LIC Jeevan Lakshya vs Jeevan Tarun: बच्चे के सुरक्षित भविष्य के लिए कौन सी LIC पॉलिसी है सबसे बेस्ट, जानिए अंतर
हर माता-पिता का यह सबसे बड़ा सपना होता है कि उनके बच्चों को उच्च शिक्षा और जीवन के हर पड़ाव पर किसी भी प्रकार की वित्तीय तंगी का सामना न करना पड़े। आज के समय में जिस तेजी से पढ़ाई-लिखाई का खर्च और महंगाई बढ़ रही है, उसे देखते हुए बच्चों के भविष्य के लिए समय रहते एक सही निवेश योजना चुनना बेहद जरूरी हो गया है। जब भी देश में पूरी तरह से सुरक्षित और गारंटीड रिटर्न वाले निवेश की बात आती है, तो भारतीय जीवन बीमा निगम यानी एलआईसी पर लोग सबसे ज्यादा भरोसा करते हैं। बच्चों के लिए फंड तैयार करने के उद्देश्य से एलआईसी की दो योजनाएं सबसे ज्यादा लोकप्रिय हैं, जिन्हें एलआईसी जीवन लक्ष्य (प्लान नंबर 933) और एलआईसी जीवन तरुण (प्लान नंबर 934) के नाम से जाना जाता है। लेकिन अक्सर माता-पिता इस उलझन में रहते हैं कि इन दोनों में से कौन सा प्लान उनके बच्चे की जरूरतों के लिए सबसे सटीक बैठेगा।
इन दोनों ही सरकारी बीमा पॉलिसियों को बच्चों की पढ़ाई, शादी और अन्य बड़े लाइफ इवेंट्स को ध्यान में रखकर बेहद खास तरीके से डिजाइन किया गया है। हालांकि ये दोनों ही योजनाएं सुरक्षा और बचत का एक शानदार कॉम्बो ऑफर करती हैं, लेकिन इनके काम करने का तरीका, मैच्योरिटी बेनिफिट्स और पात्रता की शर्तें एक-दूसरे से काफी अलग हैं। यदि आप भी अपने बच्चों के लिए एक मजबूत फाइनेंशियल सिक्योरिटी कवच तैयार करना चाहते हैं, तो आइए इन दोनों ही सुपरहिट पॉलिसियों का बारीकी से तुलनात्मक विश्लेषण करते हैं ताकि आप अपने परिवार के लिए एक सही और समझदारी भरा फैसला ले सकें।
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यदि पॉलिसी की अवधि के दौरान प्रस्तावक यानी माता-पिता के साथ कोई अनहोनी हो जाती है, तो परिवार को आगे के सभी प्रीमियम चुकाने से पूरी तरह छूट मिल जाती है। इसके साथ ही, बच्चे की पढ़ाई का खर्च न रुके, इसके लिए एलआईसी हर साल मूल सम एश्योर्ड का 10 प्रतिशत हिस्सा सालाना वित्तीय सहायता के रूप में परिवार को देती रहती है। इसके बाद, जब पॉलिसी की मैच्योरिटी का समय पूरा होता है, तब नामांकित बच्चे को पूरी मैच्योरिटी राशि, निहित साधारण प्रत्यावर्ती बोनस और अंतिम अतिरिक्त बोनस के साथ एकमुश्त प्रदान की जाती है। यही कारण है कि जो पेरेंट्स अपनी अनुपस्थिति में भी बच्चों के सपनों को अक्षुण्ण रखना चाहते हैं, उनके लिए यह प्लान सबसे उपयुक्त माना जाता है।
जीवन तरुण प्लान के अंतर्गत, जब बच्चा 20 साल का हो जाता है, तब से लेकर 24 साल की उम्र तक उसे हर साल सर्वाइवल बेनिफिट (मनी-बैक) के रूप में एक निश्चित रकम मिलती है, और बाकी बची हुई राशि 25वें साल में मैच्योरिटी पर दे दी जाती है। इसमें माता-पिता के पास चार अलग-अलग विकल्प होते हैं। वे चाहें तो हर साल 5, 10 या 15 प्रतिशत का मनी-बैक चुन सकते हैं या फिर सर्वाइवल बेनिफिट न लेकर पूरी की पूरी रकम सीधे 25 साल पूरे होने पर एकमुश्त मैच्योरिटी के तौर पर ले सकते हैं। यह लचीलापन उन परिवारों के लिए बहुत अच्छा है जो बच्चों की उच्च शिक्षा के दौरान हर साल आने वाले बड़े खर्चों को आसानी से मैनेज करना चाहते हैं।
