South Korea में Humanoid Robot बना बौद्ध भिक्षु, तस्वीरें हुईं वायरल
दक्षिण कोरिया से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने दुनियाभर का ध्यान खींच लिया है। वहां एक humanoid robot को बौद्ध भिक्षु के रूप में दीक्षा दी गई है। यह अनोखा कार्यक्रम सियोल के Jogyesa Temple में आयोजित हुआ, जहां रोबोट ने पारंपरिक बौद्ध समारोह में हिस्सा लिया। इस घटना के बाद South Korea robot monk और humanoid robot monk जैसे विषय सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आ गए हैं।
इस humanoid robot का नाम गाबी बताया गया है। गाबी को दक्षिण कोरिया के सबसे बड़े बौद्ध संप्रदाय Jogye Order ने एक विशेष बौद्ध दीक्षा समारोह में शामिल किया। समारोह के दौरान रोबोट को पारंपरिक वस्त्र पहनाए गए, उसके गले में प्रार्थना की माला डाली गई और उसे औपचारिक रूप से भिक्षु जीवन से जोड़ा गया। यही वजह है कि South Korea humanoid robot monk की यह खबर इतनी तेजी से वायरल हुई।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस पहल के पीछे मकसद सिर्फ तकनीक का प्रदर्शन नहीं था। दक्षिण कोरिया में युवाओं के बीच बौद्ध धर्म से जुड़ाव लगातार कम होता जा रहा है। ऐसे में Jogye Order तकनीक के जरिए नई पीढ़ी को मंदिरों और बौद्ध परंपराओं से जोड़ने की कोशिश कर रहा है।
इसी सोच के तहत humanoid robot गाबी को सामने लाया गया। माना जा रहा है कि यह पहल धर्म और तकनीक के बीच एक नया संवाद शुरू करने की कोशिश है।
6 मई 2026 को हुए इस समारोह में गाबी ने अन्य भिक्षुओं की तरह अनुष्ठान में हिस्सा लिया। रोबोट को पांच विशेष बौद्ध नियम भी दिए गए, जिन्हें उसकी तकनीकी प्रकृति के हिसाब से थोड़ा बदला गया था।
रिपोर्ट्स के अनुसार, इनमें नुकसान न पहुंचाना, धोखा न देना, अनादर न करना और “overcharging” से बचना जैसे सिद्धांत शामिल थे। यह पहल इसलिए भी चर्चा में रही क्योंकि पहली बार किसी humanoid robot को इस तरह आध्यात्मिक प्रतीकों से जोड़ा गया।

South Korea robot monk की तस्वीरें और वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं तेज हो गईं। कई लोगों ने इसे भविष्य की झलक बताया, तो कुछ ने इसे तकनीक और धर्म का बेहद अनोखा मेल माना।
दरअसल, एक तरफ जहां AI और robotics तेजी से रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन रहे हैं, वहीं अब उनका धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में दिखना लोगों के लिए नई बात है। यही वजह है कि humanoid robot monk गाबी दुनिया भर में जिज्ञासा का विषय बन गया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, गाबी अब आने वाले बौद्ध आयोजनों में भी हिस्सा ले सकता है। खासतौर पर दक्षिण कोरिया के प्रसिद्ध Lotus Lantern Festival से पहले इसे एक प्रतीकात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है।
हालांकि गाबी किसी इंसानी भिक्षु की तरह आध्यात्मिक मार्गदर्शन देने की स्थिति में नहीं है, लेकिन उसका उद्देश्य लोगों का ध्यान मंदिरों और बौद्ध परंपराओं की ओर आकर्षित करना है। फिलहाल यही इस robot monk की सबसे बड़ी भूमिका मानी जा रही है।
कौन है यह humanoid robot monk
इस humanoid robot का नाम गाबी बताया गया है। गाबी को दक्षिण कोरिया के सबसे बड़े बौद्ध संप्रदाय Jogye Order ने एक विशेष बौद्ध दीक्षा समारोह में शामिल किया। समारोह के दौरान रोबोट को पारंपरिक वस्त्र पहनाए गए, उसके गले में प्रार्थना की माला डाली गई और उसे औपचारिक रूप से भिक्षु जीवन से जोड़ा गया। यही वजह है कि South Korea humanoid robot monk की यह खबर इतनी तेजी से वायरल हुई।

आखिर ऐसा क्यों किया गया
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस पहल के पीछे मकसद सिर्फ तकनीक का प्रदर्शन नहीं था। दक्षिण कोरिया में युवाओं के बीच बौद्ध धर्म से जुड़ाव लगातार कम होता जा रहा है। ऐसे में Jogye Order तकनीक के जरिए नई पीढ़ी को मंदिरों और बौद्ध परंपराओं से जोड़ने की कोशिश कर रहा है।
इसी सोच के तहत humanoid robot गाबी को सामने लाया गया। माना जा रहा है कि यह पहल धर्म और तकनीक के बीच एक नया संवाद शुरू करने की कोशिश है।
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दीक्षा समारोह में क्या हुआ
6 मई 2026 को हुए इस समारोह में गाबी ने अन्य भिक्षुओं की तरह अनुष्ठान में हिस्सा लिया। रोबोट को पांच विशेष बौद्ध नियम भी दिए गए, जिन्हें उसकी तकनीकी प्रकृति के हिसाब से थोड़ा बदला गया था।
रिपोर्ट्स के अनुसार, इनमें नुकसान न पहुंचाना, धोखा न देना, अनादर न करना और “overcharging” से बचना जैसे सिद्धांत शामिल थे। यह पहल इसलिए भी चर्चा में रही क्योंकि पहली बार किसी humanoid robot को इस तरह आध्यात्मिक प्रतीकों से जोड़ा गया।

सोशल मीडिया पर क्यों हो रही है इतनी चर्चा
South Korea robot monk की तस्वीरें और वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं तेज हो गईं। कई लोगों ने इसे भविष्य की झलक बताया, तो कुछ ने इसे तकनीक और धर्म का बेहद अनोखा मेल माना।
दरअसल, एक तरफ जहां AI और robotics तेजी से रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन रहे हैं, वहीं अब उनका धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में दिखना लोगों के लिए नई बात है। यही वजह है कि humanoid robot monk गाबी दुनिया भर में जिज्ञासा का विषय बन गया है।

आगे क्या करेगा यह robot monk
रिपोर्ट्स के मुताबिक, गाबी अब आने वाले बौद्ध आयोजनों में भी हिस्सा ले सकता है। खासतौर पर दक्षिण कोरिया के प्रसिद्ध Lotus Lantern Festival से पहले इसे एक प्रतीकात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है।
हालांकि गाबी किसी इंसानी भिक्षु की तरह आध्यात्मिक मार्गदर्शन देने की स्थिति में नहीं है, लेकिन उसका उद्देश्य लोगों का ध्यान मंदिरों और बौद्ध परंपराओं की ओर आकर्षित करना है। फिलहाल यही इस robot monk की सबसे बड़ी भूमिका मानी जा रही है।









