CGHS New Rules 2026: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ी राहत, जानिए सीजीएचएस के नए नियम
केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक बहुत ही अच्छी और राहत भरी खबर सामने आई है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (CGHS) के तहत मिलने वाले मेडिकल फायदों के नियमों में बड़ा सुधार किया है। यह ढील उन आश्रित बेटों और भाइयों के लिए दी गई है जो किसी गंभीर, लंबे समय से चली आ रही या जानलेवा बीमारी से जूझ रहे हैं।
संशोधित नियमों के अनुसार, ऐसे योग्य आश्रितों को उनकी गंभीर बीमारी के इलाज के लिए जिंदगी भर सरकारी मदद मिलती रहेगी। सबसे खास बात यह है कि अब शादी हो जाने पर भी ऐसे मामलों में सीजीएचएस (CGHS) के फायदे बंद नहीं किए जाएंगे। हालांकि, इसका फायदा उठाने के लिए परिवार पर आर्थिक रूप से निर्भर होना जरूरी होगा और एक सक्षम मेडिकल बोर्ड मरीज की स्थिति को देखकर ही इस कवरेज को जारी रखने की मंजूरी देगा।
अस्वीकरण: यह केवल सामान्य जानकारी और स्वास्थ्य जागरूकता के उद्देश्य से तैयार किया गया है। सीजीएचएस (CGHS) के नियम, पात्रता, बीमारियों की सूची और आवेदन प्रक्रिया में समय-समय पर बदलाव हो सकते हैं। किसी भी स्वास्थ्य योजना का लाभ लेने या आवेदन करने से पहले स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट (cghs.nic.in) या अपने विभाग के संबंधित अधिकारी से नवीनतम जानकारी जरूर प्राप्त करें। किसी भी चिकित्सीय आपातस्थिति में अपने डॉक्टर से सलाह लें।
संशोधित नियमों के अनुसार, ऐसे योग्य आश्रितों को उनकी गंभीर बीमारी के इलाज के लिए जिंदगी भर सरकारी मदद मिलती रहेगी। सबसे खास बात यह है कि अब शादी हो जाने पर भी ऐसे मामलों में सीजीएचएस (CGHS) के फायदे बंद नहीं किए जाएंगे। हालांकि, इसका फायदा उठाने के लिए परिवार पर आर्थिक रूप से निर्भर होना जरूरी होगा और एक सक्षम मेडिकल बोर्ड मरीज की स्थिति को देखकर ही इस कवरेज को जारी रखने की मंजूरी देगा।
उम्र और शादी की शर्तों में मिली बड़ी छूट
पहले के नियमों के मुताबिक, अविवाहित आश्रित बेटों को 25 साल की उम्र तक ही सीजीएचएस का लाभ मिलता था, जब तक कि वे किसी स्थायी विकलांगता के शिकार न हों। इसी तरह, आश्रित भाइयों के लिए यह उम्र सीमा 18 साल तय थी। लेकिन नए नियमों के तहत गंभीर या जानलेवा बीमारियों से पीड़ित योग्य आश्रित बेटों और भाइयों के लिए उम्र और वैवाहिक स्थिति की शर्तों को हटाकर बड़ी राहत दी गई है।You may also like
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किन गंभीर बीमारियों को किया गया शामिल?
सरकार ने साफ किया है कि इन नए प्रावधानों का मकसद उन बीमारियों के इलाज में मदद करना है जो किसी इंसान के दैनिक जीवन या खुद कमाकर खाने की क्षमता को पूरी तरह प्रभावित कर देती हैं। इसमें ये बीमारियां शामिल हैं:- गंभीर या जानलेवा कैंसर (Cancers)
- न्यूरोलॉजी से जुड़ी बड़ी और गंभीर बीमारियां
- शरीर के मुख्य अंगों का काम बंद होना (End-stage organ ailments) जिनमें लंबे समय तक इलाज या सपोर्ट की जरूरत होती है
- गंभीर जन्मजात या आनुवंशिक (Congenital or genetic) बीमारियां
- अन्य गंभीर, पुरानी या शरीर के कई अंगों को प्रभावित करने वाली क्रॉनिक बीमारियां
कैसे तय होगी आपकी पात्रता?
आजीवन सीजीएचएस का लाभ हर बीमारी या स्थिति में अपने आप नहीं मिलेगा। पात्रता का फैसला हर केस की अलग-अलग जांच करके किया जाएगा। इसमें बीमारी की गंभीरता, वह कितने समय से है, मरीज के रोजमर्रा के कामकाज पर उसका कितना असर पड़ रहा है और वह परिवार पर कितना निर्भर है, इन सब बातों को देखा जाएगा। अगर बीमारी बहुत जटिल है, तो विशेषज्ञ डॉक्टर मरीज की सेहत और काम करने की क्षमता का मूल्यांकन करेंगे।मेडिकल बोर्ड की मूल्यांकन प्रक्रिया
क्षेत्रीय स्तर पर गठित मेडिकल बोर्ड सीजीएचएस लाभार्थियों की पात्रता की जांच करेंगे और अपनी सिफारिश देंगे। अगर कोई लाभार्थी मेडिकल बोर्ड के फैसले से सहमत नहीं होता है, तो वह सीजीएचएस मुख्यालय में स्थित 'अपीलेट मेडिकल बोर्ड' (Appellate Medical Board) में अपील कर सकता है। वहीं, सेंट्रल सर्विसेज (मेडिकल अटेंडेंस) रूल्स के तहत आने वाले लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) पात्रता तय करेगा।नए नियमों से जुड़ी मुख्य बातें
नए नियमों की एक अहम बात यह है कि योग्य आश्रित बेटे या भाई की शादी होने के बाद भी उनके सीजीएचएस फायदे बंद नहीं होंगे। हालांकि, यह छूट केवल उस आश्रित बेटे या भाई तक ही सीमित रहेगी। उनकी पत्नी या बच्चों को खुद-ब-खुद सीजीएचएस के फायदे नहीं मिलेंगे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इससे सीजीएचएस के तहत 'परिवार' की परिभाषा नहीं बदली है।स्वास्थ्य मंत्रालय समय-समय पर करेगा समीक्षा
स्वास्थ्य मंत्रालय ने जोर देकर कहा है कि आजीवन लाभ के लिए तय किए गए मेडिकल मानकों और बीमारियों की सूची की समय-समय पर सीजीएचएस बोर्ड और चिकित्सा विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाएगी। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य उन आश्रितों को बिना किसी रुकावट के लगातार इलाज मुहैया कराना है जो गंभीर बीमारियों के कारण लंबे समय से अपने परिवार पर निर्भर हैं।अस्वीकरण: यह केवल सामान्य जानकारी और स्वास्थ्य जागरूकता के उद्देश्य से तैयार किया गया है। सीजीएचएस (CGHS) के नियम, पात्रता, बीमारियों की सूची और आवेदन प्रक्रिया में समय-समय पर बदलाव हो सकते हैं। किसी भी स्वास्थ्य योजना का लाभ लेने या आवेदन करने से पहले स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट (cghs.nic.in) या अपने विभाग के संबंधित अधिकारी से नवीनतम जानकारी जरूर प्राप्त करें। किसी भी चिकित्सीय आपातस्थिति में अपने डॉक्टर से सलाह लें।





