डेस्क जॉब वालों के लिए हेल्थ गाइड: पीठ दर्द और मोटापे से ऐसे बचें
आज के डिजिटल युग में अधिकांश लोगों की नौकरियां कंप्यूटर स्क्रीन के सामने बैठकर बीतती हैं। लगातार 8 से 9 घंटे एक ही जगह बैठे रहने की इस लाइफस्टाइल को 'सिटिंग डिजीज' का नाम दिया गया है। डेस्क जॉब करने वाले लोगों में पीठ दर्द, गर्दन में अकड़न, मोटापा और कमजोर मेटाबॉलिज्म की समस्याएं आम हो चुकी हैं। लेकिन कुछ आसान बदलावों से आप इन खतरों से बच सकते हैं।
सबसे पहले अपनी बैठने की पोजीशन यानी पोस्चर (Posture) पर ध्यान दें। काम करते समय आपकी रीढ़ की हड्डी सीधी होनी चाहिए और कंप्यूटर का स्क्रीन आपकी आंखों के समानांतर (Eye Level) होना चाहिए। झुककर बैठने से रीढ़ की हड्डी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जो बाद में स्लिप डिस्क या साइटिका का कारण बन सकता है। एक एर्गोनोमिक कुर्सी का उपयोग करें जो आपकी पीठ के निचले हिस्से को सहारा दे।
दूसरा उपाय है '20-20-20' का नियम अपनाना और हर घंटे थोड़ा ब्रेक लेना। लगातार स्क्रीन देखने से आंखों पर तनाव बढ़ता है। इसलिए हर 20 मिनट में 20 फीट दूर किसी वस्तु को 20 सेकंड के लिए देखें। साथ ही, हर एक घंटे की सीटिंग के बाद 5 मिनट के लिए उठें, थोड़ा स्ट्रेच करें या पानी पीने के बहाने वॉक करें। यह आपके ब्लड सर्कुलेशन को धीमा होने से रोकता है।
मोटापे से बचने के लिए अपनी डेस्क स्नैकिंग की आदतों को बदलें। काम के तनाव में लोग अक्सर चिप्स, बिस्कुट या अत्यधिक चाय-कॉफी का सेवन करने लगते हैं। इसकी जगह अपने पास भुने हुए चने, मखाने, फल या ग्रीन टी रखें। यह आपको बिना कैलोरी बढ़ाए तृप्त रखेंगे।
घर पर या ऑफिस के बाद रोजाना कम से कम 30 मिनट का व्यायाम या योग जरूर करें। भुजंगासन, मार्जरासन (कैट-काउ पोज़) जैसे योगासन पीठ के दर्द को कम करने के लिए बेहतरीन हैं। लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का इस्तेमाल करना भी आपकी इस सुस्त लाइफस्टाइल को एक्टिव बना सकता है।
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सबसे पहले अपनी बैठने की पोजीशन यानी पोस्चर (Posture) पर ध्यान दें। काम करते समय आपकी रीढ़ की हड्डी सीधी होनी चाहिए और कंप्यूटर का स्क्रीन आपकी आंखों के समानांतर (Eye Level) होना चाहिए। झुककर बैठने से रीढ़ की हड्डी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जो बाद में स्लिप डिस्क या साइटिका का कारण बन सकता है। एक एर्गोनोमिक कुर्सी का उपयोग करें जो आपकी पीठ के निचले हिस्से को सहारा दे।
दूसरा उपाय है '20-20-20' का नियम अपनाना और हर घंटे थोड़ा ब्रेक लेना। लगातार स्क्रीन देखने से आंखों पर तनाव बढ़ता है। इसलिए हर 20 मिनट में 20 फीट दूर किसी वस्तु को 20 सेकंड के लिए देखें। साथ ही, हर एक घंटे की सीटिंग के बाद 5 मिनट के लिए उठें, थोड़ा स्ट्रेच करें या पानी पीने के बहाने वॉक करें। यह आपके ब्लड सर्कुलेशन को धीमा होने से रोकता है।
मोटापे से बचने के लिए अपनी डेस्क स्नैकिंग की आदतों को बदलें। काम के तनाव में लोग अक्सर चिप्स, बिस्कुट या अत्यधिक चाय-कॉफी का सेवन करने लगते हैं। इसकी जगह अपने पास भुने हुए चने, मखाने, फल या ग्रीन टी रखें। यह आपको बिना कैलोरी बढ़ाए तृप्त रखेंगे।
घर पर या ऑफिस के बाद रोजाना कम से कम 30 मिनट का व्यायाम या योग जरूर करें। भुजंगासन, मार्जरासन (कैट-काउ पोज़) जैसे योगासन पीठ के दर्द को कम करने के लिए बेहतरीन हैं। लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का इस्तेमाल करना भी आपकी इस सुस्त लाइफस्टाइल को एक्टिव बना सकता है।









