलती है।









