ICMR Study on Cholesterol: देश में हर 10 में से 9 वयस्क खराब कोलेस्ट्रॉल के शिकार, जानिए क्या कहती है आईसीएमआर की नई रिपोर्ट
भारत में दिल की बीमारियों और स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को लेकर एक बेहद परेशान करने वाली रिपोर्ट सामने आई है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च यानी ICMR की एक नई स्टडी के मुताबिक, भारत में तकरीबन 10 में से 9 वयस्क लोग अब्नॉर्मल कोलेस्ट्रॉल लेवल की समस्या से जूझ रहे हैं। यह स्थिति देश में सेहत के मोर्चे पर एक बड़े संकट की तरफ इशारा करती है। अध्ययन में यह साफ़ तौर पर देखा गया है कि हमारे समाज में Bad Cholesterol Crisis कितनी तेज़ी से पैर पसार रहा है, जिससे लोगों में दिल के दौरे यानी हार्ट अटैक का खतरा पहले के मुकाबले बहुत ज्यादा बढ़ गया है।
क्या कहते हैं आईसीएमआर स्टडी के चौंकाने वाले आंकड़े
इस विस्तृत शोध में शामिल शोधकर्ताओं ने देश के अलग-अलग हिस्सों से आंकड़े जुटाए हैं, जिसके नतीजे सचमुच आंखें खोलने वाले हैं। इस ICMR Study के आंकड़ों के अनुसार, भारत की लगभग 89 प्रतिशत वयस्क आबादी का लिपिड प्रोफाइल पूरी तरह बिगड़ा हुआ है। इसका मतलब यह है कि देश के एक बहुत बड़े हिस्से के शरीर में या तो खराब कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बहुत अधिक है, या फिर सेहत के लिए अच्छा माना जाने वाला गुड कोलेस्ट्रॉल बेहद कम हो चुका है। शहरी इलाकों के साथ-साथ अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी यह Abnormal Cholesterol Levels एक गंभीर महामारी का रूप लेता जा रहा है।
खराब जीवनशैली और गलत खानपान है मुख्य वजह
विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीयों में इस कदर बढ़ रहे हाई कोलेस्ट्रॉल की सबसे बड़ी वजह हमारी बदलती जीवनशैली और खानपान की गलत आदतें हैं। आज के समय में लोग शारीरिक रूप से काफी कम सक्रिय रहते हैं और उनके भोजन में रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट, जंक फूड और ट्रांस फैट की मात्रा बहुत ज्यादा बढ़ गई है। यह असंतुलित आहार सीधे तौर पर शरीर में Bad Cholesterol Crisis को बढ़ावा देता है। डॉक्टरों का कहना है कि लोग स्वाद के चक्कर में यह भूल जाते हैं कि उनका यह तरीका सीधे उनके दिल की धमनियों को नुकसान पहुंचा रहा है।
दिल की बीमारियों का बढ़ रहा है सीधा खतरा
शरीर में वसा यानी लिपिड का यह असंतुलन सिर्फ एक सामान्य रिपोर्ट की गड़बड़ी नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर जानलेवा बीमारियों को न्योता देता है। जब खून में इस तरह से Abnormal Cholesterol Levels लंबे समय तक बना रहता है, तो यह धमनियों में जमा होने लगता है जिससे ब्लड सर्कुलेशन में रुकावट आती है। यही कारण है कि आज भारत में बेहद कम उम्र के युवाओं में भी दिल से जुड़ी बीमारियां और स्ट्रोक के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं। इस संकट से निपटने के लिए लोगों को अपनी सेहत के प्रति तुरंत जागरूक होने की सख्त ज़रूरत है।
बचाव के लिए विशेषज्ञों ने क्या दी सलाह
