PM Shram Yogi Maandhan Yojana: जानिए कैसे मिलेगी ₹3,000 की मासिक पेंशन
उम्र बढ़ने के साथ जब काम करने की क्षमता कम हो जाती है और कमाई का नियमित जरिया नहीं रहता, तब रोजाना के खर्चे चलाना काफी मुश्किल हो जाता है। अगर बुढ़ापे में हर महीने एक तय आय मिलती रहे, तो जिंदगी आसान हो जाती है। दिहाड़ी मजदूरों, रेहड़ी-पटरी वालों, रिक्शा चालकों, घरेलू कामगारों और असंगठित क्षेत्र के अन्य श्रमिकों के लिए यह चिंता और भी बड़ी होती है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार पीएम श्रम योगी मानधन योजना (PMSYM) चला रही है।
इस सरकारी पेंशन योजना के तहत पात्र व्यक्ति को अपनी उम्र के हिसाब से हर महीने ₹55 से लेकर ₹200 तक का योगदान करना होता है। अगर देखा जाए तो यह रोजाना का लगभग ₹2 से ₹7 का मामूली खर्च है। सबसे खास बात यह है कि जितना योगदान लाभार्थी करता है, उतनी ही बराबर राशि केंद्र सरकार भी उसके पेंशन खाते में जमा करती है। जब लाभार्थी की उम्र 60 वर्ष पूरी हो जाती है, तो उसे हर महीने ₹3,000 की पक्की पेंशन मिलने लगती है।
क्या है पीएम श्रम योगी मानधन योजना?
पीएम श्रम योगी मानधन योजना मुख्य रूप से असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए बनाई गई एक स्वैच्छिक पेंशन स्कीम है। इसे साल 2019 में शुरू किया गया था। इस योजना में शामिल होने वाले लोगों को 60 साल की उम्र के बाद नियमित पेंशन मिलती है। इसमें 50:50 का पार्टनरशिप मॉडल काम करता है, यानी अगर आप ₹100 जमा करते हैं, तो सरकार भी आपके खाते में ₹100 ही डालेगी।
योजना का लाभ किसे मिल सकता है?
इस योजना से जुड़ने के लिए कुछ शर्तें तय की गई हैं:
कुछ श्रेणियों के लोगों को इस योजना से बाहर रखा गया है:
मासिक योगदान की राशि इस बात पर निर्भर करती है कि आप किस उम्र में योजना से जुड़ रहे हैं। कम उम्र में जुड़ने पर प्रीमियम कम देना पड़ता है, जबकि अधिक उम्र में जुड़ने पर योगदान राशि बढ़ जाती है। उदाहरण के तौर पर:
योजना के नियमों के मुताबिक, अगर लाभार्थी 60 साल की उम्र तक नियमित रूप से अपनी किस्त जमा करता रहता है, तो उसे 60 वर्ष पूरे होते ही हर महीने ₹3,000 की न्यूनतम guaranteed पेंशन मिलने लगती है। इससे बुढ़ापे में जब शरीर काम करने लायक नहीं रहता, तब भी जीवन यापन के लिए एक सहारा बना रहता है।
रजिस्ट्रेशन कैसे कराएं?
अगर आप इस योजना के लिए पात्र हैं, तो आवेदन करना बेहद आसान है:
इस सरकारी पेंशन योजना के तहत पात्र व्यक्ति को अपनी उम्र के हिसाब से हर महीने ₹55 से लेकर ₹200 तक का योगदान करना होता है। अगर देखा जाए तो यह रोजाना का लगभग ₹2 से ₹7 का मामूली खर्च है। सबसे खास बात यह है कि जितना योगदान लाभार्थी करता है, उतनी ही बराबर राशि केंद्र सरकार भी उसके पेंशन खाते में जमा करती है। जब लाभार्थी की उम्र 60 वर्ष पूरी हो जाती है, तो उसे हर महीने ₹3,000 की पक्की पेंशन मिलने लगती है।
क्या है पीएम श्रम योगी मानधन योजना?
पीएम श्रम योगी मानधन योजना मुख्य रूप से असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए बनाई गई एक स्वैच्छिक पेंशन स्कीम है। इसे साल 2019 में शुरू किया गया था। इस योजना में शामिल होने वाले लोगों को 60 साल की उम्र के बाद नियमित पेंशन मिलती है। इसमें 50:50 का पार्टनरशिप मॉडल काम करता है, यानी अगर आप ₹100 जमा करते हैं, तो सरकार भी आपके खाते में ₹100 ही डालेगी।
योजना का लाभ किसे मिल सकता है?
इस योजना से जुड़ने के लिए कुछ शर्तें तय की गई हैं:
- आवेदक की उम्र 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- आवेदक की मासिक कमाई ₹15,000 या उससे कम होनी चाहिए।
- घरेलू कामगार, रेहड़ी-पटरी वाले, रिक्शा चालक, भूमिहीन कृषि मजदूर, बीड़ी मजदूर, हथकरघा कामगार, चमड़ा उद्योग में काम करने वाले और असंगठित क्षेत्र के अन्य सभी मजदूर इसके पात्र हैं।
कुछ श्रेणियों के लोगों को इस योजना से बाहर रखा गया है:
- जो लोग पहले से ईपीएफओ (EPFO), ईएसआईसी (ESIC) या सरकार द्वारा योगदान की जाने वाली एनपीएस (NPS) जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के दायरे में आते हैं, वे इसमें शामिल नहीं हो सकते।
- आयकर (Income Tax) देने वाले नागरिक भी इस योजना का फायदा नहीं उठा सकते हैं।
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मासिक योगदान की राशि इस बात पर निर्भर करती है कि आप किस उम्र में योजना से जुड़ रहे हैं। कम उम्र में जुड़ने पर प्रीमियम कम देना पड़ता है, जबकि अधिक उम्र में जुड़ने पर योगदान राशि बढ़ जाती है। उदाहरण के तौर पर:
- अगर आप 18 साल की उम्र में योजना में शामिल होते हैं, तो आपको हर महीने सिर्फ ₹55 जमा करने होंगे।
- अगर आप 40 साल की उम्र में जुड़ते हैं, तो आपको हर महीने ₹200 का योगदान देना होगा।
- यह पूरा पैसा आपके 60 साल पूरे होने तक जमा होता है और बाद में यही आपकी पेंशन का आधार बनता है।
योजना के नियमों के मुताबिक, अगर लाभार्थी 60 साल की उम्र तक नियमित रूप से अपनी किस्त जमा करता रहता है, तो उसे 60 वर्ष पूरे होते ही हर महीने ₹3,000 की न्यूनतम guaranteed पेंशन मिलने लगती है। इससे बुढ़ापे में जब शरीर काम करने लायक नहीं रहता, तब भी जीवन यापन के लिए एक सहारा बना रहता है।
रजिस्ट्रेशन कैसे कराएं?
अगर आप इस योजना के लिए पात्र हैं, तो आवेदन करना बेहद आसान है:
- आप अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC) जाकर पीएम श्रम योगी मानधन योजना के लिए रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं।
- इसके लिए आपके पास आधार कार्ड और बचत बैंक खाता या जनधन खाता होना जरूरी है।
- रजिस्ट्रेशन के बाद आपकी हर महीने की किस्त आपके बैंक खाते से अपने आप कटती (Auto-debit) रहती है।
- अगर आप चाहें तो मानधन पोर्टल के जरिए खुद भी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।





