Milk vs Dark Chocolate: वजन घटाने और दिल की सेहत के लिए कौन सी चॉकलेट है बेहतर

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चॉकलेट का नाम सुनते ही चेहरे पर मुस्कान आ जाना स्वाभाविक है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, यह मीठा व्यंजन हर उम्र के व्यक्ति का पसंदीदा रहा है। हालांकि, स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता के कारण अक्सर लोग इस बात को लेकर असमंजस में रहते हैं कि कौन सी चॉकलेट खानी चाहिए और कौन सी नहीं। क्या चॉकलेट केवल एक 'गिल्टी प्लेजर' है या इसके कुछ वास्तविक स्वास्थ्य लाभ भी हैं। हार्वर्ड से प्रशिक्षित डॉक्टर सौरभ सेठी के शोध और सुझावों के आधार पर, यह समझना आसान हो जाता है कि बाजार में उपलब्ध चॉकलेट की लंबी कतार में से सेहत के लिए सबसे बेहतर विकल्प कौन सा है।
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1. नट्स से भरपूर डार्क चॉकलेट

डॉक्टर सेठी के अनुसार, अगर किसी चॉकलेट को पूर्ण अंक दिए जा सकते हैं, तो वह है 'नट्स कोटेड डार्क चॉकलेट'। यह न केवल स्वाद में लाजवाब होती है, बल्कि सेहत का खजाना भी है। इसमें मौजूद डार्क चॉकलेट एंटी-ऑक्सीडेंट्स देती है, जबकि नट्स जैसे बादाम या अखरोट प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट्स की कमी को पूरा करते हैं। यह संयोजन शरीर में ब्लड शुगर के स्तर को अचानक बढ़ने से रोकने में भी मदद करता है।

2. डार्क चॉकलेट

साधारण डार्क चॉकलेट को स्वास्थ्य के लिहाज से दूसरा सबसे अच्छा स्थान दिया गया है। इसमें फ्लेवोनोइड्स की प्रचुर मात्रा होती है। ये तत्व हृदय की धमनियों को स्वस्थ रखने और मस्तिष्क की कार्यक्षमता बढ़ाने में सहायक होते हैं। डार्क चॉकलेट में चीनी की मात्रा बहुत कम होती है, जो इसे फिटनेस के शौकीनों के लिए एक आदर्श विकल्प बनाती है।

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3. मिल्क चॉकलेट

मिल्क चॉकलेट अपनी मिठास और क्रीमी टेक्सचर के लिए जानी जाती है, लेकिन स्वास्थ्य के नजरिए से इसे रोजाना खाने की सलाह नहीं दी जाती। इसमें कोको की मात्रा कम और चीनी के साथ-साथ दूध के ठोस पदार्थों की मात्रा अधिक होती है। डॉक्टर सेठी के मुताबिक, इसे केवल कभी-कभार स्वाद के लिए ही खाना चाहिए।

4. नट्स वाली मिल्क चॉकलेट

अक्सर लोग यह सोचकर नट्स वाली मिल्क चॉकलेट खरीदते हैं कि इसमें मेवे होने के कारण यह हेल्दी होगी। हालांकि, इसमें मौजूद चीनी और कैलोरी की उच्च मात्रा मेवों के लाभ को कम कर देती है। इसलिए, इसे भी एक अनहेल्दी श्रेणी में ही रखा जाता है।


5. व्हाइट चॉकलेट

व्हाइट चॉकलेट को लेकर विशेषज्ञों की राय काफी सख्त है। तकनीकी रूप से इसमें कोको पाउडर नहीं होता, बल्कि केवल कोकोआ बटर और चीनी का मिश्रण होता है। इसमें एंटी-ऑक्सीडेंट्स का पूर्ण अभाव होता है, जिस कारण इसे सेहत के लिए फायदेमंद नहीं माना जा सकता।

6. अल्ट्रा प्रोसेस्ड चॉकलेट

बाजार में मिलने वाली ऐसी चॉकलेट जिनमें हाई रिफाइंड ऑयल, आर्टिफिशियल फ्लेवर और एडिटिव्स का इस्तेमाल किया जाता है, स्वास्थ्य के लिए सबसे बड़ी दुश्मन हैं। ये न केवल वजन बढ़ाती हैं, बल्कि पाचन तंत्र और मेटाबॉलिज्म को भी गंभीर नुकसान पहुँचा सकती हैं।

चॉकलेट का चुनाव करते समय पैकेट के पीछे लिखी सामग्री को पढ़ना अत्यंत आवश्यक है। कोको की अधिक मात्रा और कम से कम चीनी वाला विकल्प ही शरीर को लाभ पहुँचा सकता है। स्वस्थ जीवनशैली के लिए नट्स वाली डार्क चॉकलेट का सेवन एक बेहतर और संतुलित कदम साबित हो सकता है।



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