यदि रिटर्न यानी इंटरनल रेट ऑफ रिटर्न (IRR) के दृष्टिकोण से देखा जाए, तो दोनों ही योजनाएं शेयर बाजार के जोखिमों से दूर संप्रभु गारंटी (Sovereign Guarantee) के साथ सुरक्षित रिटर्न देती हैं। वित्तीय विशेषज्ञों के विश्लेषण के अनुसार, इन योजनाओं का सालाना औसत रिटर्न लगभग 6.5 से 7 प्रतिशत के दायरे में आता है, जो दीर्घकालिक और सुरक्षित निवेश के लिए एक अच्छा विकल्प है। इसलिए यदि आपको अपनी अनुपस्थिति में बच्चे की शिक्षा के लिए एक निश्चित सालाना आय और एकमुश्त फंड की सुरक्षा चाहिए, तो जीवन लक्ष्य आपके लिए बेस्ट है। लेकिन अगर आप बच्चे के कॉलेज के दिनों में हर साल मनी-बैक का लचीलापन चाहते हैं, तो आपको जीवन तरुण की तरफ जाना चाहिए। अपने बजट और बच्चों के भविष्य के लक्ष्यों को ध्यान में रखकर लिया गया फैसला ही सबसे सही साबित होगा।
इन दोनों ही सरकारी बीमा पॉलिसियों को बच्चों की पढ़ाई, शादी और अन्य बड़े लाइफ इवेंट्स को ध्यान में रखकर बेहद खास तरीके से डिजाइन किया गया है। हालांकि ये दोनों ही योजनाएं सुरक्षा और बचत का एक शानदार कॉम्बो ऑफर करती हैं, लेकिन इनके काम करने का तरीका, मैच्योरिटी बेनिफिट्स और पात्रता की शर्तें एक-दूसरे से काफी अलग हैं। यदि आप भी अपने बच्चों के लिए एक मजबूत फाइनेंशियल सिक्योरिटी कवच तैयार करना चाहते हैं, तो आइए इन दोनों ही सुपरहिट पॉलिसियों का बारीकी से तुलनात्मक विश्लेषण करते हैं ताकि आप अपने परिवार के लिए एक सही और समझदारी भरा फैसला ले सकें।
जानिए माता-पिता के लिए क्यों खास है एलआईसी जीवन लक्ष्य योजना
एलआईसी की जीवन लक्ष्य पॉलिसी को मुख्य रूप से परिवार और बच्चों की सुरक्षा को केंद्र में रखकर बनाया गया है। इसे अक्सर एक बेहतरीन एजुकेशन ओरिएंटेड प्लान माना जाता है क्योंकि इसमें एक बेहद अनूठी सुरक्षा विशेषता शामिल है, जो बच्चे के भविष्य को हर हाल में सुरक्षित रखती है।You may also like
- क्या 30 जून के बाद काट दिए जाएंगे LPG कनेक्शन?
- Household Gold: घर में रखा आपका सोना देश की तरक्की के लिए बना ब्रेक, CA नितिन कौशिक का दावा, कहा- यह कोई रॉकेट नहीं
- सोने-चांदी की कीमतों में आया भयंकर भूचाल! 2 दिन की मंदी के बाद अचानक इतने हजार रुपये महंगे हुए दाम
- सेंसेक्स और निफ्टी में तेजी, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का असर
- केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर! क्या बदलने वाला है रिटायरमेंट का नियम? जानिए क्या है साल में 2 बार सेवानिवृत्ति का पूरा गणित
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यदि पॉलिसी की अवधि के दौरान प्रस्तावक यानी माता-पिता के साथ कोई अनहोनी हो जाती है, तो परिवार को आगे के सभी प्रीमियम चुकाने से पूरी तरह छूट मिल जाती है। इसके साथ ही, बच्चे की पढ़ाई का खर्च न रुके, इसके लिए एलआईसी हर साल मूल सम एश्योर्ड का 10 प्रतिशत हिस्सा सालाना वित्तीय सहायता के रूप में परिवार को देती रहती है। इसके बाद, जब पॉलिसी की मैच्योरिटी का समय पूरा होता है, तब नामांकित बच्चे को पूरी मैच्योरिटी राशि, निहित साधारण प्रत्यावर्ती बोनस और अंतिम अतिरिक्त बोनस के साथ एकमुश्त प्रदान की जाती है। यही कारण है कि जो पेरेंट्स अपनी अनुपस्थिति में भी बच्चों के सपनों को अक्षुण्ण रखना चाहते हैं, उनके लिए यह प्लान सबसे उपयुक्त माना जाता है।
एलआईसी जीवन तरुण प्लान और इसकी मनी-बैक फ्लेक्सिबिलिटी का सच