इस स्वास्थ्य संकट से बचने के लिए हेल्थ और वेलनेस एक्सपर्ट्स ने कुछ बेहद ज़रूरी सुझाव दिए हैं। उनका कहना है कि हर व्यक्ति को 20 साल की उम्र के बाद से ही समय-समय पर अपना लिपिड प्रोफाइल टेस्ट जरूर करवाना चाहिए ताकि शरीर में छिपे इस साइलेंट किलर का पता लगाया जा सके। इसके साथ ही अपने दैनिक जीवन में रोजाना कम से कम 30 मिनट का व्यायाम शामिल करना, हरी पत्तेदार सब्जियां खाना और रिफाइंड तेल व बाहरी खाने से दूरी बनाना बेहद जरूरी है। अपनी आदतों में यह छोटा सा सुधार करके ही हम देश में बढ़ते इस Bad Cholesterol Crisis को रोकने में कामयाब हो सकते हैं।
क्या कहते हैं आईसीएमआर स्टडी के चौंकाने वाले आंकड़े
इस विस्तृत शोध में शामिल शोधकर्ताओं ने देश के अलग-अलग हिस्सों से आंकड़े जुटाए हैं, जिसके नतीजे सचमुच आंखें खोलने वाले हैं। इस ICMR Study के आंकड़ों के अनुसार, भारत की लगभग 89 प्रतिशत वयस्क आबादी का लिपिड प्रोफाइल पूरी तरह बिगड़ा हुआ है। इसका मतलब यह है कि देश के एक बहुत बड़े हिस्से के शरीर में या तो खराब कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बहुत अधिक है, या फिर सेहत के लिए अच्छा माना जाने वाला गुड कोलेस्ट्रॉल बेहद कम हो चुका है। शहरी इलाकों के साथ-साथ अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी यह Abnormal Cholesterol Levels एक गंभीर महामारी का रूप लेता जा रहा है।
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खराब जीवनशैली और गलत खानपान है मुख्य वजह
विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीयों में इस कदर बढ़ रहे हाई कोलेस्ट्रॉल की सबसे बड़ी वजह हमारी बदलती जीवनशैली और खानपान की गलत आदतें हैं। आज के समय में लोग शारीरिक रूप से काफी कम सक्रिय रहते हैं और उनके भोजन में रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट, जंक फूड और ट्रांस फैट की मात्रा बहुत ज्यादा बढ़ गई है। यह असंतुलित आहार सीधे तौर पर शरीर में Bad Cholesterol Crisis को बढ़ावा देता है। डॉक्टरों का कहना है कि लोग स्वाद के चक्कर में यह भूल जाते हैं कि उनका यह तरीका सीधे उनके दिल की धमनियों को नुकसान पहुंचा रहा है।
दिल की बीमारियों का बढ़ रहा है सीधा खतरा
शरीर में वसा यानी लिपिड का यह असंतुलन सिर्फ एक सामान्य रिपोर्ट की गड़बड़ी नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर जानलेवा बीमारियों को न्योता देता है। जब खून में इस तरह से Abnormal Cholesterol Levels लंबे समय तक बना रहता है, तो यह धमनियों में जमा होने लगता है जिससे ब्लड सर्कुलेशन में रुकावट आती है। यही कारण है कि आज भारत में बेहद कम उम्र के युवाओं में भी दिल से जुड़ी बीमारियां और स्ट्रोक के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं। इस संकट से निपटने के लिए लोगों को अपनी सेहत के प्रति तुरंत जागरूक होने की सख्त ज़रूरत है।
बचाव के लिए विशेषज्ञों ने क्या दी सलाह
इस स्वास्थ्य संकट से बचने के लिए हेल्थ और वेलनेस एक्सपर्ट्स ने कुछ बेहद ज़रूरी सुझाव दिए हैं। उनका कहना है कि हर व्यक्ति को 20 साल की उम्र के बाद से ही समय-समय पर अपना लिपिड प्रोफाइल टेस्ट जरूर करवाना चाहिए ताकि शरीर में छिपे इस साइलेंट किलर का पता लगाया जा सके। इसके साथ ही अपने दैनिक जीवन में रोजाना कम से कम 30 मिनट का व्यायाम शामिल करना, हरी पत्तेदार सब्जियां खाना और रिफाइंड तेल व बाहरी खाने से दूरी बनाना बेहद जरूरी है। अपनी आदतों में यह छोटा सा सुधार करके ही हम देश में बढ़ते इस Bad Cholesterol Crisis को रोकने में कामयाब हो सकते हैं।