दूसरी तरफ, एलआईसी जीवन तरुण योजना पूरी तरह से एक चिल्ड्रेन्स प्लान है, जिसे बच्चों के विकास के विभिन्न चरणों जैसे कॉलेज की फीस या करियर की शुरुआत के समय मिलने वाले खर्चों को पूरा करने के लिए तैयार किया गया है। यह पॉलिसी माता-पिता को इस बात की पूरी आजादी देती है कि वे मैच्योरिटी का पैसा किस तरह लेना चाहते हैं।जीवन तरुण प्लान के अंतर्गत, जब बच्चा 20 साल का हो जाता है, तब से लेकर 24 साल की उम्र तक उसे हर साल सर्वाइवल बेनिफिट (मनी-बैक) के रूप में एक निश्चित रकम मिलती है, और बाकी बची हुई राशि 25वें साल में मैच्योरिटी पर दे दी जाती है। इसमें माता-पिता के पास चार अलग-अलग विकल्प होते हैं। वे चाहें तो हर साल 5, 10 या 15 प्रतिशत का मनी-बैक चुन सकते हैं या फिर सर्वाइवल बेनिफिट न लेकर पूरी की पूरी रकम सीधे 25 साल पूरे होने पर एकमुश्त मैच्योरिटी के तौर पर ले सकते हैं। यह लचीलापन उन परिवारों के लिए बहुत अच्छा है जो बच्चों की उच्च शिक्षा के दौरान हर साल आने वाले बड़े खर्चों को आसानी से मैनेज करना चाहते हैं।
दोनों पॉलिसियों की पात्रता शर्तें और नियमों में क्या है मुख्य अंतर
इन दोनों सरकारी योजनाओं में निवेश करने से पहले आपको इनकी उम्र सीमा और प्रीमियम भुगतान की शर्तों को अच्छी तरह समझ लेना चाहिए, क्योंकि दोनों के नियम काफी अलग हैं।- प्रवेश की आयु (Entry Age): जीवन लक्ष्य प्लान में निवेश करने के लिए माता-पिता की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष और अधिकतम 50 वर्ष होनी चाहिए, जहाँ बच्चे की उम्र मायने नहीं रखती क्योंकि रिस्क कवर माता-पिता का होता है। इसके विपरीत, जीवन तरुण योजना सीधे बच्चे के नाम पर ली जाती है, जिसमें बच्चे की न्यूनतम आयु 90 दिन और अधिकतम आयु 12 वर्ष होनी चाहिए।
- पॉलिसी की अवधि और प्रीमियम टर्म: जीवन लक्ष्य की अवधि 13 से 25 वर्ष के बीच चुनी जा सकती है, और इसमें आपको पॉलिसी टर्म से 3 वर्ष कम समय तक ही प्रीमियम भरना होता है। वहीं जीवन तरुण प्लान की अवधि बच्चे के 25 वर्ष के होने पर ही पूरी होती है, और इसका प्रीमियम भुगतान कार्यकाल बच्चे के 20 वर्ष के होने तक यानी (20 माइनस बच्चे की वर्तमान आयु) के फॉर्मूले पर काम करता है।
- न्यूनतम बीमा राशि (Sum Assured): जीवन लक्ष्य योजना के तहत न्यूनतम सम एश्योर्ड 1 लाख रुपये तय किया गया है, जबकि जीवन तरुण में आप न्यूनतम 75,000 रुपये के सम एश्योर्ड से भी निवेश की शुरुआत कर सकते हैं। दोनों ही प्लान में अधिकतम निवेश की कोई ऊपरी सीमा तय नहीं की गई है।
टैक्स बेनिफिट्स और रिटर्न की स्थिति
चाहे आप जीवन लक्ष्य को चुनें या जीवन तरुण को, दोनों ही पॉलिसियों में आपको बेहतरीन टैक्स छूट का लाभ मिलता है। आपके द्वारा जमा किए जाने वाले प्रीमियम पर आयकर अधिनियम की धारा 80सी के तहत डिडक्शन का दावा किया जा सकता है। इसके अलावा, मैच्योरिटी या डेथ बेनिफिट के रूप में मिलने वाली पूरी राशि धारा 10(10डी) के अंतर्गत पूरी तरह से टैक्स-फ्री होती है।यदि रिटर्न यानी इंटरनल रेट ऑफ रिटर्न (IRR) के दृष्टिकोण से देखा जाए, तो दोनों ही योजनाएं शेयर बाजार के जोखिमों से दूर संप्रभु गारंटी (Sovereign Guarantee) के साथ सुरक्षित रिटर्न देती हैं। वित्तीय विशेषज्ञों के विश्लेषण के अनुसार, इन योजनाओं का सालाना औसत रिटर्न लगभग 6.5 से 7 प्रतिशत के दायरे में आता है, जो दीर्घकालिक और सुरक्षित निवेश के लिए एक अच्छा विकल्प है। इसलिए यदि आपको अपनी अनुपस्थिति में बच्चे की शिक्षा के लिए एक निश्चित सालाना आय और एकमुश्त फंड की सुरक्षा चाहिए, तो जीवन लक्ष्य आपके लिए बेस्ट है। लेकिन अगर आप बच्चे के कॉलेज के दिनों में हर साल मनी-बैक का लचीलापन चाहते हैं, तो आपको जीवन तरुण की तरफ जाना चाहिए। अपने बजट और बच्चों के भविष्य के लक्ष्यों को ध्यान में रखकर लिया गया फैसला ही सबसे सही साबित होगा।









